नेपाल में एक और झील टूटने के बाद फ्लैश फ्लड की आशंका बढ़ गई है. इसी बीच बिहार में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. नारायणी नदी और वाल्मीकिनगर गंडक बैराज में पानी के प्रवाह में उतार-चढ़ाव के चलते पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है. निचले इलाकों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है.
शनिवार सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से पानी के डिस्चार्ज में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई. सुबह 4 बजे 90,600 क्यूसेक, 6 बजे 95,200 क्यूसेक और 8 बजे 99,800 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ. हालांकि बाद में प्रवाह में कमी दर्ज की गई. जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, पूर्वी चंपारण की रिपोर्ट के अनुसार शाम 8 बजे बैराज से करीब 97,500 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया.
डुमरिया घाट पर गंडक खतरे के निशान से ऊपर
पूर्वी चंपारण की जलस्तर रिपोर्ट के मुताबिक डुमरिया घाट में गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया. यहां खतरे का स्तर 62.22 मीटर है, जबकि शाम 8 बजे वास्तविक जलस्तर 62.57 मीटर दर्ज हुआ. हालांकि अन्य कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं. रिपोर्ट के अनुसार लालबकैया, ललबेगिया सिकरहना, गंडक चटिया और अहीरौलिया में जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है. प्रशासन इन नदियों के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रख रहा है.
इन जिलों में विशेष सतर्कता
नेपाल में संभावित जल प्रलय के खतरे को देखते हुए वाल्मीकिनगर से लेकर कोसी बैराज तक प्रशासन को सतर्क रखा गया है. वाल्मीकिनगर, मोतिहारी, बेतिया, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष निगरानी की जा रही है. सभी प्रमुख तटबंधों की दिन-रात निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. गंडक नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं.
मंत्री नंदकिशोर राम ने बैराज पहुंचकर लिया जायजा
बिहार सरकार के पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम ने वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पहुंचकर हालात का जायजा लिया. उन्होंने नेपाल में आई त्रासदी को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के प्रति संवेदना जताई. मंत्री ने कहा कि भगवान न करे कि बिहार को भी ऐसी त्रासदी का सामना करना पड़े. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार पूरी तरह तैयार है और मुख्यमंत्री भी हालात की जानकारी ले रहे हैं.





