महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नागपुर हिंसा पर कहा, “कल नागपुर में जो घटना हुई वह दुर्भाग्यपूर्ण है, जो आगजनी हुई, जिसमें 2-4 हजार लोग एकत्र हुए और कई घरों को निशाना बनाया, पथराव किया, आगजनी की. मोमिनपुरा में, जहां 100-150 गाड़ियां खड़ी रहती थीं, वहां एक भी गाड़ी कल नहीं थी. पुलिस जांच कर रही है कि कहीं ये पहले से सोची-समझी साजिश तो नहीं है. लोगों पर हमला किया गया, पुलिस की गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया. इस घटना में 4 DCP स्तर के अधिकारी, 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. पुलिस पर हमला करने का मतलब है कानून को अपने हाथ में लेना. इन लोगों को बख्शा नहीं जाएगा, सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री खुद इसका संज्ञान ले रहे हैं. मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे पुलिस का सहयोग करें और शांति बनाए रखें.”
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि जो लोग अभी भी औरंगजेब की प्रशंसा कर रहे हैं, वे ‘देशद्रोही’ हैं। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने राज्य पर कब्जा करने की कोशिश की थी और कई अत्याचार किए थे। वहीं दूसरी ओर, मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज ‘दिव्य शक्ति’ थे, जो वीरता, बलिदान और हिंदुत्व की भावना के प्रतीक हैं। शिंदे ने सोमवार रात ‘शिव जयंती’ के अवसर पर ये बात कही।
नागपुर हिंसा पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, “छावा फिल्म में औरंगजेब ने जिस तरह से सांभाजी की हत्या की थी उसे देखकर लोगों में औरंगजेब के खिलाफ आक्रोश और बढ़ गया है. लेकिन हमारा सभी से कहना है कि वो शांति बनाए रखे रहें और वहां पर कानून-व्यवस्था बनाए रखें. शांति से आप मांग कर सकते हैं. मुख्यमंत्री और वहां की सुरक्षा बल लोगों को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रही है.”
बीजेपी और शिवसेना के नेताओं ने संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया. वहीं नागपुर हिंसा पर शिवसेना यूबीटी नेता सचिन अहीर ने कहा, “हमें इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. दोषियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए. इस तरह के मुद्दे (औरंगजेब) को भड़काने की क्या जरूरत है?”








