लंदन में किसने तोड़ी महात्मा गांधी की प्रतिमा? भारतीय उच्चायोग ने की जांच की मांग………

दन के टैविस्टॉक स्क्वायर में स्थित महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ तोड़फोड़ की घटना ने भारत और भारतीय समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है. भारत ने इस शर्मनाक कृत्य की कड़ी निंदा की है और इसे अहिंसा के सिद्धांतों और गांधीजी की विरासत पर हमला बताया है. लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस घटना […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 30 सितंबर 2025, 07:53 AM 5 मिनट read
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लंदन में किसने तोड़ी महात्मा गांधी की प्रतिमा? भारतीय उच्चायोग ने की जांच की मांग………
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दन के टैविस्टॉक स्क्वायर में स्थित महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ तोड़फोड़ की घटना ने भारत और भारतीय समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है. भारत ने इस शर्मनाक कृत्य की कड़ी निंदा की है और इसे अहिंसा के सिद्धांतों और गांधीजी की विरासत पर हमला बताया है. लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस घटना को लेकर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह तोड़फोड़ खालिस्तानी आतंकवादियों द्वारा की गई है. यह घटना अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस यानी दो अक्तूबर से ठीक तीन दिन पहले हुई, जिसने इसकी गंभीरता को और बढ़ा दिया है.
भारतीय उच्चायोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा- हम टैविस्टॉक स्क्वायर में महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ हुई तोड़फोड़ की इस शर्मनाक घटना की कड़ी निंदा करते हैं. यह न केवल एक मूर्ति पर हमला है, बल्कि यह अहिंसा, शांति और सहिष्णुता के उन मूल्यों पर प्रहार है, जिन्हें गांधीजी ने पूरी दुनिया को सिखाया. उच्चायोग ने इस मामले को स्थानीय प्रशासन के समक्ष दृढ़ता से उठाया है और मूर्ति को उसकी मूल गरिमा में बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाए जा रहे हैं.

उच्चायोग की टीम मौके पर मौजूद

उच्चायोग की टीम मौके पर मौजूद है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर इस दिशा में काम कर रही है. यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब पूरी दुनिया 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है. महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ इस तरह की हरकत ने न केवल भारतीय समुदाय, बल्कि विश्व भर में गांधीवादी विचारों को मानने वालों को आहत किया है. टैविस्टॉक स्क्वायर में यह मूर्ति 1968 में स्थापित की गई थी और यह लंदन में भारतीय संस्कृति और गांधीजी के योगदान का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है. भारतीय उच्चायोग ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन से इस घटना की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

उच्चायोग ने बयान में कहा,

यह शर्मनाक घटना अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस से तीन दिन पहले हुई है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। हम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्रतिमा की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।

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गांधी की यह प्रतिमा 1968 में बनी थी

महात्मा गांधी की इस प्रतिमा का निर्माण 1968 में हुआ। इसे प्रसिद्ध पोलिश-भारतीय प्रतिमाकार फ्रेडा ब्रिलियंट ने बनाया था। कांसे से बनी इस प्रतिमा को यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के पास के उद्यान टैविस्टॉक स्क्वायर में लगाया गया है।

गांधी 1888-1891 के दौरान UCL में कानून के छात्र थे। यह प्रतिमा उनके लंदन में बिताए समय और उनकी वैश्विक विरासत को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाई गई।

इसमें गांधीजी को उनकी पारंपरिक धोती पहने हुए हुए दिखाया गया है, जो उनकी सादगी और अहिंसा के दर्शन को दर्शाता है। फ्रेडा ने प्रतिमा का डिजाइन गांधी के व्यक्तित्व और उनके शांतिपूर्ण स्वभाव को ध्यान में रखकर तैयार किया था।

हर साल 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर इस प्रतिमा के पास समारोह आयोजित किए जाते हैं। इसमें फूल चढ़ाना, भजन गायन और स्मृति सभाएं शामिल होती हैं।

इस साल जून में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन का दौरा किया था। इस दौरान सदस्यों ने टैविस्टॉक स्क्वायर में गांधी को श्रद्धांजलि दी थी।
इस साल जून में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन का दौरा किया था। इस दौरान सदस्यों ने टैविस्टॉक स्क्वायर में गांधी को श्रद्धांजलि दी थी।

पहले भी निशाना बन चुकी हैं गांधी की प्रतिमाएं

यह पहली बार नहीं है, जब गांधी की प्रतिमा को निशाना बनाया गया है। दुनियाभर में उनकी प्रतिमायों पर तोड़फोड़ की कई घटनाएं हुई हैं।

साउथ अफ्रीका में 2003 (डर्बन) और 2015 में (जोहान्सबर्ग) प्रदर्शनकारियों ने गांधी को नस्लीय बताते हुए प्रतिमा हटाने की मांग की थी। इस दौरान #GandhiMustFall अभियान के तहत प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ भी की गई थी।

2020 में नीदरलैंड्स में विरोध प्रदर्शन के दौरान गांधी प्रतिमा पर लाल पेंट से रेसिस्ट यानी नस्लवादी लिखा गया था। 2021 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में अनावरण के एक दिन बाद ही गांधी प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की गई थी।

2023 में कनाडा के बर्नाबी की साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी में गांधी की प्रतिमा तोड़ दी गई थी।
2023 में कनाडा के बर्नाबी की साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी में गांधी की प्रतिमा तोड़ दी गई थी।

ब्रिटेन में पहले भी हुईं भारत विरोधी घटनाएं

1. खालिस्तानियों ने भारतीय हाई कमीशन से तिरंगा उतारा

19 मार्च 2023 को लंदन में कुछ खालिस्तान समर्थकों ने भारतीय हाई कमीशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शनकारी उस वक्त भारत में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे थे।

उन्होंने पहले हाई कमीशन के बाहर तोड़फोड़ की और बाद में यहां लगा तिरंगा उतार दिया। भारत ने इस पर सख्त ऐतराज जताया। दिल्ली में ब्रिटिश हाई कमिश्नर को तलब किया था।

2. मार्च 2025- जयशंकर की कार को खालिस्तानियों ने घेरा

इस साल मार्च में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ब्रिटेन का दौरा किया था। इस दौरान खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने चेथम हाउस के पास उनकी कार को घेरकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने झंडे और स्पीकर लेकर नारे लगाए थे।

उस प्रदर्शन के बाद भारत ने इस घटना की कड़ी निंदा की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि भारत लोकतांत्रिक स्वतंत्रता के दुरुपयोग की निंदा करता है और उम्मीद करता है कि मेजबान देश ऐसे मामलों में अपने कूटनीतिक कर्तव्यों को पूरा करे।

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