जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद देशभर में विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक्शन शुरू हो गया है। गुजरात के अहमदाबाद और सूरत में पुलिस ने शनिवार को करीब 557 बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया। वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर उन्हें भारत से निकाला जाएगा।
हरियाणा में राज्य सरकार ने 460 पाकिस्तानियों को निकालने का आदेश जारी किया है। इनमें ज्यादातर हिंदू हैं। अभी इन्हें हिरासत में लेने की कोई सूचना नहीं है। CM नायब सैनी ने पाकिस्तानियों को वापस भेजने के लिए गृह विभाग से प्लानिंग मांगी है।
केंद्र सरकार के आदेश के बाद वीजा पर भारत आए पाकिस्तानियों के देश छोड़ने का सिलसिला जारी है। पंजाब के अटारी बॉर्डर पर शनिवार सुबह से पाकिस्तानी नागरिक भारत से अपने देश लौट रहे हैं। एक पाकिस्तानी ने कहा कि उनके पास 1.5 महीने का वीजा था, लेकिन भारत सरकार के आदेश के कारण उन्हें 15 दिनों में लौटना पड़ रहा है।
दरअसल, 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने ट्रैवल परमिट लेकर भारत आए सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 1 मई, 2025 तक पाकिस्तान लौटने को कहा है। वहीं, अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों को सरकार खुद उनके देश भेजेगी।
गृह मंत्री के निर्देश पर गुजरात सरकार का एक्शन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सभी राज्य सरकारों को विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने का निर्देश दिया था। इसके बाद गुजरात सरकार ने पुलिस क्राइम ब्रांच को राज्य के बड़े शहरों और गांवों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को तुरंत हिरासत में लेने को कहा।
पुलिस का ऑपरेशन शनिवार रात 12 बजे शुरू हुआ और सुबह 6 बजे तक चला। अहमदाबाद में 457 और सूरत में करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया गया है। अहमदाबाद में पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों की परेड निकाली और सबको पैदल लेकर हेडक्वार्टर पहुंची।
फिलहाल, इन सभी के दस्तावेजों की जांच चल रही है। कुछ लोगों के पास से भारतीय आधार कार्ड भी मिले हैं। पुलिस ने सभी के फोन भी जब्त कर लिए हैं। अभी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर अजीत राजियन ने बताया कि इस जाइंट ऑपरेशन को क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप, आर्थिक अपराध शाखा और पुलिस हेडक्वार्टर के पुलिसकर्मियों ने अंजाम दिया।
सूरत पुलिस की 6 टीमों में करीब 100 पुलिसकर्मी शामिल थे। इसमें दो DCP, चार ACP और करीब 10 इंस्पेक्टर शामिल थे। फिलहाल गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी सूरत में हैं।
अहमदाबाद में हिरासत में लिए गए लोगों को आगे की कार्रवाई के लिए कांकरिया फुटबॉल ग्राउंड में रखा गया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। अगर उनके पास वैध दस्तावेज नहीं मिले तो उन्हें वापस उनके देश भेजा जाएगा।
हिरासत में लिए लोगों का दावा- यूपी के निवासी हैं दैनिक भास्कर ने हिरासत में लिए गए लोगों से बात की। फुटबॉल ग्राउंड में मौजूद मोहम्मद कय्यूम ने दावा कि वे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से हैं। उन्होंने कहा- अधिकारियों ने मुझे आधार कार्ड दिखाने को कहा था फिर फुटबॉल ग्राउंड में ले आए।
हनीफ राठौड़ नाम के एक व्यक्ति ने बताया, ‘मैं अमरेली से हूं। मैं कई सालों से अहमदाबाद में रह रहा हूं। पुलिस सुबह चार बजे मेरे घर आई और मुझे उठाकर यहां ले आई। मेरे परिवार में दो बच्चे और एक पत्नी है। मेरी पत्नी को दौरे की बीमारी है।’








