बीएसएफ यानी सीमा सुरक्षा बल के जवानों को अपनी पोस्टिंग के स्थान पर पहुंचने और वापस आने के लिए पुरानी और खराब ट्रेन मुहैया कराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. केंद्र सरकार के इस मामले पर चिंता जाहिर की. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तुरंत इसपर एक्शन लिया. कार्रवाई करते हुए अलीपुरद्वार मंडल […]
By UB India News • Patna, Bihar बुधवार, 11 जून 2025, 12:30 PM • 2 मिनट read
बीएसएफ यानी सीमा सुरक्षा बल के जवानों को अपनी पोस्टिंग के स्थान पर पहुंचने और वापस आने के लिए पुरानी और खराब ट्रेन मुहैया कराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. केंद्र सरकार के इस मामले पर चिंता जाहिर की. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तुरंत इसपर एक्शन लिया. कार्रवाई करते हुए अलीपुरद्वार मंडल के चार रेलवे अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. निलंबित किए गए अधिकारियों में अलीपुर कोचिंग डिपो के डिपो अधिकारी और तीन सीनियर सेक्शन इंजीनियर शामिल हैं. रेल मंत्री ने स्पष्ट कहा कि, “देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की गरिमा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस तरह की लापरवाही निंदनीय है और भविष्य में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
आंतरिक जांच के आदेश
इस घटना के बाद बीएसएफ जवानों के लिए खास तौर पर एक नई स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है, जो अगरतला से रवाना होगी. इस ट्रेन में जवानों की सुविधा, आराम और सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाएगा. कोचों की गुणवत्ता से लेकर सफर के अनुभव तक, सभी पहलुओं पर खास निगरानी रखी जाएगी ताकि भविष्य में कोई शिकायत न हो. रेल मंत्रालय ने इस पूरे मामले की आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
जवानों के सम्मान पर चोट!
सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय यह सुनिश्चित कर रहा है कि ऐसा मामला दोबारा न दोहराया जाए और इसके लिए सिस्टम में सुधार के व्यापक उपाय किए जा रहे हैं. यह घटना सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि उन जवानों के मनोबल पर भी असर डाल सकती थी जो सीमाओं पर देश की सुरक्षा के लिए दिन-रात तैनात रहते हैं. ऐसे में रेल मंत्रालय का तुरंत और सख्त रवैया न केवल एक मिसाल पेश करता है बल्कि यह संदेश भी देता है कि जवानों की गरिमा और सुविधाओं से कोई समझौता नहीं होगा.