आईआईटी-जेईई की तैयारी कराने वाले टॉप संस्थानों में से एक फिटजी (FIITJEE) को बंद हुए लगभग सात दिनों से ज्यादा बीत चुके हैं. नोएडा, गाजियाबाद, भोपाल, वाराणसी, दिल्ली और पटना में फिटजी के कोचिंग सेंटर 7 दिन से बंद हैं, जिसकी वजह से छात्रों के लाखों रुपये फंस गए हैं. बताया जा रहा है कि फिटजी में पढ़ाने वाले कई शिक्षकों को सैलरी न मिलने की वजह से उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. अब अचानक इस कोचिंग संस्थान के बंद होने की वजह से पेरेंट्स ने हंगामा करना शुरू कर दिया है. हालांकि कोचिंग बंद होने का सही कारण क्या है इस रहस्य पर अभी भी पर्दा पडा हुआ है. ऐसे में परेशान अभिभावक अपने बच्चों को लेकर कोचिंग संस्थान पहुंच रहे हैं, ताकि वो वहां के स्टाफ से या टीचर से बात कर सकें और जान सके कि आने वाले वक्त में यह संस्थान चलेगा या पूरी तरह से बंद हो जाएगा.
इसी बीच फिटजी संस्थान के साउथ दिल्ली कैंपस के बाहर अभिभावकों की इसी भीड़ में दिल्ली-एनसीआर के कई बड़े कोचिंग सेंटरों ने अपने एजेंट को भी सक्रिय कर दिया है. एजेंट अभिभावकों की इसी भीड़ में जा रहे हैं और अपनी कोचिंग के पर्चे बांट रहे हैं. उन्हें लुभावने ऑफर दे रहे हैं. साथ ही उनके नंबर लेकर उन्हें लगातार कॉल मैसेज करके परेशान भी कर रहे हैं. इन सब के बीच एक अभिभावक का गुस्सा फूटा और उसने बीच भीड़ में ही दूसरे कोचिंग सेंटर के एजेंट को जमकर लताड़ा और कहा कि अभिभावक वैसे ही परेशान होकर यहां आ रहे हैं वहीं दूसरे कोचिंग सेंटर के लोग अपने पर्चे बंटवा रहे हैं. यही नहीं उन्होंने कहा अगर ऐसा दोबारा करते हुए पाए गए तो पिटाई तक कर देंगे.
सभी कोचिंग एक जैसे?
पिछले साल अपनी बेटी का पांच लाख रुपए देकर फिटजी संस्थान में दाखिला कराने वाली अंशु ने बताया कि उनकी बेटी 12वीं में है. साल 202 उन्होंने करीब 5 लाख रुपए देकर यहां पर उसका दाखिला कराया था. उन्होंने सभी बड़े कोचिंग सेंटर का पैटर्न देखा था जिसमें फिटजी का पैटर्न सबसे अच्छा लगा था. लेकिन अब यह संस्थान चुनने का उन्हें बड़ा पछतावा हो रहा है. यह कोचिंग सेंटर बीच में ही बच्चों के भविष्य को बर्बाद करके भाग गया है. न पढ़ाई हो रही है और न ही पैसा ही लौटा रहे हैं. अगर पैसा लौटा दें तो किसी भी दूसरे कोचिंग में जाकर दोबारा बच्चे का बीच में से दाखिला करा सकते हैं लेकिन यहां पर आने पर पता चलता है कि यहां दूसरे कोचिंग सेंटर के एजेंट पहले से ही सक्रिय हैं. वो यहां पर अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं कि वह दूसरे कोचिंग सेंटर को ज्वाइन कर लें. सारे कोचिंग सेंटर्स एक जैसे हैं. सभी अभिभावकों को मैसेज कर रहे हैं. कॉल कर रहे हैं, जबकि अभिभावक पहले से ही परेशान है.
क्या कंप्लीट हो पाएगा पूरा कोर्स?
अभिभावकों से बात करने पर पता चला कि दूसरे कोचिंग सेंटर के एजेंट उन्हें आधी फीस पर ही अपने बच्चों का दाखिला अपनी कोचिंग में कराने का दबाव बना रहे हैं. कुछ एजेंट ऐसा भी ऑफर दे रहे हैं कि पूरी फीस देकर बच्चों का दाखिला करा दें बच्चे का कोर्स तेजी से कंप्लीट कर दिया जाएगा. हालांकि अभिभावकों का मानना है कि यह पूरी तरह से गलत है, अगर पूरी फीस देकर दूसरे कोचिंग सेंटर में जाएंगे तो बच्चे का कोर्स घसीट दिया जाएगा लेकिन उनलोगों को समझ में कुछ नहीं आएगा. हालांकि कुछ अभिभावक ऐसे भी हैं जो एजेंट की बातों में फंसते हुए नजर आ रहे हैं, जिन्होंने फिटजी सेंटर से उम्मीद छोड़कर दूसरे सेंटर में जाकर अपने बच्चों का दाखिला भी करवा भी दिया है.
कौन है फिटजी के मालिक
आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वाले डीके गोयल ने फिटजी की शुरुआत की थी. आईआईटी-जेईई के एडमिशन सलेक्शन में छात्रों को गाइड करने के मकसद ने उन्होंने इस कोचिंग सेंटर की शुरुआत की. दिल्ली में एक छोटा सा सेंटर खोला. वहां तैयारी करने वाले बच्चों का आईआईटी में सलेक्शन होने लगा. कई ने तो टॉप भी किया, जिसके बाद उसे पॉपुलैरिटी मिलने लगी. धीरे-धीरे आईआईटी के साथ उन्होंने नीट (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) की तैयारी करवानी भी शुरू कर दी. कोचिंग सेंटर के अलावा उनके कई ग्लोबल स्कूल, फिटजी वर्ल्ड स्कूल समेत कई सहयोगी स्कूल भी हैं.








