आरजेडी विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव ने गुरुवार को दानापुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। वो पटना AIIMS के सिक्योरिटी ऑफिसर पर जानलेवा हमला मामले में फरार चल रहा था। दानापुर कोर्ट ने पिंकू यादव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इस दौरान कोर्ट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। आज प्रशासन कुर्की के लिए विधायक के भाई के घर पहुंचा था। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही पिंकू ने सरेंडर कर दिया।
बुधवार देर रात पुलिस ने आरजेडी विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव के घर पर छापेमारी की थी। रेड के दौरान पुलिस ने 3 बंदूक बरामद हुई थी। इनका लाइसेंस भी नहीं था। इसके अलावा 11 लाख कैश, नोट गिनने की मशीन, पुराने स्टांप पेपर, जमीन के कागजात भी छापेमारी में मिले थे।
पुलिस ने फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स भी बरामद किए हैं। इसमें पैसे के लेनदेन का जिक्र है।
पिंकू यादव पर आरोप है कि उसने 22 अगस्त 2024 को पटना AIIMS के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर पर जानलेवा हमला करवाया था। वो इस घटना के बाद से ही फरार था।
दानापुर-2 एएसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया में खगौल थाना में दर्ज केस 284/24 में कोर्ट के आदेश पर वारंट जारी हुआ था। इसी सिलसिले में पिंकू यादव उर्फ टिंकू यादव के कोठवा स्थित ठिकानों पर छापेमारी की गई है।
एएसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि
पिंकू यादव के ठिकाने से तीन बंदूक बरामद की गई है। किसी का लाइसेंस नहीं है। इसके साथ ही फाइनेंशियल डॉक्युमेंट भी मिले है। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से नोट गिनने की मशीन भी मिली है।
इससे पहले 13 नवंबर को पुलिस ने पिंकू यादव के घर पर सरेंडर करने के लिए नोटिस चिपकाया था। बुधवार देर रात पुलिस पिंकू यादव की तलाश में पहुंची थी, लेकिन वो नहीं मिला।
AIIMS के सिक्योरिटी चीफ पर गोली चलवाने का आरोप
22 अगस्त 2024 को AIIMS के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर प्रेमनाथ राय पर जानलेवा हमला किया गया था। दीघा एलिवेटेड रोड पर घर से ऑफिस जाते समय अपराधियों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जिसमें वो बाल-बाल बच गए थे।
इस मामले में दानापुर से आरजेडी के बाहुबली विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव का नाम मास्टमाइंड के रूप में सामने आया था। जिसके बाद 23 अगस्त को प्रेमनाथ राय ने खगौल थाने में लिखित आवेदन देकर शिकायत की थी। आरोप है कि पिंकू यादव AIIMS में गार्ड की नियुक्ति में अपने लोगों को रखना चाहता था।
नौकरी के नाम पर लिए गए थे 60 हजार
बताया जाता है कि इसके लिए उसने 35 लोगों से 60-60 हजार रुपए भी वसूले गए थे। वसूली की रकम के आधे पैसे पिंकू यादव को रखने थे। बाकी के पैसे का बंटवारा होना था, लेकिन AIIMS चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर के इनकार करने के बाद पिंकू यादव परेशानी बढ़ गई थी।








