बिहार सरकार राज्य की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुट गई है. इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने 5 सदस्यीय विशेष समिति का गठन करने का फैसला लिया है. इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर […]
By UB India News • Patna, Bihar सोमवार, 24 अगस्त 2026, 05:24 AM • 2 मिनट read
बिहार सरकार राज्य की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुट गई है. इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने 5 सदस्यीय विशेष समिति का गठन करने का फैसला लिया है. इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.
यह विशेष समिति अगले 3 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें और अनुशंसाएं सरकार को सौंपेगी. समिति के समीक्षा दायरे में राज्य की माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं से लेकर सभी तरह की भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल होंगी.
सुधार के मुख्य बिंदु:
- धांधली पर रोक: प्रश्न-पत्र लीक, नकल और परीक्षाओं में होने वाली किसी भी हेराफेरी को रोकने के कड़े उपायों की समीक्षा की जाएगी.
- तकनीक का इस्तेमाल: परीक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और मजबूत साइबर सुरक्षा को लागू करने पर विशेष जोर रहेगा.
- सुरक्षित ट्रैकिंग: प्रश्न-पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था की जांच होगी.
- निगरानी और बायोमेट्रिक: केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन और सीसीटीवी (CCTV) निगरानी को और ज्यादा असरदार बनाया जाएगा.
- डिजिटल पारदर्शिता: परीक्षा के आयोजन, मूल्यांकन से लेकर परिणाम जारी करने तक की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा.
इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है, ताकि हर प्रतिभावान छात्र को सही और पारदर्शी माहौल मिल सके.