मनमोहन सिंह ने कैसे बदल दी थी भारत की तस्वीर…..

मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली यूपीए-1 सरकार के समय हुई किसान कर्जमाफी भी 2009 के लोकसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित हुई. 2009 के आम चुनाव में जीत के साथ कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई और मनमोहन सिंह का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरु के बाद पांच साल सरकार चलाने के […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 28 दिसंबर 2024, 04:29 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
मनमोहन सिंह ने कैसे बदल दी थी भारत की तस्वीर…..
Photo: UB India News Archive

मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली यूपीए-1 सरकार के समय हुई किसान कर्जमाफी भी 2009 के लोकसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित हुई. 2009 के आम चुनाव में जीत के साथ कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई और मनमोहन सिंह का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरु के बाद पांच साल सरकार चलाने के बाद लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का जनादेश पाने वाले पहले प्रधानमंत्री के तौर पर भी दर्ज हो गया.

देश पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन से शोक में है. देश में सात दिन का राष्ट्रीय शोक है और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से लेकर विपक्षी कांग्रेस और अन्य पार्टियों तक, तमाम शीर्ष नेताओं ने डॉक्टर सिंह के आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा है कि देश ने एक विशिष्ट नेता खो दिया. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डॉक्टर सिंह को अपना गुरु बताते हुए कहा है कि मैंने अपना मार्गदर्शक खो दिया है. राजनेताओं से लेकर आम नागरिक तक, हर कोई पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़े किस्से, उनकी सादगी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है. पूर्व पीएम डॉक्टर मनमोहन सिंह को आर्थिक उदारीकरण का जनक, ग्लोबलाइजेशन का शिल्पकार भी बताया जा रहा है. एक अर्थशास्त्री से लेकर वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री पद तक, डॉक्टर मनमोहन सिंह का सफर कैसा रहा?

इकोनॉमी के डॉक्टर थे मनमोहन सिंह

अर्थशास्त्र डीफिल डॉक्टर मनमोहन सिंह ने योजना आयोग में सहायक सचिव से लेकर रिजर्व बैंक के गवर्नर, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, वित्त मंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में आमूलचूल बदलाव किए. डॉक्टर सिंह ने 16 सितंबर 1982 को आरबीआई गवर्नर का पद्भार संभाला और 14 जनवरी 1985 तक वे इस पद पर रहे. डॉक्टर सिंह के आरबीआई गवर्नर रहते बैंकिंग क्षेत्र में कई कानूनी सुधार हुए, शहरी बैंक विभाग की नींव पड़ी और आरबीआई एक्ट में एक नया चैप्टर जोड़ा गया. बैंकों की स्वायत्तता के पक्षधर रहे डॉक्टर सिंह ने ही यह प्रावधान किया था कि बैंकों को अपनी कुल जमाराशि का 36 फीसदी सरकार के पास सिक्योरिटी बॉन्ड के रूप में रखना होगा. इसे ही एसएलआर कहा जाता है.

राजीव गांधी की अगुवाई वाली सरकार ने 1985 में डॉक्टर मनमोहन सिंह को योजना आयोग का उपाध्यक्ष बना दिया था. 1987 तक योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे मनमोहन सिंह का फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास पर रहा. आरबीआई गवर्नर और योजना आयोग का उपाध्यक्ष रहते डॉक्टर सिंह ने सुधारवादी कदम उठाए और देश जब 1990 के दशक में आर्थिक संकट के भंवर में था, बतौर वित्त मंत्री ऐसे फैसले जिन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर ही पूरी तरह से बदलकर रख दी. मनमोहन के फैसलों ने देश को आर्थिक संकट से बाहर लाने में बड़ा योगदान दिया और नए भारत के निर्माण की आधारशिला रखी.

बतौर वित्त मंत्री अपने पहले ही बजट भाषण में डॉक्टर सिंह ने लाइसेंस राज को खत्म करने, विदेशी निवेश के लिए अर्थव्यवस्था खोलने का ऐलान किया. उन्होंने उदारीकरण, निजीकरण और ग्लोबलाइजेशन के युग की शुरुआत की जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था की तकदीर और तस्वीर पूरी तरह से बदल दी. बतौर वित्त मंत्री मनमोहन सिंह के फैसले क्रैश हो गई, दिवालिएपन के मुहाने पर खड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने में सफल साबित हुए. एक मुश्किल समय में मनमोहन सिंह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए डॉक्टर साबित हुए.

राजनीति के गेमचेंजर

डॉक्टर मनमोहन सिंह ने जब सियासत में कदम रखा था, वह दौर मंडल और कमंडल की राजनीति का था. डॉक्टर सिंह ने मंडल-कमंडल की सियासत के बीच विकास को भी प्रमुखता से स्थापित किया. राजनीति के गेमचेंजर डॉक्टर सिंह का ये चेंजिंग मोड प्रधानमंत्री पद पर पहुंचने तक भी कायम रहा. मनमोहन सिंह 2004 में जब प्रधानमंत्री बने, गठबंधन की राजनीति जोरों पर थी. सरकार पर प्रधानमंत्री और लीडिंग पार्टी से अधिक घटक दल हावी माने जाते थे. ऐसे दौर में डॉक्टर सिंह ने सहयोगियों के विरोध और समर्थन वापसी के दबाव में झुक अमेरिका के साथ असैन्य परमाणु करार पर कदम वापस लेने की जगह सत्ता दांव पर लगा उसे अंजाम तक पहुंचाने का रास्ता चुना. मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी, शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, खाद्य सुरक्षा जैसे कानून आए और आधार कार्ड आया और डायरेक्ट कैश बेनिफिट की बात शुरू हुई.

मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली यूपीए-1 सरकार के समय हुई किसान कर्जमाफी भी 2009 के लोकसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित हुई. 2009 के आम चुनाव में जीत के साथ कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई और मनमोहन सिंह का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरु के बाद पांच साल सरकार चलाने के बाद लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का जनादेश पाने वाले पहले प्रधानमंत्री के तौर पर भी दर्ज हो गया.

पाकिस्तान में हुआ था जन्म

डॉक्टर मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के गाह गांव में हुआ था जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है. डॉक्टर सिंह ने शुरुआती पढ़ाई गाह गांव के प्राइमरी स्कूल से ही की. विभाजन के समय डॉक्टर सिंह का परिवार अमृतसर में बस गया. मनमोहन सिंह ने अमृतसर के हिंदू कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए ऑनर्स और एमए की पढ़ाई की और इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन चले गए. मनमोहन सिंह ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के सेंट जॉन्स कॉलेज से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के नफील्ड कॉलेज से अर्थशास्त्र में डीफिल किया.

 

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
NEET-PG 2026 का देशभर में सफल आयोजन, 2.65 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में शामिल
कैरियर

NEET-PG 2026 का देशभर में सफल आयोजन, 2.65 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में शामिल

36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 339 शहरों में 1,111 केंद्रों पर हुई परीक्षा; जयपुर के 2 केंद्रों के 2,445 अभ्यर्थियों की 5 सितंबर को पुनर्परीक्षा

UB India News30 अग॰
प्रधानमंत्री मोदी को उज़्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान ‘‘ओली दाराजली दोस्तलिक’’ दिया गया
अवार्ड

प्रधानमंत्री मोदी को उज़्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान ‘‘ओली दाराजली दोस्तलिक’’ दिया गया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी को आज उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति महामहिम शावकत मिर्ज़ियोयेव द्वारा दोनों देशों के बीच मित्रता को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए ‘‘ओली दाराजली दोस्तलिक’’ (सर्वोच्च मित्रता सम्मान) से सम्मानित किया गया। यह उज़्बेकिस्तान का विदेशी नेताओं के लिए सर्वोच्च सम्मान है।

UB India News30 अग॰
बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…
समाचार

बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…

पटना में रविवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। वहीं, गोली लगने से SI राजू कुमार सिंह घायल हो गए। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार के सिर में भी चोट लगी है। SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, पुलिस और अपराधी के बीच कुल 62 राउंड फायरिंग हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

UB India News Desk30 अग॰
पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..
पटना

पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..

पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने आज अधिकार मार्च निकाला। इसमें 50 के करीब कार्यकर्ता नजर आए। ये मार्च फ्लॉप दिखाई दिया। गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी। 30 थानेदारों […]

UB India News29 अग॰
नेपाल में फिर जलप्रलय! बिहार में हाई अलर्ट; खतरे से ऊपर गंडक
Breaking News

नेपाल में फिर जलप्रलय! बिहार में हाई अलर्ट; खतरे से ऊपर गंडक

नेपाल में एक और झील टूटने के बाद फ्लैश फ्लड की आशंका बढ़ गई है. इसी बीच बिहार में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. नारायणी नदी और वाल्मीकिनगर गंडक बैराज में पानी के प्रवाह में उतार-चढ़ाव के चलते पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है. निचले इलाकों में […]

UB India News29 अग॰
नेपाल बाढ़ के बाद 21 भारतीय का हुआ रेस्क्यू ,288 अब भी लापता
ताजा खबर

नेपाल बाढ़ के बाद 21 भारतीय का हुआ रेस्क्यू ,288 अब भी लापता

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों को लेकर चिंता बढ़ गई है. बाढ़ और अचानक बढ़े जलस्तर के कारण बड़ी संख्या में पर्यटक और यात्री प्रभावित हुए हैं. नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ के बाद कई विदेशी यात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई. इनमें कई भारतीय भी शामिल हैं. […]

UB India News27 अग॰
कल रक्षाबंधन पर साल का आखिरी चंद्र ग्रहण,………………….
अध्यात्म

कल रक्षाबंधन पर साल का आखिरी चंद्र ग्रहण,………………….

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लग रहा है। इस दिन रक्षाबंधन भी है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार चंद्रमा को ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान शुभ कार्यों को करने से मना किया जाता है। ग्रहण के समय मंदिरों के कपाट तक बंद कर दिए जाते हैं। लेकिन ऐसा उसी ग्रहण […]

UB India News27 अग॰