अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में विवाद क्यो थमने का नाम नहीं ले रहे…………………

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब नया विवाद डिजिटल सर्विस टैक्स को लेकर खड़ा हो गया है। ट्रंप ने इस टैक्स के चलते तत्काल प्रभाव से कनाडा के साथ सभी ट्रेड डील को रोकने की घोषणा की है। उन्होंने ट्रुथ सोशल के जरिये घोषणा की […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 28 जून 2025, 09:45 AM 3 मिनट read
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में विवाद क्यो थमने का नाम नहीं ले रहे…………………
Photo: UB India News Archive

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब नया विवाद डिजिटल सर्विस टैक्स को लेकर खड़ा हो गया है। ट्रंप ने इस टैक्स के चलते तत्काल प्रभाव से कनाडा के साथ सभी ट्रेड डील को रोकने की घोषणा की है। उन्होंने ट्रुथ सोशल के जरिये घोषणा की है कि वे कनाडा के साथ “व्यापार पर सभी चर्चाओं को तत्काल प्रभाव से खत्म कर रहे हैं”। दोनों देशों ने जून में जी7 शिखर सम्मेलन में 30 दिनों के भीतर एक नया ट्रेड डील पर सहमति व्यक्त की थी। लेकिन कनाडा द्वारा अमेजन, मेटा, अल्फाबेट के गूगल और एप्पल जैसी अमेरिकी टेक कंपनियों पर  3 प्रतिशत टैक्स लगाने से ये योजनाएं पटरी से उतर गईं। आखिर, यह डिजिटल सर्विस टैक्स है क्या और क्यों इसके चलते एक बार फिर ट्रंप आगबबूला हो गए हैं? आइए आपको सभी सवालों के जवाब देते हैं।

डिजिटल सर्विस टैक्स क्या है? 

डिजिटल सर्विस टैक्स (Digital Services Tax- DST) एक प्रकार का कर है जो सरकार उन डिजिटल कंपनियों पर लगाती है, जो किसी देश में ऑनलाइन सेवाएं या डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराकर वहां से राजस्व अर्जित करती हैं, भले ही उनका भौतिक रूप से उस देश में कोई कार्यालय न हो। कानडा के डिजिटल सर्विस टैक्स के तहत विदेशी और घरेलू बड़े कंपनियों को कनाडा में ऑनलाइन यूजर्स के साथ अर्जित रेवन्यू पर टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। यह कुछ डिजिटल सर्विस से अर्जित रेवन्यू पर 3% लगाता है। इसलिए, कर योग्य राजस्व ऑनलाइन मार्केटप्लेस सेवाओं, ऑनलाइन विज्ञापन सेवाओं, सोशल मीडिया सेवाओं और उपयोगकर्ता डेटा की बिक्री के माध्यम से उत्पन्न किया जा सकता है।

ट्रंप क्यों हुए नाराज?  

दरअसल, कनाडा ने पिछले साल डिजिटल सर्विस टैक्स लगाया था लेकिन कंपनियों को 30 जून से टैक्स का भुगतान करना होगा। चूंकि इसका सीधा असर अमेरिका में की बड़ी टेक कंपनियों और बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर पड़ेगा, इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप नाराज हो गए हैं। डिजिटल सर्विस टैक्स उन कंपनियों पर लागू होगा जिनका सालाना ग्लोबल रेवन्यू €750 मिलियन या उससे अधिक है। गौरतलब है कि यह कर 1 जनवरी, 2022 से प्रभावी है और कंपनियां 30 जून, 2025 से टैक्स का भुगतान करना शुरू करेंगी।

कनाडा का क्या है तर्क? 

कनाडा का तर्क है कि अगर विदेशी कंपनियां कनाडा के लोगों से कमाई करती है तो उसपर टैक्स लगाने का अधिकार कनाडा के पास है। पिछले साल अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के एक नोट में कहा गया है कि डिजिटल सर्विस टैक्स से कनाडा को प्रति वर्ष लगभग 875 मिलियन डॉलर का राजस्व मिलने की उम्मीद है। कनाडाई संसदीय बजट कार्यालय के अनुसार, 5 साल में, डिजिटल सेवा कर संघीय सरकार के राजस्व में 7.2 बिलियन कनाडाई डॉलर की वृद्धि करेगा।

अमेरिका को होगा नुकसान

अमेरिका में कंप्यूटर और संचार उद्योग संघ (CCIA) का दावा है कि कंपनिया कनाडा को 3 अरब डॉलर तक का टैक्स चुकाएंगी। यह अमेरिका में 3,000 नौकरियों में कमी ला सकता है।

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