पहलगाम आतंकी हमले का बदला भारतीय सशस्त्र सेना ने ऑपरेशन सिंदूर से ले लिया है। पाकिस्तान की धरती से चलनेवाले आतंक के अड्डों को धूल में मिलाकर यह संदेश दे दिया कि आतंक के सरपरस्तों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, इस मिशन का लक्ष्य और आतंकवाद से निपटने के भारत के संकल्प को दुनिया के देशों को बताने के लिए सांसदों का प्रतिनिधिमंडल 32 देशों का दौरा करनेवाला है। केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि वह आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ के भारत के संदेश को पहुंचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों समेत प्रमुख साझेदार देशों में सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जद (यू) सांसद संजय झा, द्रमुक की कनिमोई, राकांपा (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना के श्रीकांत शिंदे एक-एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। 59 राजनीतिक नेताओं में से 31 सत्तारूढ़ एनडीए का हिस्सा हैं, जबकि बाकी के 20 ने गैर-एनडीए दलों से हैं।
इन 7 डेलीगेशन के नेता कौन-कौन हैं?
- शशि थरूर, कांग्रेस
- रविशंकर प्रसाद, भाजपा
- संजय कुमार झा, जदयू
- बैजयंत पांडा, भाजपा
- कनिमोझी करुणानिधि, द्रमुक
- सुप्रिया सुले, राकांपा
- श्रीकांत एकनाथ शिंदे, शिवसेना
डेलीगेशन 1: बैजयंत पांडा के नेतृत्व में, इस डेलीगेशन में निशिकांत दुबे, फंगनन कोन्याक, रेखा शर्मा (सभी भाजपा), असदुद्दीन ओवैसी (एआईएमआईएम), सतनाम संधू (मनोनीत), पूर्व मंत्री गुलाम नबी आज़ाद और पूर्व विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला शामिल हैं। यह डेलीगेशन सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और अल्जीरिया की यात्रा करेगा।
डेलीगेशन 2: रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व वाले डेलीगेशन में दग्गुबत्ती पुरंदेश्वरी (भाजपा), प्रियंका चतुर्वेदी (एसएस-यूबीटी), गुलाम नबी खटाना (मनोनीत), अमर सिंह (कांग्रेस), समिक भट्टाचार्य (भाजपा), पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर और पूर्व राजनयिक पंकज सरन शामिल हैं। यह डेलीगेशन यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली और डेनमार्क की यात्रा करेगा।
डेलीगेशन 3: जेडी(यू) नेता संजय झा इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर में जाने वाले डेलीगेशन का नेतृत्व करेंगे। इस डेलीगेशन में अपराजिता सारंगी (भाजपा), यूसुफ पठान (तृणमूल), बृज लाल (भाजपा), जॉन ब्रिटास (सीपीआई-एम), प्रदान बरुआ (भाजपा), हेमंग जोशी (भाजपा), पूर्व मंत्री खुर्शीद और पूर्व राजनयिक मोहन कुमार शामिल हैं।
डेलीगेशन 4: तीन बार के शिव सेना सांसद श्रीकांत शिंदे उस समूह का नेतृत्व करेंगे जिसमें बांसुरी स्वराज (भाजपा), ईटी मोहम्मद बशीर (आईयूएमएल), अतुल गर्ग (भाजपा), सस्मित पात्रा (बीजेडी), मनन कुमार मिश्रा (भाजपा), पूर्व मंत्री एसएस अहलूवालिया और पूर्व राजनयिक सुजान चिनॉय शामिल हैं। यह ग्रुप संयुक्त अरब अमीरात, लाइबेरिया, कांगो और सिएरा लियोन की यात्रा करेगा।
डेलीगेशन 5: शशि थरूर के नेतृत्व वाली टीम में शांभवी (एलजेपी-आरवी), सरफराज अहमद (जेएमएम), जीएम हरीश बालयोगी (टीडीपी), शशांक मणि त्रिपाठी (बीजेपी), भुवनेश्वर कलिता (बीजेपी), मिलिंद देवड़ा (शिवसेना), तेजस्वी सूर्या (बीजेपी) और पूर्व राजनयिक तरनजीत संधू शामिल हैं। यह डलीगेशन अमेरिका, पनामा, गुयाना, कोलंबिया और ब्राजील की यात्रा करेगा।
डेलीगेशन 6: कनिमोझी के नेतृत्व में राजीव राय (सपा), मियां अल्ताफ अहमद (एनसी), बृजेश चौटा (भाजपा), प्रेम चंद गुप्ता (राजद), अशोक कुमार मित्तल (आप) और पूर्व राजनयिक मंजीव पुरी तथा जावेद अशरफ स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया और रूस की यात्रा करेंगे।
डेलीगेशन 7: सुप्रिया सुले के नेतृत्व वाली टीम में राजीव प्रताप रूडी (भाजपा), विक्रमजीत साहनी (आप), मनीष तिवारी (कांग्रेस), अनुराग ठाकुर (भाजपा), लवू श्रीकृष्ण देवरायलु (तेदेपा), पूर्व मंत्री मुरलीधरन और आनंद शर्मा तथा पूर्व राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन शामिल हैं। यह डेलीगेशन मिस्र, कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका का दौर करेगा।
कैसे चुना गया ऑपरेशन सिंदूर का ऑल पार्टी डेलीगेशन?
ऑपरेशन सिंदूर और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की निरंतर लड़ाई के संदर्भ में मोदी सरकार ने सर्वदलीय प्रतिनिमंडल भेजने का फैसला किया है। सरकार की तरफ से चुने गए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों सहित प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करने वाले हैं। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत की राष्ट्रीय सहमति और दृढ़ दृष्टिकोण को प्रदर्शित करेगा। वे आतंकवाद के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता के देश के मजबूत संदेश को दुनिया के सामने रखेंगे।
कैसे चुने गए प्रतिनिधि मंडल के सदस्य
सरकार के अनुसार प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न दलों के संसद सदस्य, प्रमुख राजनीतिक हस्तियां और प्रतिष्ठित राजनयिक को शामिल किया गया है। इससे पहले सरकार ने विभिन्न राजनीतिक दलों से प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम मांगे थे। इस क्रम में कांग्रेस से भी नाम मांगे गए थे। इसके बाद सरकार ने अपनी तरफ से भी नामों को चुना है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों के साथ ही प्रमुख राजनीतिक हस्तियां और प्रतिष्ठित राजनयिक को भी शामिल किया है। ऐसे में राजनीतिक दलों के प्रस्ताव से इतर भी नाम सूची में हैं। शशि थरूर ऐसा ही नाम है जो पार्टी की तरफ से ना होकर सरकार की तरफ से प्रतिनिधि मंडल का हिस्सा हैं।
क्यों हो रही राजनीति?
इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि कल सुबह संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता से बात की। कांग्रेस से पाकिस्तान से आतंकवाद पर भारत के रुख को स्पष्ट करने के लिए विदेश भेजे जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के लिए 4 सांसदों के नाम प्रस्तुत करने को कहा गया। कल 16 मई को दोपहर तक लोकसभा में विपक्ष के नेता ने संसदीय कार्य मंत्री को पत्र लिखकर कांग्रेस की ओर से 4 सांसदों के नाम दिए।








