पटना के कारोबारी गोपाल खेमका मर्डर केस में बिहार पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस की शुरुआती जांच में यह पता चता है कि हत्या जमीन विवाद में ही हुई है. लेकिन अभी जांच जारी है. बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि घटनास्थल से जो सबूत मिले और सीसीटीवी कैमेरे की जांच की गई. अशोक साव के घर से जमीन के बड़ी मात्रा में कागजात मिले हैं. पुलिस पड़ताल कर रही है, पता चल रहा है कि जमीन से संबंधित विवाद सामने आ रहा है.
पटना एसएसपी ने बताया, आरोपी उमेश यादव से पूछताछ की गई तो उन्होंने घटना में संलिप्तता स्वीकार की. इसने हथियार के बारे में बताया, इसके बाद पुलिस को घटना में उपयोग किया गया हथियार बरामद किया. पूछताछ में अशोक साह का नाम आया है. इस हत्या को अंजाम देने के लिए 4 लाख में सौदा हुआ था. 50 हजार रूपए पहले दिए थे. अशोक साव से खेमका की क्या बातचीत हुई. इसको लेकर जांच जारी है.’
पटना के एसएसपी ने बताया कि हत्या के लिए उपयोग किया गया बाइक को ट्रेस किया गया. जिस घर के पास से ये बाइक मिली, उसी घर से आरोपी के कपड़े, जूते और मास्क मिले. वहां घर में मौजूद व्यक्ति से पूछताछ की गई. उनका नाम उमेश यादव है. वही से उपयोग किया गया हथियार भी मिले. साथ ही 59 राउंड गोली बरामद की गई. उमेश ने अशोक साह का नाम लिया.
पटना के एसएसपी ने बताया कि अशोक शाह इसके पहले भी तीन चार हत्याकांड में पूछताछ झेल चुके हैं और एक मामले में ये जेल भी जा चुके हैं. इनका इतिहास आपराधिक रहा है. गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका हत्याकांड के जो सुपर शूटर थे उनकी बाद में हत्या हो गई थी. गोपाल खेमका परिवार को अंग रक्षक मुहैया कराया गया था, जो उन्होंने 2024 में इन्होंने स्वेच्छा से लौटा दिया था है और हमारी राज्य सुरक्षा समिति ने इन्हें फिर से अंग रक्षक कराने ही अनुशंसा की थी. पर इन्होंने ने मना कर दिया था.
आईजी पटना जितेन्द्र राणा ने बताया कि विकास जो कि पुलिस मुठभेड़ में मारा गया वह सप्लायर था और इस तरह के कई हत्याकांड में शामिल रहा है. विकास उर्फ राजा के ठिकाने पर जब दबिश की गई तो उसने पुलिस पर फायरिंग की. उसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया. बिहार पुलिस का यह स्पष्ट संदेश है कि हथियारों का अवैध कारोबार करते हैं. उनके खिलाफ सख्त सख्त कार्रवाई की जाएगी.
डेढ़ साल पहले ही रची गई साजिश
DGP के बाद पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने बताया कि शूटर उमेश यादव ने पूरे कांड में अपनी भूमिका कबूल की। घटना में इस्तेमाल पिस्टल के साथ दो मैगजीन भी मिले, जिसमें 14 राउंड गोलियां मिलीं। उमेश यादव ने बताया कि अशोक साव इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड है। डेढ़ साल पहले ही गोपाल खेमका हत्याकांड की साजिश रची गई थी।
जमीन के लिए हुआ अशोक खेमका का मर्डर
SSP के अनुसार अशोक साव ने न सिर्फ हत्या के लिए हथियार दिए, बल्कि गोपाल खेमका के मूवमेंट की पूरी जानकारी भी दी गई। पहले से तय बात के मुताबिक गैंग हत्या करने के बाद जेपी गंगा पथ पर फिर से मिला और अलग-अलग रास्तों पर निकल गया। पूछताछ में पता चला कि इसमें पूरा मामला जमीन से जुड़ा है। उमेश यादव के पास से 3.65 लाख रुपये बरामद हुए, जबकि अशोक साव के घर से 6 लाख से ज्यादा रुपये बरामद हुए। अशोक साव के घर से भारी तादाद में जमीन के कागजात बरामद हुए हैं।
अशोक साव का मोबाइल खोलेगा राज
पुलिस के मुताबिक गोपाल खेमका के मोबाइल, लैपटॉप और अशोक साव के पास मिले कागजातों को मैच कराया जाएगा, तब पता चलेगा कि किस जमीन को लेकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। एडीजी कुंदन कृष्णन के मुताबिक पुलिस के पास इस हत्याकांड और दी गई सुपारी के पूरे सबूत पुलिस के पास हैं। हत्याकांड की सुपारी 4 लाख रुपयों में तय हुई थी। इसमें से 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। बाकी के साढ़े तीन लाख अशोक साव ने 5 जुलाई यानी हत्या के अगले दिन जेपी गंगा पथ (मालसलामी) में शूटरों को दे दिए।








