भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को तोड़ना आसान नहीं ,पाकिस्तान चला रहा प्रोपोगेंडा………..

भारत और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बनते जा रहे हैं। बीते दिनों पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया। लेकिन पाकिस्तान इसके बाद से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, जिसे भारतीय सेना बार-बार हवा में ही मार गिरा रही है। बता दें […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 10 मई 2025, 07:16 AM 9 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को तोड़ना आसान नहीं ,पाकिस्तान चला रहा प्रोपोगेंडा………..
Photo: UB India News Archive

भारत और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बनते जा रहे हैं। बीते दिनों पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया। लेकिन पाकिस्तान इसके बाद से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, जिसे भारतीय सेना बार-बार हवा में ही मार गिरा रही है। बता दें कि भारतीय सेना ने आज फिर पाकिस्तान के फाइटर जेट्स को मार गिराया है। वहीं पाकिस्तान की तरफ से आज अब्दाली और फतेह 1 और फतेह 2 मिसाइल दागे गए थे, जिसे हरियाणा के सिरसा में ही भारतीय सेना ने मार गिराया।

ब्रह्मोस मिसाइल पूरी तरह सुरक्षित

इस बीच भारतीय सेना और विदेश मंत्रालय ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधितक किया। इस दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि भारत का एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम S400 को कोई नुकसान नहीं हुआ है। साथ ही सोशल मीडिया पर पाकिस्तान द्वारा फेक खबर चलाई जा रही है कि जिस बेस पर ब्रह्मोस मिसाइल रखा गया है, उसे तबाह कर दिया है। विदेश सचिव ने बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम भी तबाह नहीं हुआ है। वह पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान द्वारा फर्जी प्रोपोगेंडा चलाया जा रहा है। कल रात से अबतक पाकिस्तान ने 26 स्थानों पर हमले का प्रयास किया, जिसमें पाकिस्तान ने यूएवी, फाइटर जेट्स और मिसाइल का इस्तेमाल किया।

भारत को हुआ कम से कम नुकसान

विदेश सचिव ने बताया कि भारत को इस हमले में बेहद कम नुकसान हुआ है। वहीं इस प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान की सेना की संख्या बढ़ाई जा रही है, जो यह दर्शाता है कि पाकिस्तान की मंशा ठीक नहीं है। दुनियाभर को पाकिस्तान की इस हरकत से रुबरु कराया गया। कर्नल सोफिया अंसारी ने बताया कि पाकिस्तान सिविल एयरलाइन्स का सहारा लेकर हवाई हमले कर रहा है और सैन्य ठिकानों के अलावा सिविलियन्स को भी निशाना बनाया जा रहा है। इस दौरान कर्नल सोफिया ने बताया कि जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेना कुल 6 एयरबेस को नष्ट कर दिया है, जिसमें रफीकी, रहीमयार खान, नूरखान, चकलाला, चुनिया, सुक्कूर एयरबेस को तबाह कर दिया है।

एयर डिफेंस सिस्टम को तोड़ना आसान नहीं

भारत की सेना ने पाकिस्तान द्वारा भेजे गए 50 से ज्यादा ड्रोनों को रोकने और नष्ट करने में सफलता हासिल की. ये ड्रोन पश्चिमी सीमा, नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भेजे गए थे.

वायु रक्षा प्रणाली एक ऐसी सैन्य तकनीक है जो हवा से आने वाले खतरों को रोकने के लिए बनाई गई है. ये खतरे ड्रोन, हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज या मिसाइल जैसे हो सकते हैं. इसका मुख्य काम है इन खतरों को ढूंढना, उनकी निगरानी करना और उन्हें नष्ट करना. यह प्रणाली बहुत सारी मशीनों और तकनीकों का एक समूह होती है जो मिलकर काम करती हैं.

यह कैसे काम करती है?

वायु रक्षा प्रणाली में कई हिस्से होते हैं जो एक साथ मिलकर हवा से आने वाले खतरों को रोकते हैं. इसका काम करने का तरीका इस प्रकार है:

  1. खतरे को ढूंढना (डिटेक्शन):
    सबसे पहले, रडार और सेंसर हवा में उड़ने वाली किसी भी चीज को देखते हैं. रडार आसमान को स्कैन करता है और अगर कोई अनजान चीज दिखती है, तो वह उसकी जानकारी तुरंत कमांड सेंटर को भेजता है. ये रडार दिन-रात, हर मौसम में काम करते हैं.
  2. खतरे की पहचान (ट्रैकिंग):
    जब रडार को कोई खतरा दिखता है, तो वह उसकी गति, दिशा और ऊंचाई की जानकारी इकट्ठा करता है. यह पता लगाया जाता है कि वह खतरा क्या है, जैसे कि ड्रोन, मिसाइल या हवाई जहाज.
  3. खतरे को रोकना (न्यूट्रलाइजेशन):
    खतरे की पहचान होने के बाद, कमांड सेंटर फैसला लेता है कि उसे कैसे रोका जाए. इसके लिए सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) छोड़ी जाती है. ये मिसाइलें बहुत तेजी से खतरे की ओर जाती हैं और उसे नष्ट कर देती हैं.
  4. मोबाइल सिस्टम:
    कई वायु रक्षा प्रणालियां मोबाइल होती हैं, यानी उन्हें आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है. इससे जरूरत पड़ने पर इन्हें जल्दी से तैनात किया जा सकता है.

भारत ने हाल में पाकिस्तान की हवाई गतिविधियों का जवाब कैसे दिया?

भारत की सेना ने पाकिस्तान द्वारा भेजे गए 50 से ज्यादा ड्रोनों को रोकने और नष्ट करने में सफलता हासिल की. ये ड्रोन पश्चिमी सीमा, नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भेजे गए थे. भारतीय सेना ने अपनी वायु रक्षा इकाइयों का इस्तेमाल किया, जिसमें कई तरह के हथियार शामिल थे. इनमें L-70 गन, Zu-23mm गन, शिल्का सिस्टम और खास ड्रोन-रोधी तकनीक शामिल थी. ये हथियार उद्यमपुर, सांबा, जम्मू, अखनूर, नगरोटा और पठानकोट जैसे इलाकों में तैनात थे. भारतीय सेना की तेजी और सटीकता ने इन खतरों को पूरी तरह से खत्म कर दिया.

भारत की वायु रक्षा प्रणाली के मुख्य हिस्से क्या हैं?

भारत की वायु रक्षा प्रणाली एक बहु-स्तरीय (मल्टी-लेयर) नेटवर्क है, जिसमें कई तरह की मिसाइलें और रडार शामिल हैं. यह प्रणाली पूरे देश को हवाई खतरों से बचाने के लिए बनाई गई है. इसके मुख्य हिस्से इस प्रकार हैं:

  1. लंबी दूरी की मिसाइलें:
    भारत के पास S-400 जैसी लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली है, जो 380 किलोमीटर तक के खतरों को नष्ट कर सकती है. यह भारत की सबसे ताकतवर वायु रक्षा प्रणाली है.
  2. मध्यम दूरी की मिसाइलें:
  • बराक-8: यह भारत और इजरायल ने मिलकर बनाई है. यह 70-80 किलोमीटर की दूरी तक हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर और ड्रोन को नष्ट कर सकती है. इसे वायुसेना, थलसेना और नौसेना तीनों इस्तेमाल करते हैं.
  • आकाश: यह भारत में बनी मिसाइल है, जो 25-40 किलोमीटर की दूरी तक खतरों को रोक सकती है. इसे वायुसेना और थलसेना इस्तेमाल करती है.
  1. छोटी दूरी की मिसाइलें:

  • स्पाइडर: यह इजरायल की मिसाइल है, जो 15 किलोमीटर तक के खतरों को नष्ट कर सकती है. यह बहुत तेजी से काम करती है और वायुसेना व थलसेना इसे इस्तेमाल करती हैं.
  • इग्ला-एस: यह रूस की छोटी दूरी की मिसाइल है, जो 6 किलोमीटर तक के खतरों को रोक सकती है. इसे सैनिक अपने कंधे पर रखकर इस्तेमाल करते हैं.
  • अन्य सिस्टम: भारत के पास इग्ला-1M, ओएसए-एकेएम, पेचोरा मिसाइलें और अपग्रेडेड L-70 गन भी हैं.

S-400 प्रणाली भारत की वायु रक्षा में क्या भूमिका निभाती है?

S-400 ट्रायम्फ भारत की सबसे महत्वपूर्ण वायु रक्षा प्रणाली है, जिसे रूस से खरीदा गया है. यह 380 किलोमीटर की दूरी तक किसी भी हवाई खतरे को नष्ट कर सकती है. यह प्रणाली भारत को बड़े पैमाने पर सुरक्षा देती है और हवाई जहाज, मिसाइलों और ड्रोनों जैसे खतरों से बचाती है. भारत ने अभी तक तीन S-400 यूनिट्स तैनात की हैं, और दो और यूनिट्स जल्द ही आने वाली हैं. यह भारत की रणनीतिक वायु रक्षा का मुख्य हिस्सा है.

बराक-8 और आकाश प्रणाली भारत की वायु रक्षा में कैसे योगदान देती हैं?

  • बराक-8: यह मिसाइल भारत और इजरायल ने मिलकर बनाई है. यह 70-80 किलोमीटर की दूरी तक हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर और ड्रोन जैसे खतरों को रोक सकती है. इसे भारत की वायुसेना, थलसेना और नौसेना इस्तेमाल करती हैं. यह बहुत तेज और सटीक है.
  • आकाश: यह भारत में बनी मिसाइल है, जो 25-40 किलोमीटर की दूरी तक खतरों को नष्ट कर सकती है. यह भारत की वायुसेना और थलसेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. यह सस्ती और प्रभावी है, जिससे इसे कई जगहों पर तैनात किया गया है.

भारत छोटी दूरी की वायु रक्षा के लिए कौन सी प्रणालियों का उपयोग करता है?

भारत के पास कई छोटी दूरी की वायु रक्षा प्रणालियां हैं, जो पास के खतरों को रोकने के लिए बनाई गई हैं. ये हैं:

  • स्पाइडर: यह इजरायल की प्रणाली है, जो 15 किलोमीटर तक के खतरों को रोक सकती है. यह बहुत तेजी से काम करती है और वायुसेना व थलसेना इसे इस्तेमाल करती हैं.
  • इग्ला-एस: यह रूस की मिसाइल है, जो 6 किलोमीटर तक के खतरों को नष्ट कर सकती है. इसे सैनिक अपने कंधे पर रखकर चलाते हैं. यह नीचे उड़ने वाले हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर को रोकने के लिए है.
  • अन्य: भारत के पास इग्ला-1M, ओएसए-एकेएम, पेचोरा मिसाइलें और अपग्रेडेड L-70 गन भी हैं, जो छोटी दूरी के खतरों को रोकती हैं.

भारत की वायु रक्षा प्रणालियां कैसे एकीकृत हैं?

भारत की वायु रक्षा प्रणालियां एक नेटवर्क के जरिए आपस में जुड़ी हैं. इसे एयर डिफेंस ग्राउंड एनवायरनमेंट सिस्टम (ADGES) और बेस एयर डिफेंस जोन्स (BADZ) कहा जाता है. ये नेटवर्क बड़े इलाकों में रडार कवरेज देते हैं और मिसाइल सिस्टम को सही जगह पर तैनात करने में मदद करते हैं. यह बहु-स्तरीय प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि खतरे को जल्दी ढूंढा जाए, उस Find, ट्रैक किया जाए और नष्ट किया जाए.

पाकिस्तान की वायु रक्षा क्षमता के मुख्य हिस्से क्या हैं?

पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली में मुख्य रूप से चीन और फ्रांस से मिले हथियार शामिल हैं. इसके मुख्य हिस्से हैं:

  • HQ-9: यह चीन की मिसाइल प्रणाली है, जो 120 किलोमीटर तक के खतरों को रोक सकती है. इसके नए वर्जन 300 किलोमीटर तक काम कर सकते हैं.
  • स्पाडा: यह फ्रांस की मिसाइल है, जो 20-25 किलोमीटर की दूरी तक खतरों को रोक सकती है. इसे हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

वायु रक्षा प्रणालियां किसी भी देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी हैं. भारत की वायु रक्षा प्रणाली बहुत मजबूत और बहु-स्तरीय है, जो लंबी, मध्यम और छोटी दूरी के खतरों को रोक सकती है. S-400, बराक-8, आकाश और स्पाइडर जैसे सिस्टम भारत को हवाई खतरों से बचाते हैं.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
न्यूयॉर्क में मोहन भागवत: एक संबोधन से आगे, भारत की पहचान और वैश्विक विमर्श की बड़ी परीक्षा……………..
राष्ट्रीय

न्यूयॉर्क में मोहन भागवत: एक संबोधन से आगे, भारत की पहचान और वैश्विक विमर्श की बड़ी परीक्षा……………..

न्यूयॉर्क की धरती पर जब किसी भारतीय नेता या विचारक की आवाज गूंजती है, तो वह केवल एक शहर के सभागार तक सीमित नहीं रहती। न्यूयॉर्क दुनिया की आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक राजधानी जैसा महत्व रखने वाला शहर है। यहां कही गई बात भारत में भी सुनी जाती है और दुनिया के अनेक हिस्सों में […]

UB India News29 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान के बयान के बाद किराना हिल्स क्यों चर्चा में है…………
खास खबर

पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान के बयान के बाद किराना हिल्स क्यों चर्चा में है…………

पूर्व सीडीएस जनरल अनिल जौहान के एक बयान के बाद पाकिस्तान के किराना हिल्स की चर्चा जोरों पर है. भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उस किराना हिल्स पर कोई हमला नहीं किया गया. बल्कि भारत ने ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के सरगोधा इलाके में तैनात […]

UB India News26 अग॰
‘दिमागी नक्सल’ से इतने आहत क्यों है कांग्रेस के नेता ……………….
खास खबर

‘दिमागी नक्सल’ से इतने आहत क्यों है कांग्रेस के नेता ……………….

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजनीति को ऐसे-ऐसे शब्द दिए हैं, जो उनके समर्थकों को जितना पसंद आते हैं, उससे कहीं ज्यादा उनके विरोधियों को बेधते हैं। शब्द की पहुंच और सफलता को इन दोनों ही परिस्थितियों से समझा जा सकता है। दिल्ली के 2020 के विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने पहली बार आंदोलनजीवी शब्द का […]

UB India News24 अग॰
भाजपा की रणनीति को कितनी धार देगी नितिन की नई टीम…………..
राष्ट्रीय

भाजपा की रणनीति को कितनी धार देगी नितिन की नई टीम…………..

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश समेत अगले वर्ष विधानसभा चुनावों वाले राज्यों को जिस तरह प्रतिनिधित्व दिया गया है, उससे साफ है कि भाजपा ने संगठनात्मक पुनर्संरचना के बहाने आने वाले चुनावों की राजनीतिक बिसात भी बिछानी शुरू कर दी है। दरअसल, भाजपा की […]

UB India News19 अग॰
जनगणना 2027: आंकड़ों की लड़ाई या सत्ता के नए समीकरण को लेकर क्यों मचा है घमासान………………….
राष्ट्रीय

जनगणना 2027: आंकड़ों की लड़ाई या सत्ता के नए समीकरण को लेकर क्यों मचा है घमासान………………….

जनगणना को लेकर इस समय जो सियासी घमासान है, उसकी जड़ सिर्फ जनसंख्या की गिनती नहीं, बल्कि जातिगत आंकड़े, आरक्षण, सामाजिक न्याय और भविष्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी हुई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जनगणना 2027 में पहली बार स्वतंत्र भारत में व्यापक जाति-गणना शामिल की जा रही है। केंद्र सरकार ने 30 […]

UB India News19 अग॰
नितिन नवीन की नई टीम का एलान, 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ महामंत्री बनाए गए…………
राष्ट्रीय

नितिन नवीन की नई टीम का एलान, 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ महामंत्री बनाए गए…………

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों का एलान कर दिया। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री […]

UB India News17 अग॰
वंदे मातरम् पर सियासी घमासान: राष्ट्रगीत से राजनीति तक
राष्ट्रीय

वंदे मातरम् पर सियासी घमासान: राष्ट्रगीत से राजनीति तक

भारत की स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ का अवसर देश के लिए गौरव, स्मरण और आत्ममंथन का दिन होना चाहिए था। लेकिन इस बार स्वतंत्रता दिवस के आसपास राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। जिस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान करोड़ों भारतीयों […]

UB India News16 अग॰
79 साल की लोकतांत्रिक यात्रा में भारत ने काफी दूरी तय की है…..
राष्ट्रीय

79 साल की लोकतांत्रिक यात्रा में भारत ने काफी दूरी तय की है…..

आजादी सिर्फ सत्ता या व्यवस्था से मुक्ति का नाम नहीं, बल्कि हर नागरिक के अपने हिस्से की स्वतंत्रता, सम्मान और बेहतर जीवन की तलाश है. 79 साल की लोकतांत्रिक यात्रा में भारत ने भूख, गरीबी, अशिक्षा और अभावों से काफी दूरी तय की है, लेकिन नई पीढ़ी के लिए आजादी के मायने अब बदल गए […]

UB India News15 अग॰