जब सत्ता के दो मंत्री आमने-सामने हों, तो सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं, व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी है………………
बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब केवल एक पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है। यह घटना कानून-व्यवस्था, पुलिस की जवाबदेही, मानवाधिकार और राजनीति के उस चौराहे पर खड़ी है, जहाँ हर बयान जनता के मन में नए प्रश्न पैदा कर रहा है। सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं है कि […]