सरकार की नो-डिटेंशन पॉलिसी; क्या शैक्षिक अधिकारों और उच्च शिक्षा के रास्ते बंद करता है?

23 दिसंबर, 2024 को केंद्र सरकार की तरफ से बड़ा कदम उठाते हुए‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ को खत्म कर दिया. नो-डिटेंशन पॉलिसी साल 2010 में श‍िक्षा का अधिकार अध‍िन‍ियम 2009 के तहत लागू की गई थी. इस पॉलिसी के लागू होने के दौरान इसे तारीफों के साथ-साथ काफी आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा था. इस […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 25 दिसंबर 2024, 04:04 AM 7 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
सरकार की नो-डिटेंशन पॉलिसी; क्या शैक्षिक अधिकारों और उच्च शिक्षा के रास्ते बंद करता है?
Photo: UB India News Archive

23 दिसंबर, 2024 को केंद्र सरकार की तरफ से बड़ा कदम उठाते हुए‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ को खत्म कर दिया. नो-डिटेंशन पॉलिसी साल 2010 में श‍िक्षा का अधिकार अध‍िन‍ियम 2009 के तहत लागू की गई थी. इस पॉलिसी के लागू होने के दौरान इसे तारीफों के साथ-साथ काफी आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा था.

इस नीति के तहत, कक्षा 5 और कक्षा 8 तक के छात्रों को न तो फेल किया जाता है, न ही उनका प्रमोशन रोकने की कोई स्थिति बनती है. जिसपर यह बात कही गई थी कि अगर आठवीं तक के बच्चों को बिना शर्त प्रमोट किया जाता है तो इससे उच्च श‍िक्षा का स्तर गिरेगा. हालांकि यह कदम विद्यार्थियों के मानसिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया था.

ऐसे में इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि सरकार ने पॉलिसी में बदलाव क्यों किया और क्या नई पॉलिसी शैक्षिक अधिकारों और उच्च शिक्षा के रास्ते को बंद करता है?

सबसे पहले जानते हैं नई पॉलिसी में क्या अलग है 

सरकार के नए नोटिफिकेशन के अनुसार फेल होने वाले छात्रों को 2 महीने के भीतर एक बार फिर से परीक्षा देने का मौका दिया जाएग, और अगर वो दूसरे अटेंम्पट में भी फेल हो जाते हैं तो उन्हें आगे की कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाएगा, बल्कि फेल होने वाला छात्र जिस क्लास में अभी पढ़ रहा थे उसी में दोबारा पढ़ेगा. सरकार ने इसमें एक प्रावधान भी जोड़ा है कि 8वीं तक के ऐसे बच्चों को स्कूल से निकाला नहीं जाएगा.

नई पॉलिसी के अनुसार छात्र के बार-बार खराब प्रदर्शन करने या जरूरत पड़ने पर क्लास टीचर उस बच्चे की कमजोरी पहचान कर उसके माता-पिता से बात करके स्पेशलाइज्ड इनपुट देगा. वहीं प्रिंसिपल 5वीं से लेकर 8वीं क्लास के प्रमोट नहीं किए जाने वाले छात्रों की लिस्ट बनाएंगे और उनके प्रोग्रेस की मॉनिटरिंग करेंगे.

क्यों लागू की गई नई पॉलिसी 

2016 में, सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CABE) ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को एक सिफारिश दी थी कि ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ (एनटीपी) को हटाया जाए. CABE का कहना था कि इस पॉलिसी के कारण छात्रों का सीखने का स्तर काफी गिर गया है. इसका मतलब यह है कि बच्चों को प्रमोट किया जाता है, भले ही वे अच्छी तरह से पढ़ाई नहीं कर रहे हों, जिससे उनकी शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ा है.

नो डिटेंशन पॉलिसी का उद्देश्य

नो डिटेंशन पॉलिसी का उद्देश्य था कि कक्षा 5 और कक्षा 8 तक के छात्रों को फेल न किया जाए, ताकि उन्हें पढ़ाई में तनाव न हो और वे आसानी से अगले क्लास में प्रमोट हो सकें, लेकिन इस पॉलिसी के लागू होने के बाद कई समस्याएं सामने आईं. खासकर, यह पाया गया कि शिक्षक छात्रों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं कर पा रहे थे. टीचर्स के पास छात्रों की परीक्षा लेने और उनकी प्रगति को जांचने के लिए पर्याप्त साधन और सुविधाएं नहीं थीं. इसके अलावा, पूरे देश के स्कूलों में केवल 10% से भी कम स्कूलों में इस पॉलिसी को सही तरीके से लागू किया गया था, क्योंकि वहां टीचर्स की ट्रेनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी थी.

छात्रों के सीखने का स्तर गिरना

जब फेल होने का डर नहीं था, तो कई छात्र पढ़ाई में लापरवाह हो गए. 2016 की एक रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा 5 के 48% से कम छात्र दूसरे कक्षा का पाठ्यक्रम पढ़ पाते थे, और कक्षा 8 के ग्रामीण स्कूलों के केवल 43.2% छात्र ही सरल अंकगणित (जैसे, डिवीजन) कर सकते थे. इसी तरह, कक्षा 5 में 4 में से सिर्फ 1 छात्र ही अंग्रेजी का एक वाक्य पढ़ सकता था. इस प्रकार, नो डिटेंशन पॉलिसी के कारण बच्चों की बुनियादी शिक्षा का स्तर गिरता गया.

टीएसआर सुब्रमण्यम कमेटी और CABE की वासुदेव देवनानी कमेटी ने भी इस नीति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे रद्द करने की सिफारिश की थी. उनका कहना था कि यह पॉलिसी बच्चों की वास्तविक शिक्षा को प्रभावित कर रही है और उन्हें अकादमिक रूप से कमजोर बना रही है.

2018 में ही नो डिटेंशन पॉलिसी को खत्म करने की हुई थी बात 

2018 में, जुलाई महीने में, भारत सरकार ने राइट टू एजुकेशन (RTE) कानून में एक महत्वपूर्ण बदलाव के लिए बिल पेश किया. इस बिल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में लागू की गई ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ (एनटीपी) को खत्म करना था. इस बिल के तहत, कक्षा 5 और 8 के छात्रों के लिए नियमित परीक्षा (एग्जाम) लेने की बात की गई थी, ताकि उनकी पढ़ाई की सही जांच हो सके.

राज्य सरकारों का फैसला: 2019 में यह बिल राज्य सभा में भी पास हो गया, और इसके बाद राज्य सरकारों को यह अधिकार मिल गया कि वे खुद फैसला करें कि नो डिटेंशन पॉलिसी को हटाया जाए या नहीं. इसका मतलब यह हुआ कि राज्य सरकारें तय कर सकती थीं कि अगर कोई बच्चा कक्षा 5 या 8 में फेल होता है, तो उसे प्रमोट किया जाए या फिर उसे कक्षा रिपीट करनी पड़े.

नई पॉलिसी से बच्चों को कैसे होगा  फायदा

नई पॉलिसी, जिसमें नो डिटेंशन पॉलिसी को हटाकर रेगुलर एग्जाम और फेल होने पर री-एग्जाम की व्यवस्था की गई है, बच्चों के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकती है. पटना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आनंद कुमार झा ने एबापी से बात करते हुए बताया कि नई पॉलिसी के तहत नियमित परीक्षा और फेल होने पर री-एग्जाम की व्यवस्था छात्रों को यह प्रेरित करेगी कि वो अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें. पहले, जहां फेल होने का डर नहीं था, अब छात्रों को यह अहसास होगा कि अगर उन्होंने अच्छे से पढ़ाई नहीं की तो उन्हें परीक्षा में सफलता नहीं मिलेगी. इससे बच्चों के सीखने की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है.

प्रोफेसर आगे कहते हैं, जब बच्चों को नियमित परीक्षा और सही मूल्यांकन का सामना करना पड़ता है, तो उनकी समझ और आत्मविश्वास बढ़ता है. अगर कोई बच्चा किसी विषय में कमजोर है, तो उसे री-एग्जाम का अवसर मिलेगा और वह उस विषय को बेहतर तरीके से समझ सकेगा. इस प्रकार, बच्चों को समय पर सुधरने का मौका मिलता है.

प्रोफेसर आनंद कहते हैं कि पहले की नो डिटेंशन पॉलिसी में बच्चों का मूल्यांकन ठीक से नहीं हो पाता था, क्योंकि बिना परीक्षा के प्रमोशन किया जाता था. अब, जब नियमित परीक्षाएं होंगी, तो बच्चों के असली शैक्षिक स्तर का सही मूल्यांकन हो सकेगा. इससे यह पता चलेगा कि बच्चे किस स्तर तक पढ़ाई कर रहे हैं और किन क्षेत्रों में उन्हें मदद की जरूरत है. इसके अलावा  जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर होते थे, उन्हें पहले बिना किसी गंभीर परीक्षा के प्रमोट कर दिया जाता था. अब, री-एग्जाम के जरिए उन्हें यह मौका मिलेगा कि वे अपनी कमजोरियों को सुधारें और अगली कक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें. इससे बच्चों को अपने पढ़ाई में सुधार के लिए एक और मौका मिलेगा, बजाय इसके कि वे लगातार प्रमोट होते जाएं और उनकी बुनियादी शिक्षा में कमी बनी रहे.

अभिभावकों की बढ़ेगी जिम्मेदारी

एल्कॉन इंटरनेशनल स्कूल मयूर विहार दिल्ली के पूर्व प्र‍िंसिपल और श‍िक्षाव‍िद डॉ. अशोक पांडेय ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि नो एविडेंस पॉलिसी के कारण श‍िक्षा का स्तर ग‍िर गया है. उन्होंने कहा कि सिर्फ पॉलिसी को हटाने या लाने से श‍िक्षा का उत्थान या पतन हो ये जरूरी नहीं है.

जह यह पॉलिसी थी उस वक्त भी आठवें तक फेल होने पर एक बार फिर से परीक्षा देने या बच्चे को कोचिंग देकर अपने आपको सुधारने का एक मौका मिलता था. हालांकि उन्हें अब ये मौका नहीं मिलेगा. अब मेरा जो डर है कि पास या फेल होने की पूरी जिम्मेदारी बच्चों और अभ‍िभावकों पर न आ जाए.स्कूलों को इसके लिए जवाबदेह होना होगा.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
TRE-4 में पीटी- मेन्स और CDP हमने स्वीकार नहीं किया!
शिक्षा

TRE-4 में पीटी- मेन्स और CDP हमने स्वीकार नहीं किया!

बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा और टीआरई- 4 को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार ने बड़ी बात कही है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा है कि TRE4 में पीटी-मेन्स और CDP हमने स्वीकार नही किया है। शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव दिया है। हमने कहा कि छात्रों […]

UB India News25 अग॰
TRE-4 और BPSC को लेकर पटना में छात्रों का हंगामा , छात्रों पर चली वाटर कैनन ,कई हिरासत में……..
शिक्षा

TRE-4 और BPSC को लेकर पटना में छात्रों का हंगामा , छात्रों पर चली वाटर कैनन ,कई हिरासत में……..

BPSC TRE-4 से PT-Mains, नेगेटिव मार्किंग हटाने और 100% डोमिसाइल की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का आंदोलन जारी है। वहीं छात्र आज सीएम हाउस घेरने निकले हैं। इस बीच CM सम्राट चौधरी ने X पर पोस्ट कर विद्यार्थी सहयोग शिविर के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया-विद्यार्थियों की हर आवाज सुनी […]

UB India News25 अग॰
एआई की ट्रेनिंग और मुफ्त कोचिंग के लिए क्या देश में तकनीक का प्रभावी नेटवर्क है?
शिक्षा

एआई की ट्रेनिंग और मुफ्त कोचिंग के लिए क्या देश में तकनीक का प्रभावी नेटवर्क है?

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और अगले साल तक एक करोड़ युवा भारतीयों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में ट्रेनिंग देने की घोषणा की। यह स्पष्ट संकेत था कि मोदी सरकार युवाओं को ज्यादा प्रतिस्पर्धी और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना चाहती है। खास बात […]

UB India News25 अग॰
TRE-4 में सीटों की संख्या और बढ़ाई जाएगी……………
शिक्षा

TRE-4 में सीटों की संख्या और बढ़ाई जाएगी……………

बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों के लिए अच्‍छी खबर है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि TRE-4 में सीटों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। इसकी घोषणा कभी भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग को ध्यान में रखते हुए ही TRE-4 की घोषणा की गई […]

UB India News24 अग॰
परीक्षा में सुधार के लिए बिहार सरकार की पहल, 5 सदस्यीय समिति का होगा गठन
शिक्षा

परीक्षा में सुधार के लिए बिहार सरकार की पहल, 5 सदस्यीय समिति का होगा गठन

बिहार सरकार राज्य की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुट गई है. इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने 5 सदस्यीय विशेष समिति का गठन करने का फैसला लिया है. इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर […]

UB India News24 अग॰
पटना में आज PHD होल्डर्स का लोकभवन मार्च,……………
शिक्षा

पटना में आज PHD होल्डर्स का लोकभवन मार्च,……………

बिहार की राजधानी पटना में आज पीएचडी होल्डर्स का लोकभवन मार्च किया गया. यह मार्च सुबह 11 बजे आर ब्लॉक चौराहे से शुरू हुआ. अपनी कई मांगों को लेकर पीएचडी होल्डर्स पिछले 19 दिनों से आमरण अनशन पर हैं. अब आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए वे लोकभवन तक मार्च कर रहे हैं. मार्च को देखते […]

UB India News22 अग॰
TRE-4 छात्र को तेजस्वी-पप्पू यादव का मिला समर्थन……….
शिक्षा

TRE-4 छात्र को तेजस्वी-पप्पू यादव का मिला समर्थन……….

शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। 18 अगस्त से शुरू हुआ ‘न्याय सत्याग्रह’ का आज 5वां दिन है। शुक्रवार को रात भर सैकड़ों छात्र धरनास्थल पर बैठे रहे। वहीं, शनिवार सुबह होते होते ये संख्या हजार तक पहुंच सकती है। […]

UB India News22 अग॰