बिहार विधानसभा चुनाव में अभी करीब 6 से 7 महीने का वक्त बचा है। अक्टूबर-नवंबर में चुनाव में होने की संभावना है। इसको लेकर सभी दलों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसमें भाजपा भी पूरी तरह चुनावी मोड में है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अप्रैल को मधुबनी आ रहे हैं। पीएम मोदी की प्रस्तावित यात्रा को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह पटना में पार्टी नेताओं के साथ बैठक किये वहीं कांग्रेस पार्टी भी तैयारियों में जुट गई है। राहुल गांधी के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दो दिवसीय दौरे पर बिहार आ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक खरगे 19 अप्रैल को बक्सर और 20 अप्रैल को पटना में रैली को संबोधित करेंगे। इस दौरान पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे। चुनाव को लेकर फीडबैक लेंगे। साथ ही चुनावी रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। इससे पहले 7 अप्रैल को राहुल गांधी पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन में पहुंचे थे।
RSS पर हमला बोलते हुए कहा था, ‘देश के संविधान में सावरकर की सोच नहीं है। इसमें महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और अंबेडकर जैसे लोगों की सोच है। आज इस देश में आदिवासी, दलित सेकंड सिटिजन है। महात्मा गांधी ने माय एक्सपेरिमेंटस् विथ ट्रुथ लिखा था। मोदी जी शायद माय एक्सपेरिमेंटस् विथ लाइज लिखेंगे।’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि इस बैठक में एनडीए घटक दल के नेता भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 24 अप्रैल को मधुबनी में आगमन हो रहा है। वह यहां एक रैली को संबोधित करेंगे। इसमें मधुबनी जिला के अलावा आसपास के सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, सुपौल, सहरसा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, अररिया जैसे जिलों के लोग भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर इन सभी 10 जिलों के सभी सांसद, विधायक, बिहार सरकार के मंत्री और एनडीए घटक दल के सभी पांच दलों के प्रदेश अध्यक्ष के अलावा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, सांसद संजय झा, बिहार के दोनों उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा जैसे सभी नेता इस समीक्षा बैठक में मौजूद रहेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन और उनके कार्यक्रम की तैयारी को लेकर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बैठक में भाग लेने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पटना आ रहे हैं। यह बैठक भाजपा के प्रदेश कार्यालय में होगी। इस दौरान वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे।
इधर, कांग्रेस के सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी को लेकर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस अब राजद से सचेत और सतर्क हो गई है। राजद अपनी ही सहयोगी पार्टी कांग्रेस का सफाया करने में जुटी थी, जिसे कांग्रेस भांप गई है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी भी इसके संकेत दे चुके हैं।
राहुल ने मानी थी अपनी गलती
कांग्रेस नेता ने बिहार को लेकर अपनी पिछली गलतियों को स्वीकार करते हुए कहा था, ‘जिस गति और मजबूती से हमें काम करना चाहिए था, नहीं किया। अपनी गलतियों से सीखा हूं। अब पूरी शक्ति के साथ कमजोर, पिछड़े, दलितों को एक साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।’
मिशन बिहार में जुटी कांग्रेस
कांग्रेस बिहार चुनाव से पहले कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती है। पहले कृष्णा अल्लावरू को प्रदेश प्रभारी बनाकर बिहार भेजा। इसके कुछ दिन बाद ही अखिलेश सिंह की जगह राजेश राम को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। फिर 40 जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी। इनमें से 21 नए चेहरे हैं। 19 जिलाध्यक्षों को रिपीट किया गया है। सभी जिलाध्यक्षों के साथ राहुल गांधी ने 4 अप्रैल को दिल्ली में बैठक की थी।
बेगूसराय में 7 अप्रैल को कन्हैया कुमार की ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ यात्रा में राहुल गांधी शामिल हुए। समापन पर 11 मार्च को राजस्थान कांग्रेस के सीनियर नेता सचिन पायलट पटना पहुंचे। इससे साफ है कि कांग्रेस अभी से ही मिशन बिहार में जुट गई है।
सीएम से मिलना चाहते थे प्रदर्शनकारी
कन्हैया कुमार ने ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ के नारे के साथ 26 दिनों तक बिहार में पदयात्रा की। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य बेरोजगारी और पलायन के खिलाफ आवाज उठाना था। 11 मार्च को पटना में इसका समापन था। प्रदर्शनकारी कन्हैया के नेतृत्व में सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात करना चाहते थे। सीएम हाउस से 3 किलोमीटर पहले ही पुलिस ने कांग्रेसियों को रोक दिया।
राजापुर पुल के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों में थोड़ी देर नोकझोंक हुई। इस दौरान वाटर कैनन के जरिए भीड़ को कंट्रोल किया। कुमार और यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान को पुलिस ने हिरासत में लेकर कोतवाली थाने पहुंची। हालांकि, दोनों को एक घंटे बाद छोड़ दिया गया।









