परिसीमन के बाद किस राज्य में हो जाएंगी कितनी सीटें?

महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में अपनी बात रखी. उन्होंने साफ किया कि परिसीमन के बाद किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी. उन्होंने कहा कि यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि जो तीन विधेयक आ रहे हैं उनसे दक्षिण भारत की सीटों की संख्या कम हो जाएगी. […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026, 08:31 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
परिसीमन के बाद किस राज्य में हो जाएंगी कितनी सीटें?
Photo: UB India News Archive

महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में अपनी बात रखी. उन्होंने साफ किया कि परिसीमन के बाद किसी भी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी. उन्होंने कहा कि यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि जो तीन विधेयक आ रहे हैं उनसे दक्षिण भारत की सीटों की संख्या कम हो जाएगी. गृहमंत्री ने यह भी बताया कि परिसीमन के बाद किस राज्य में कितनी सीटें हो जाएंगी.

गृह मंत्री ने कहा कि परिसीमन विधेयक 2026 से दक्षिण के राज्यों को नुकसान नहीं बल्कि फायदा होगा. उन्होंने कहा कि 50% वृद्धि मॉडल के बाद लोक सभा की वर्तमान 543 सीटों की संख्या 816 हो जाने से दक्षिण के सभी राज्यों की सीटों की संख्या बढ़ जाएगी. गृह मंत्री ने कहा कि लोक सभा में दक्षिण के राज्यों की मौजूद 129 सीटों की संख्या बढ़कर 195 हो जाएगी और सदन की कुल सीटों में दक्षिण के राज्यों की सीटों का प्रतिशत भी मौजूदा लगभग 24 प्रतिशत के समान रहेगा.

दक्षिण के किस राज्य में कितनी सीटें होंगी?

संसद के विशेष सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों में प्रतिनिधित्व घटने की आशंकाओं पर जवाब दिया. लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने संभावित आंकड़े पेश किए और कहा कि प्रस्तावित ढांचे में किसी भी क्षेत्र को नुकसान नहीं होगा. अमित शाह के अनुसार,

  • कर्नाटक में लोकसभा सीटें 28 से बढ़कर 42 हो सकती हैं
  • आंध्र प्रदेश की सीटें 25 से बढ़कर 38 हो सकती हैं
  • तेलंगाना की 17 से 26 सीटें हो सकती हैं
  • तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 तक पहुंच सकती हैं.
    Latest and Breaking News on NDTV

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पांच दक्षिणी राज्यों में लोकसभा सीटों की कुल संख्या मौजूदा 129 सीटों से बढ़कर 195 हो जाएगी, जबकि सत्ता में हिस्सेदारी का प्रतिशत 23.76 प्रतिशत से बढ़कर 23.87 प्रतिशत हो जाएगा. उन्होंने कहा, ‘उन्होंने पूछा कि 850 का आंकड़ा कहां से आया. मैं इसे समझाता हूं. 850 का यह आंकड़ा इस तरह निकाला गया है: मान लीजिए, अगर 100 सीटें हैं और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना है, तो कुल सीटों को 50 प्रतिशत बढ़ाने पर यह 150 हो जाती हैं और जब 150 सीटों पर 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाता है, तो यह अपने आप वापस 100 सीटों पर आ जाता है.’

अमित शाह ने कहा कि ये आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि परिसीमन के बाद भी दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व में कमी नहीं आएगी. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक सबसे बड़ा नैरेटिव, भ्रांति फैलाई जा रही है कि जो तीन विधेयक है, उनके आने से दक्षिण की संख्या कम हो जाएगा और नुकसान हो जाएगा.

अमित शाह ने कहा कि वे तमिलनाडु की जनता को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनकी शक्ति कम नहीं होगी बल्कि बढ़ रही है. तमिलनाडु में प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा, बल्कि बढ़ेगा. वर्तमान में तमिलनाडु से 39 सदस्य चुनकर आते हैं, जो 543 सदस्यों वाले सदन का लगभग 7.18 प्रतिशत है. प्रस्तावित 50 प्रतिशत वृद्धि के बाद सीटों की संख्या बढ़कर लगभग 59 हो जाएगी और 816 सदस्यों वाले नए सदन में इसका प्रतिनिधित्व लगभग 7.23 प्रतिशत हो जाएगा. अतः स्पष्ट है कि इन राज्यों के प्रतिनिधित्व में कोई कमी नहीं होगी, बल्कि वृद्धि ही होगी.

अमित शाह के भाषण की बड़ी बातें

  • प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण: नया परिसीमन तभी लागू होगा जब संसद इसे स्वीकार करे और राष्ट्रपति महोदय अपनी मंजूरी की मुहर लगाएं. यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है, कोई एकतरफा फैसला नहीं.
  • आगामी चुनावों पर असर नहीं: जब तक नया परिसीमन लागू नहीं होता, तब तक तमिलनाडु, बंगाल सहित सभी आगामी चुनाव पुरानी सीटों पर और पुरानी व्यवस्था के तहत ही होंगे.
  • अखिलेश को सीधा जवाब: अमित शाह ने कहा कि अखिलेश यादव को परिसीमन से डरने की कोई जरूरत नहीं. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वो नई व्यवस्था में भी जीतेंगे नहीं, यह अलग बात है.
  • विपक्ष को आयोग में जगह: अमित शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग में विपक्ष अपने लोग बिठा सकता है. प्रक्रिया पारदर्शी है और इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
  • मैनिपुलेशन के आरोप पर पलटवार: प्रियंका गांधी के मैनिपुलेशन के आरोप पर शाह ने कहा कि अगर किसी ने परिसीमन में मैनिपुलेशन किया है तो वो कांग्रेस है.  BJP यह काम नहीं करती.
  • राजनीतिक टाइमिंग पर निशाना: शाह ने संकेत दिया कि तमिलनाडु और बंगाल में चुनाव नजदीक होने के कारण ही विपक्ष अभी परिसीमन का मुद्दा उठा रहा है, यह शुद्ध रूप से चुनावी राजनीति है.
  • जाति जनगणना पर: मोदी कैबिनेट ने जाति जनगणना कराने का निर्णय ले लिया है. यह जनगणना के दूसरे चरण में होगी. पहले मकान और बिल्डिंग की गणना होगी, उसके बाद जाति का डेटा एकत्र किया जाएगा. इस प्रक्रिया को लेकर जो भ्रांति फैलाई जा रही है, वह निराधार है.
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
न्यूयॉर्क में मोहन भागवत: एक संबोधन से आगे, भारत की पहचान और वैश्विक विमर्श की बड़ी परीक्षा……………..
राष्ट्रीय

न्यूयॉर्क में मोहन भागवत: एक संबोधन से आगे, भारत की पहचान और वैश्विक विमर्श की बड़ी परीक्षा……………..

न्यूयॉर्क की धरती पर जब किसी भारतीय नेता या विचारक की आवाज गूंजती है, तो वह केवल एक शहर के सभागार तक सीमित नहीं रहती। न्यूयॉर्क दुनिया की आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक राजधानी जैसा महत्व रखने वाला शहर है। यहां कही गई बात भारत में भी सुनी जाती है और दुनिया के अनेक हिस्सों में […]

UB India News29 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान के बयान के बाद किराना हिल्स क्यों चर्चा में है…………
खास खबर

पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान के बयान के बाद किराना हिल्स क्यों चर्चा में है…………

पूर्व सीडीएस जनरल अनिल जौहान के एक बयान के बाद पाकिस्तान के किराना हिल्स की चर्चा जोरों पर है. भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उस किराना हिल्स पर कोई हमला नहीं किया गया. बल्कि भारत ने ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के सरगोधा इलाके में तैनात […]

UB India News26 अग॰
‘दिमागी नक्सल’ से इतने आहत क्यों है कांग्रेस के नेता ……………….
खास खबर

‘दिमागी नक्सल’ से इतने आहत क्यों है कांग्रेस के नेता ……………….

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजनीति को ऐसे-ऐसे शब्द दिए हैं, जो उनके समर्थकों को जितना पसंद आते हैं, उससे कहीं ज्यादा उनके विरोधियों को बेधते हैं। शब्द की पहुंच और सफलता को इन दोनों ही परिस्थितियों से समझा जा सकता है। दिल्ली के 2020 के विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने पहली बार आंदोलनजीवी शब्द का […]

UB India News24 अग॰
भाजपा की रणनीति को कितनी धार देगी नितिन की नई टीम…………..
राष्ट्रीय

भाजपा की रणनीति को कितनी धार देगी नितिन की नई टीम…………..

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश समेत अगले वर्ष विधानसभा चुनावों वाले राज्यों को जिस तरह प्रतिनिधित्व दिया गया है, उससे साफ है कि भाजपा ने संगठनात्मक पुनर्संरचना के बहाने आने वाले चुनावों की राजनीतिक बिसात भी बिछानी शुरू कर दी है। दरअसल, भाजपा की […]

UB India News19 अग॰
जनगणना 2027: आंकड़ों की लड़ाई या सत्ता के नए समीकरण को लेकर क्यों मचा है घमासान………………….
राष्ट्रीय

जनगणना 2027: आंकड़ों की लड़ाई या सत्ता के नए समीकरण को लेकर क्यों मचा है घमासान………………….

जनगणना को लेकर इस समय जो सियासी घमासान है, उसकी जड़ सिर्फ जनसंख्या की गिनती नहीं, बल्कि जातिगत आंकड़े, आरक्षण, सामाजिक न्याय और भविष्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी हुई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जनगणना 2027 में पहली बार स्वतंत्र भारत में व्यापक जाति-गणना शामिल की जा रही है। केंद्र सरकार ने 30 […]

UB India News19 अग॰
नितिन नवीन की नई टीम का एलान, 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ महामंत्री बनाए गए…………
राष्ट्रीय

नितिन नवीन की नई टीम का एलान, 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ महामंत्री बनाए गए…………

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों का एलान कर दिया। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक, नई टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री […]

UB India News17 अग॰
वंदे मातरम् पर सियासी घमासान: राष्ट्रगीत से राजनीति तक
राष्ट्रीय

वंदे मातरम् पर सियासी घमासान: राष्ट्रगीत से राजनीति तक

भारत की स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ का अवसर देश के लिए गौरव, स्मरण और आत्ममंथन का दिन होना चाहिए था। लेकिन इस बार स्वतंत्रता दिवस के आसपास राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। जिस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान करोड़ों भारतीयों […]

UB India News16 अग॰
79 साल की लोकतांत्रिक यात्रा में भारत ने काफी दूरी तय की है…..
राष्ट्रीय

79 साल की लोकतांत्रिक यात्रा में भारत ने काफी दूरी तय की है…..

आजादी सिर्फ सत्ता या व्यवस्था से मुक्ति का नाम नहीं, बल्कि हर नागरिक के अपने हिस्से की स्वतंत्रता, सम्मान और बेहतर जीवन की तलाश है. 79 साल की लोकतांत्रिक यात्रा में भारत ने भूख, गरीबी, अशिक्षा और अभावों से काफी दूरी तय की है, लेकिन नई पीढ़ी के लिए आजादी के मायने अब बदल गए […]

UB India News15 अग॰