मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का दूसरा कार्यकाल जनवरी 2026 में समाप्त हो रहा है. तीसरे कार्यकाल को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि कमलनाथ, मीनाक्षी नटराजन जैसे बड़े दावेदार कतार में हैं. पार्टी के नए नेतृत्व- खासकर जीतू पटवारी और उमंग सिंघार को लंबे समय से ‘दिग्विजय विरोधी’ माना जाता है. ऐसे में दिग्विजय सिंह का अचानक ‘बागी तेवर’ दिखाना सिर्फ संयोग नहीं है, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संकेत है.
दिग्विजय सिंह के ताजा ट्वीट ने नई बहस छेड़ दी है. CWC बैठक शुरू होने से ठीक कुछ घंटे पहले दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर पोस्ट की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास बैठे दिखते हैं. दिग्विजय सिंह ने लिखा, ‘RSS का जमीनी स्वयंसेवक और BJP का जमीनी कार्यकर्ता नेताओं की चरणों पर बैठकर CM और PM बना… यह संगठन की शक्ति है.’
दरसल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने CWC बैठक शुरू होने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट किया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुरानी तस्वीर साझा की है, जिसमें मोदी लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास बैठे नजर आते हैं.
दिग्विजय सिंह ने तस्वीर के साथ लिखा, ‘RSS का जमीनी स्वयंसेवक और बीजेपी का जमीनी कार्यकर्ता नीचे बैठकर सीएम और पीएम बना… यह संगठन की शक्ति है.’
दिग्विजय सिंह का सोशल मीडिया पोस्ट

क्या कांग्रेस नेतृत्व को नसीहत?
इस पोस्ट ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. क्या दिग्विजय सिंह ये कहकर कांग्रेस नेतृत्व को अप्रत्यक्ष रूप से नसीहत दे रहे हैं? क्या यह कांग्रेस संगठन में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कैडर की कमी पर कटाक्ष है? यह सवाल कांग्रेस के भीतर और बाहर तेजी से उठ रहा है.
पोस्ट में पीएम मोदी और कांग्रेस नेतृत्व को किया टैग
दिलचस्प यह है कि दिग्विजय सिंह ने अपनी पोस्ट में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे के साथ नरेंद्र मोदी को भी टैग किया है, जिससे राजनीतिक पारा और चढ़ गया है.
पोस्ट की टाइमिंग पर उठ रहे सवाल
इस पोस्ट की सबसे अहम बात यह है कि दिग्विजय सिंह यह पोस्ट तब कर रहे हैं, जब CWC की बैठक चल रही है और वे खुद भी बैठक में मौजूद हैं.
यह समय और संदेश दोनों ही इस पोस्ट को राजनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बना देते हैं.
कुछ दिनों पहले कांग्रेस को दी थी नसीहत
इससे एक हफ्ते पहले 19 दिसंबर को दिग्विजय सिंह ने एक पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को सीधा संदेश देते हुए कहा था कि कांग्रेस पर ध्यान दीजिए. हमें व्यावहारिक विकेंद्रीकरण कार्यशैली की जरूरत है. मुझे उम्मीद है आप ऐसा करेंगे लेकिन समय यह है कि आपको मनाना आसान नहीं है.
एक्स पर पोस्ट करते हुए दिग्विजय ने लिखा, ‘राहुल जी, सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर आपकी राय बिल्कुल सटीक है. लेकिन अब कृपया कांग्रेस पर भी ध्यान दें. चुनाव आयोग की तरह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को भी सुधारों की आवश्यकता है.’
दरअसल दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने वाला है और प्रदेश कांग्रेस में दिग्विजय का प्रभाव कम होता दिख रहा है. ऐसे में यह ट्वीट को दबाव बनाने की तरकीब की तरह भी देखा जा रहा है.
दिग्विजय के ट्वीट से कांग्रेस में हलचल
सूत्रों की मानें तो ट्वीट के बाद कांग्रेस के भीतर भी इस तरह की चर्चा है कि आखिर दिग्विजय ऐसे बयान क्यों दे रहे हैं. PM मोदी और RSS को लेकर दिए गए बयान से पार्टी को असहजता हुई है.








