आज यानी 10 फरवरी को परीक्षा पे चर्चा का आठवां संस्करण का आयोजन हुआ । इस प्रोग्राम में पीएम मोदी छात्रों से बातचीत की।
कुछ राज्यों की बोर्ड की परीक्षाएं शुरु हो गई हैं और कुछ की होने वाली हैं। ऐसे में PM Narendra Modi आज देश भर के छात्रों के साथ ‘परीक्षा पे चर्चा’ की। ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के जरिए पीएम मोदी बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को खास टिप्स देते हैं। पहली बार, परीक्षा पे चर्चा एक नए प्रारूप में आयोजित होगा। फिल्म स्टार दीपिका पादुकोण, छह बार की विश्व मुक्केबाजी चैंपियन एमसी मैरीकॉम और आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जैसी हस्तियां छात्रों को परीक्षा के तनाव से निपटने के बारे में टिप्स देंगी।
बता दें कि पीएम मोदी(PM Modi) द्वारा साल 2018 से ‘परीक्षा पे चर्चा’ प्रोग्राम की शुरुआत की गई थी। परीक्षा पर होने वाली यह चर्चा अब देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के स्टूडेंट्स के बीच भी लोकप्रिय हो रही है।
फेलियर से बचने के दिए टिप्स
पीएम मोदी ने चर्चा के दौरान छात्रों को फेलियर से बचने के भी टिप्स दिए. उन्होंने कहा कि स्कूल में कई बच्चे फेल हो जाते हैं और उसके बाद वो फिर से कोशिश करते हैं. फेल हो जाने से जिंदगी अटकती नहीं है. उन्होंने छात्रों से कहा कि ये आपको तय करना है कि आपको सिर्फ किताबों में ही सफल होना है या जीवन में सफल होना है. उन्होंने विफलताओं को अपना शिक्षक बनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि हर किसी के अंदर कुछ न कुछ कमी होती है तो कुछ अच्छाई भी होती है और आपको उसी अच्छाई पर ध्यान देने की जरूरत है.
पीएम ने छात्रों से कहा कि बचपन में अपने माता-पिता को हम हर बात बताते थे, लेकिन अब धीरे-धीरे छात्र उनसे कटते जा रहे हैं. इसका नतीजा ये है कि वो धीरे-धीरे डिप्रेशन में चले जाते हैं. इससे बचने का उपाय यही है कि आप अपने मन में कोई भी बात न रखें, बल्कि अपनी बातें अपने माता-पिता से खुलकर कहें और घर में मौजूद सभी सदस्यों से बात करने की कोशिश करें.
किताबी कीड़ा न बनने की सलाह
पीएम मोदी ने छात्रों को किताबी कीड़ा न बनने की सलाह दी, लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जहां से भी ज्ञान मिले, उसे जरूर ले लेना चाहिए, इसमें पीछे नहीं हटना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि छात्रों को लिखने पर जोर देना चाहिए, हमेशा लिखने की आदत होनी चाहिए, चाहे उम्र कोई भी हो.
पेरेंट्स को दिया मेसेज
पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों की मदद करनी चाहिए. हर बच्चा खास होता है. उनकी किसी दूसरे से तुलना मत करें. इससे बच्चा खुद पहले से बेहतर करने और बनने की कोशिश करता है. उसे प्रेशराइज मत करें.
पहले के टीचर्स ज्यादा मेहनत करते थे
पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा करते हुए बताया कि पहले के शिक्षक हर बच्चे के साथ बहुत मेहनत करते थे. बच्चों की हैंडराइटिंग सुधारते हुए उनकी खुद की लेखन शैली बेहतर होती जाती थी. इस मामले में उन्होंने खुद का उदाहरण भी दिया.
पढ़ाई के दौरान स्ट्रेस और डिप्रेशन से कैसे बचें?
इस सवाल पर पीएम मोदी ने पूछा कि यह मुसीबत शुरू कहां से होती है. तनाव और डिप्रेशन होने के लक्षण नजर आने लगते हैं. अपने मन की दुविधाओं को लोगों के साथ बांटना सीखें. इससे मन शांत रहता है. घर के किसी भी सदस्य से बात करें.
लीडरशिप क्या है?
बिहार के स्टूडेंट ने परीक्षा पे चर्चा 2025 में पीएम मोदी से लीडरशिप से जुड़ा सवाल पूछा है. इस पर पीएम मोदी ने मजाकिया लहजे में कहा कि बिहार का छात्र हो और राजनीति से जुड़ा सवाल न हो, यह हो ही नहीं सकता. उन्होंने बिहार के लोगों को तेजस्वी बताया और स्टूडेंट्स से लीडरशिप पर चर्चा की. आपके विश्वास से लीडरशिप को बल मिलता है.
पेपर छूटने का डर
छात्र के सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा पिछले सालों के पेपर सॉल्व करें, इसकी प्रैक्टिस करें।
टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
एक सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा टेक्नोलॉजी कोई तूफान नहीं है कि आपको गिरा देगी। इनोवशन आपकी भलाई के लिए किए जा रहे हैं। टेक्नोलॉजी को जान-समझकर उसका इस्तेमाल करें। अपना समय बेकार के कामों में बर्बाद न करें।
फेलियर के डर को कैसे खत्म करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पजीवन परीक्षाएं नहीं। आप फेल हो जाएंगे तो फिर से मौका मिल जाएगा। इसके चक्कर में अपनी मानसिक हेल्थ खराब न करे। जीवन अनमोल है, आपका रिजल्ट नहीं।
हमें निरंतर बेस्ट करना चाहिए- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा हमें निरंतर बेस्ट करना चाहिए।
खुद से स्पर्धा करें- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा कि खुद से स्पर्धा करें। जो ऐसा करता है उसका विश्वास कभी नहीं टूटता
कभी भी खुद को अकेला मत रखिए
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा कि कभी भी अपने आप को अकेला मत रखिए।
पीएम मोदी ने मेडिटेशन के फायदे बताए
परीक्षा पे चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को मेडिटेशन के फायदे बताए।
टारगेट ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो मगर पकड़ में न हो- पीएम मोदी
टारगेट ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो मगर पकड़ में न हो- पीएम मोदी
बच्चों की ताकत पहचानें- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप अपने बच्चों को मॉडल के रूप में खड़ा न करें। अपने बच्चों को प्यार करें। बच्चों की ताकत पहचानें।
मन में जो भी है बिना संकोच के कहने चाहिए- पीएम मोदी
एक छात्र के सवाल पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा आपके मन में जो भी है बिना किसी संकोच से कहना चाहिए।
वर्तमान पर फोकस
प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि वर्तमान पर फोकस करें।
हर बच्चे में होती है कुछ खासियत
एक स्टूडेंट के सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर बच्चे में कुछ खासियत जरूर होती है।
परीक्षा तनाव से निपटने पर प्रधानमंत्री क्या बोले
प्रधानमंत्री ने छात्रों को दबाव के बारे में न सोचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जैसे बल्लेबाज स्टेडियम में शोरगुल और नारे को नजरअंदाज कर गेंद पर ध्यान केंद्रित करता है, वैसे ही छात्रों को भी दबाव के बारे में सोचने के बजाय पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
पीएम मोदी ने छात्रों को बाजरा और सब्जियों के महत्व के बारे में बताया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के सुंदर नर्सरी में छात्रों को बाजरा और सब्जियों के महत्व के बारे में बताया।
धूप में बैठने की आदत डालें: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री छात्रों को धूप में बैठने की आदत बनाने की सलाह दे रहे हैं।








