ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दो अहम मुलाकातें कीं. इन दोनों मुलाकातों ने पश्चिम एशिया की कूटनीति को नया एंगल दे दिया है.ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर युद्ध खत्म कराने और बातचीत का रास्ता खोलने में भारत को भूमिका निभाने की गुजारिश की है.
वहीं, दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ बातचीत में पाकिस्तान की मध्यस्थता और मुस्लिम देशों की एकजुटता की तारीफ की. इन दोनों मुलाकातों में हुई चर्चाओं के बारे में जानकारियां सामने आने यह बात स्पष्ट जरूर हुई ईरान युद्ध के बीच कूटनीतिक रास्ते खुले रखना चाहता है.
पीएम मोदी से मुलाकात में भारत की भूमिका पर मसूद पेजेशकियन ने क्या कहा?
पेजेशकियन और पीएम मोदी की मुलाकात 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई. यह मुलाकात खास इसलिए थी क्योंकि दोनों नेताओं की यह बैठक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच हुई है.
ईरानी राष्ट्रपति ने भारत की क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति तथा विभिन्न देशों से उसके संबंधों का जिक्र करते हुए मोदी से अपील की कि भारत अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर संबंधित पक्षों को युद्ध और खूनखराबे से निकालकर बातचीत और समझौते की तरफ लाने में मदद करे.
पेजेशकियन ने साफ कहा कि ईरान का मानना है कि मौजूदा समस्याओं का समाधान संवाद और सहयोग से होना चाहिए. उन्होंने अमेरिका पर कूटनीतिक तंत्र का इस्तेमाल करने के बजाय युद्ध, असुरक्षा और ताकत के जरिए अपनी बात मनवाने का आरोप लगाया. ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने अमेरिकी मिलिट्री काम्प्लेक्स की शिकायत भी की,ईरान के राष्ट्रपति ने कहा अमेरिका में कुछ ग्रुप ऐसे है जो जंग को जारी रखना चाहते हैं ताकि उन्हें फायदा मिलता रहे.
पीएम मोदी ने ईरान को क्या भरोसा दिया?
पीएम मोदी ने भी पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया. भारत ने कहा कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति से होना चाहिए. मोदी ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए प्रयास जारी रखने की बात कही. साथ ही उन्होंने समुद्री रास्तों और व्यापार की स्वतंत्रता तथा नागरिकों, वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर जोर दिया.
ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच पीएम मोदी के इस बयान से खलबली
ईरान पर अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों के बीच पीएम मोदी ने कहा कि ईरान के साथ व्यापार के दायरे बढ़ाये जाएंगे. अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध से विपरीत पीएम मोदी के इस बयान को लेकर मच रही है खलबली. दरअसलअमेरिका ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश तेज कर रहा है और ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों और कंपनियों पर कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है.
पाकिस्तानी पीएम के साथ मुलाकात पर पेजेशकियन ने क्या कहा?
पेज़ेशकियन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ बातचीत में पाकिस्तान की हालिया कूटनीतिक भूमिका की तारीफ की. उन्होंने कहा कि तेहरान पाकिस्तान की कोशिशों से बनी समझ को लागू करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए दूसरी तरफ से भी अपने वादों को निभाना जरूरी होगा.पेजेशकियन ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को धर्म, पंथ या जाति के आधार पर युद्ध और हिंसा का सामना नहीं करना चाहिए.
पेजेशकियन ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए मक्का समझौते का स्वागत किया. उन्होंने इसे मुस्लिम दुनिया में एकता मजबूत करने की दिशा में कदम बताया. शहबाज शरीफ ने भी पेज़ेशकियन की ईमानदारी और बातचीत के प्रति उनके रवैये की तारीफ की. उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत से अच्छे परिणाम निकले हैं.








