पुलिस के अनुसार, कुंदन ठाकुर इलाके का एक कुख्यात अपराधी था, जिसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज थे. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उस पर आर्म्स एक्ट के तहत चकिया और अन्य थानों में 2019, 2020, 2022 और 2024 सहित कई केस दर्ज थे. इसके अलावा राजेपुर थाना (मुजफ्फरपुर) में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज था. लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण वह पुलिस के निशाने पर था.
घटना से एक दिन पहले ही कुंदन ठाकुर ने चकिया थाना के अपर थानाध्यक्ष को फोन कर धमकी दी थी. उसने पुलिस को खुलेआम चुनौती देते हुए कहा था कि जल्द ही ऐसा मुठभेड़ होगा जिसमें कई पुलिसकर्मी मारे जाएंगे. इस धमकी के बाद पुलिस पहले से सतर्क थी और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई. मुठभेड़ के दौरान कुंदन ठाकुर और उसके साथी प्रियांशु दुबे को गोली लगी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.
पुलिस ने घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं. जिनमें एक कारबाइन, दो पिस्टल, दो कट्टा, जिंदा कारतूस और कई खोखे शामिल हैं. पुलिस ने इस कार्रवाई में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है. अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. इस मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में एक ओर जहां राहत का माहौल है, वहीं शहीद जवान को लेकर शोक की लहर भी है.








