ऑपरेशन सिंदूर के तहत तो पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों को मारा गया लेकिन अब देश के अंदर मौजूद गद्दारों की भी धरपकड़ जारी है। देश में जो लोग पाकिस्तान के एजेंट्स के तौर काम कर रहे थे, पैसे लेकर हमारी सेना की गतिविधियों और फौजी ठिकानों की जानकारी पाकिस्तान को दे रहे थे, ऐसे 11 गद्दारों को यूपी, पंजाब और हरियाणा से गिरफ्तार किया जा चुका है। इन लोगों से पूछताछ में कई बड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता ये चला कि दिल्ली में पाकिस्तान का उच्चायोग जासूसी नेटवर्क का सबसे बड़ा केंद्र बन गया था। पाकिस्तानी हाई कमीशन में तैनात अफसर वीजा लेने पहुंचे लोगों को जासूस के तौर पर भर्ती कर रहे थे। किसी को मुफ्त में वीजा देकर, किसी को पैसे का लालच देकर सेना के ठिकानों की जानकारी इकट्ठा करने के काम में लगाया जाता था।
हरियाणा से पकड़े गये जासूस मोहम्मद तारीफ ने बताया कि वो हाई कमीशन के कुछ अफसरों की मदद से तीन बार पाकिस्तान जा चुका है। मोहम्मद तारीफ हरियाणा में नूंह जिले के तावड़ू गांव का रहने वाला है। मोहम्मद तारीफ ने पुलिस को बताया कि 2018 में वो पहली बार वीजा इंटरव्यू के लिए पाकिस्तान हाई कमीशन गया था, वहां मौजूद एक अफसर आसिफ ने वीजा के बदले दो सिम कार्ड लाने को कहा। इसके बाद पाकिस्तानी हाई कमीशन ने उससे कहा कि वो जितने लोगों को वीजा के लिए लाएगा, उनसे जो पैसा मिलेगा, उसका आधा हिस्सा उसे भी देंगे। मोहम्मद तारीफ ये काम करने लगा। उसके बाद पाकिस्तानी हाई कमीशन के एक अफसर जाफर ने कहा कि अगर वायु सेना से जुड़ी सूचनाएं लाकर देगा, तो उसे लाखों रुपये दिए जाएंगे। मोहम्मद तारीफ इस चक्कर में फंस गया।
पुलिस ने अभी पूछताछ से मिली ज्यादा जानकारियां शेयर नहीं की है। कुल 6 जासूस गिरफ्तार हुए हैं। हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, नूंह जिले से अरमान और मोहम्मद तारीफ, पानीपत से नोमान इलाही और कैथल से देवेंद्र सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है। छठे जासूस की गिरफ्तारी पंचकूला से हुई है। यूपी से एटीएस ने रामपुर से शहजाद नाम के जासूस को गिरफ्तार किया है। पंजाब से चार जासूस शिकंजे में आ चुके हैं। पिछले कुछ दिन में 11 पाकिस्तानी जासूस पकड़े जा चुके हैं। जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा भी पाकिस्तानी अफसर दानिश के संपर्क में थी। पाक हाई कमीशन में होने वाली पार्टियों में उसे अक्सर बुलाया जाता था। एक बात तो ये साफ है कि पाकिस्तान हाई कमीशन जासूसों की भर्ती का अड्डा बन चुका था। हाई कमीशन में बैठे अफसर भारत के खिलाफ साजिशें रच रहे हैं। इसीलिए अब सुरक्सिषा विशेषज्ञ पाकिस्तानी उच्चायोग को बंद करने की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तान की हरकतें शुरू से ही संदिग्ध रही है। पूरी दुनिया को इस बात पर कोई शक नहीं है। पाकिस्तान की जमीन आतंकियों का अड्डा है ये बात किसी से छिपी नहीं है। लेकिन पाकिस्तान अपने दूतावास का इस्तेमाल जासूसी के लिए करता है ये वाकई चौंकाने वाला है। सभी देशों को इस घटना के बाद अलर्ट हो जाना चाहिए। पाकिस्तानी दूतावासों पर निगरानी रखनी चाहिए क्योंकि ये किसी भी देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।








