बस में लगे हुए थे गहरे रंग के पर्दे
पुलिस ने बताया कि आरोपी बस में खराबी आने बाद सूरजपुर की वर्कशॉप में रिपेयरिंग के लिए लेकर गए थे और फिर खाली बस को तिमारपुर ले जा रहे थे. इसी दौरान परी चौक पर छात्रा उनको मिली. परी चौक से कश्मीरी गेट तक बस ने करीब 47 किलोमीटर का सफर तय किया और लड़की के साथ दरिंदगी की गई. बस में पर्दे लगे हुए थे, जिसके कारण किसी भी राहगीर को बस के अंदर कुछ दिखाई नहीं दिया.पूरे रास्ते उन्हें किसी भी पुलिस चेकिंग का सामना नहीं करना पड़ा और वह इस घटना को आसानी से अंजाम देकर तिमारपुर चले गए.सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ड्राइवर और कंडक्टर को अरेस्ट किया गया.इस घटना ने एक बार फिर साफ किया है कि बसों के तय किए गए नियम कागजों में ही बने हैं, अभी पूरी तरह से लागू नहीं हैं. इतने बड़े एक्सप्रेसवे पर कहीं पर भी पुलिस बैरिकेडिंग नहीं थी.
कमर्शियल बसों के लिए क्या हैं नियम
बता दें कि दिल्ली एनसीआर में ड्राइवर कंडक्टर का पुलिस सत्यापन और यूनिफॉर्म पर नेम प्लेट अनिवार्य है, लेकिन इनका पालन कितना हो रहा है, इस घटना से आप समझ सकते हैं. इसके साथ ही बसों में विजिबिलिटी रोकने पर बैन है, लेकिन इस बस में गहरे रंग के पर्दे लगे थे, जिसकी वजह से अंदर क्या हो रहा है पता नहीं चल पाया. आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद मांगने के लिए बसों में पैनिक बटन अनिवार्य है,जो कंट्रोल रूम से कनेक्ट होता है. बसों में सीसीटीवी अनिवार्य करने की बातें लंबे समय से की जा रही हैं लेकिन ये भी अभी तक सभी बसों में लागू नहीं हो पाया है. बसों की लाइव लोकेशन ट्रैक करने के लिए उसमें GPS सिस्टम भी लगाना जरूरी होता है, लेकिन अक्सर इसे लेकर भी लापरवाही बरती जा रही है.








