लखनऊ के अलीगंज के एनिमेशन संस्थान में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो गई। बिल्डिंग से बाहर निकलने का सही रास्ता न होने के कारण धुएं से दम घुटने से लोगों की मौत हुई। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद पटना में भी एक्शन देखने को मिला। पटना में फायर सेफ्टी विभाग की टीम ने मशहूर कोचिंग टीचर खान सर के ‘खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग’ की जांच की। ये जांच अग्निशमन के DIG के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान बोरिंग रोड स्थित खान कोचिंग में कई कमियां पाई गईं।
खान सर के कोचिंग में इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म सिस्टम की कमी
जांच के दौरान फैजल खान उर्फ खान सर के ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ कोचिंग में इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म सिस्टम की कमी पाई गई। इसके बाद अग्निशमन विभाग ने खान कोचिंग को नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में खान सर की कोचिंग को फायर सेफ्टी सिस्टम को ठीक करने और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।
10 दिन बाद फिर होगी खान सर के कोचिंग की जांच
नोटिस में कहा गया है कि 10 दिन के बाद कोचिंग की फिर से जांच की जाएगी। उस समय कर फायर सेफ्टी से जुड़े जरूरी बंदोबस्त नहीं मिले तो कोचिंग को सील कर दिया जाएगा। बता दें, जून महीने की शुरुआत में भी रौशन आनंद और खान सर के बीच हुए विवाद के बाद खान कोचिंग की फायर सेफ्टी टीम ने जांच की थी। जांच के दौरान उस समय भी खामियां पाई गई थीं।
ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर डिटेक्टर सिस्टम भी नहीं
खान सर की कोचिं में हुई जांच को लेकर अग्निशमन विभाग के पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने बताया कि खान सर की कोचिंग संस्थान में फायर सेफ्टी को लेकर कुछ काम जरूर हुआ है, लेकिन अभी काफी चीजें हैं, जिनकी कोचिंग में व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने बताया कि खान कोचिंग में अभी ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर डिटेक्टर सिस्टम नहीं बनाए गए हैं। आग बुझाने के लिए पंप हाउस की व्यवस्था की गई है, लेकिन विभाग के मानकों मुताबिक ये चीज पर्याप्त नहीं है।
जांच में क्या-क्या कमियां मिलीं?
फायर सेफ्टी टीम की जांच में पाया गया कि संस्थान में अभी भी कई जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है। प्रमुख कमियों में-
- पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट की कमी
- फायर अलार्म सिस्टम में खामियां
- स्प्रिंकलर सिस्टम का अभाव
- फायर स्टेयर (आपातकालीन सीढ़ी) का अधूरा निर्माण
- फायर डिटेक्टर सिस्टम का पूरी तरह ऑटोमैटिक न होना
- इलेक्ट्रिक पैनल के नीचे बैठने की व्यवस्था
डीआईजी ने जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग के डीआईजी Manoj Kumar Nat ने कहा कि इलेक्ट्रिक पैनल के नीचे सीटिंग अरेंजमेंट सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है।
इसके अलावा भवन में स्प्रिंकलर सिस्टम भी नहीं मिला, जो आग लगने की स्थिति में गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

10 दिन में सुधार नहीं हुआ तो हो सकती है सख्त कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संस्थान को 10 दिनों का अंतिम मौका दिया गया है। यदि निर्धारित समय में सभी कमियों को दूर नहीं किया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अनुसार जरूरत पड़ने पर कोचिंग सेंटर को सील भी किया जा सकता है।

मुसल्लहपुर और अन्य कोचिंग संस्थानों में भी मिलीं खामियां
अग्निशमन विभाग ने पटना के कई कोचिंग संस्थानों का ऑडिट किया। अधिकारियों के मुताबिक अब तक जांचे गए लगभग सभी संस्थानों में किसी न किसी स्तर पर फायर सेफ्टी संबंधी कमियां मिली हैं।

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में दूसरी बार ऑडिट किया गया, लेकिन कई कमियों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा।
लखनऊ हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
हाल ही में Lucknow में एक इमारत में आग लगने की घटना में 15 लोगों की मौत के बाद देशभर में कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक भवनों की फायर सेफ्टी जांच तेज कर दी गई है। इसी अभियान के तहत पटना में भी व्यापक ऑडिट चल रहा है।
क्या खान सर की कोचिंग पर लगेगा ताला?
फिलहाल कोचिंग संस्थान को बंद करने का आदेश नहीं दिया गया है। हालांकि विभाग ने साफ संकेत दिया है कि यदि 10 दिनों के भीतर सुरक्षा मानकों के अनुसार सुधार नहीं किए गए, तो सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
जिसमें संस्थान को सील करना भी शामिल हो सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में विभाग की अगली जांच काफी महत्वपूर्ण होगी।










