शशि थरूर, सलमान खुर्शीद और मनीष तिवारी… क्यों अलग-थलग पड़ते जा रहे राहुल गांधी?

कांग्रेस में शशि थरूर की तरह पार्टी लाइन से अलग मत रखने वालों की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है. ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस के स्टैंड से उसकी ही पार्टी के कई नेता इत्तेफाक नहीं रखते. कांग्रेस, सरकार पर हमलावर है. राहुल गांधी बार-बार सरकार से सवाल पूछ रहे हैं. हमारे कितने फाइटर जेट को […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 30 मई 2025, 10:49 AM 4 मिनट read
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शशि थरूर, सलमान खुर्शीद और मनीष तिवारी… क्यों अलग-थलग पड़ते जा रहे राहुल गांधी?
Photo: UB India News Archive

कांग्रेस में शशि थरूर की तरह पार्टी लाइन से अलग मत रखने वालों की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है. ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस के स्टैंड से उसकी ही पार्टी के कई नेता इत्तेफाक नहीं रखते. कांग्रेस, सरकार पर हमलावर है. राहुल गांधी बार-बार सरकार से सवाल पूछ रहे हैं. हमारे कितने फाइटर जेट को नुकसान हुआ. ऐसे में शशि थरूर के बाद अब मनीष तिवारी और सलमान खुर्शीद के स्टैंड राहुल गांधी को की टेंशन बढ़ाने वाले हैं. जी हां, कांग्रेस के कई नेता ऑपरेशन सिंदूर से गदगद हैं. वे इसके लिए खुलकर मोदी सरकार की तारीफ कर रहे हैं.

दरअसल, कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बार फिर हलचल मची है. ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस दो खेमों में बंट चुकी है. एक खेमा सरकार से सवाल कर रहा है या चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर कांग्रेस के कई नेता हैं जो सरकार के एक्शन से खुश नजर आ रहे हैं. हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर पर जिस तरह से कांग्रेस नेता शशि थरूर, सलमान खुर्शीद और मनीष तिवारी ने पार्टी लाइन से अलग बयान दिए हैं, उससे साफ होता जा रहा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व पर एक खेमे का अविश्वास या असहमति अब खुलकर सामने आ रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर पर राहुल गांधी की रणनीति सवालों के घेरे में है. विपक्षी गठबंधन में जहां अन्य दल चुप्पी साधे हुए हैं, वहीं कांग्रेस ने हमलावर रुख अपनाया. इसे लेकर कांग्रेस की आलोचना भी हो रही है. ऐसे में शशि थरूर, सलमान खुर्शीद और मनीष तिवारी जैसे सीनियर नेता पार्टी की पार्टी लाइन से थोड़ा अलग नजर आए. शशि थरूर विरोध के बाद भी ऑपरेशन सिंदूर डेलिगेशन का हिस्सा बने. उन्होंने इसे राष्ट्रीय हित का मसला बताया. ठीक उनकी राह पर मनीष तिवारी ने भी ऑल पार्टी डेलिगेशन में खुद को शामिल करने के फैसले को जस्टिफाई किया है.

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर वाले डेलिगेशन शामिल होने के अपने फैसले को राष्ट्र की पुकार बताया. यहां बताना जरूरी है कि कांग्रेस नेतृत्व ने दोनों सांसदों को डेलिगेशन में शामिल होने से रोकने की कोशिश की थी. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चार वैकल्पिक नाम सुझाए थे, जिनमें शशि थरूर और मनीष तिवारी का नाम नहीं था. शशि थरूर और मनीष तिवारी की तरह सलमान खुर्शीद भी डिलेगेशन में शामिल हैं.

आतंकवाद पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए विदेश भेजे गए डेलिगेशन में सलमान खुर्शीद ने भी पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया है. सलमान खुर्शीद ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की सराहना की है. अगस्त 2019 में मोदी सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के आर्टिकल 370 को खत्म करने के ऐतिहासिक कदम की सराहना करते हुए खुर्शीद ने कहा कि इस कदम के बाद कश्मीर में खुशहाली आई है.

कांग्रेस और राहुल असहज

इस तरह शशि थरूर, मनीष तिवारी और सलमान खुर्शीद के स्टैंड से कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी असहज होंगे. फिलहाल ऑपरेशन सिंदूर पर राहुल गांधी अपने बयानों और स्टैंड को लेकर आलोचना पर ट्रोल हो रहे हैं. वह शशि थरूर को पाक को बेनकाब करने वाले डेलिगेशन में नहीं जाने देना चाहते थे. इसे लेकर भी उनकी आलोचना हुई. भाजपा ने भी उन्हें घेरा. अब तो पार्टी के भीतर से भी आवाजें उठने लगी हैं. कांग्रेस में जिस तरह से खुलकर कई नेता बारी-बारी से ऑपरेशन सिंदूर और सरकार के कुछ फैसलों की तारीफ कर रहे हैं, इससे कांग्रेस और राहुल गांधी बैकफुट पर हैं.

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