बिहार की राजनीति में आजकल नए मुद्दे छा रहे हैं। पहले जिन बातों पर नेता दांव-पेंच खेलते थे, वो अब आने वाले चुनावों में शायद ही दिखे। आजकल किसकी जुबान फिसली या किसने देश को शर्मिंदा किया, जैसे मुद्दे चुनाव जीतने के तरीके बन गए हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या RJD गलत रास्ते पर जा रही है या तेजस्वी यादव ने एनडीए के कमजोर नब्ज को पकड़ लिया है?
नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर सवाल
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने के लिए उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं। वो चाहते हैं कि नीतीश कुमार को जेल हो या उन पर जुर्माना लगे। तेजस्वी का ध्यान अभी सिर्फ इस बात पर है कि नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उनका कहना है कि कुछ अधिकारी ही राज्य चला रहे हैं। राष्ट्रीय गीत के अपमान के मुद्दे को भी उठाया जा रहा है। ‘स्लिप ऑफ टंग’ (जुबान फिसलना) को मुद्दा बनाया जा रहा है। तेजस्वी विशेष राज्य के दर्जे और विशेष पैकेज की बात नहीं कर रहे हैं। पलायन और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी पीछे छूट गए हैं।
जेडीयू का तेजस्वी पर पलटवार
सत्ता पक्ष भी तेजस्वी यादव पर पलटवार कर रहा है। JDU प्रवक्ता अभिषेक झा एक वीडियो के जरिए हमला कर रहे हैं। उनका कहना है कि जो लोग नीतीश कुमार के वीडियो में राष्ट्रीय गीत का अपमान ढूंढ रहे हैं, वो बताएं कि राबड़ी देवी राष्ट्रगीत के दौरान बैठी क्यों रहीं? कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी एक कार्यक्रम में राष्ट्रगान के समय बात करते दिखे। तो ये क्या है?
अभिषेक झा आगे कहते हैं कि तेजस्वी यादव ने भी सदन में कहा था कि मुख्यमंत्री को बार-बार 2090 के कार्यकाल की याद दिलाई जाती है। क्या 2090 के समय कुछ नहीं था? क्या 2005 के बाद ही औरतें कपड़े पहनती दिखीं? क्या ये ‘टंग ऑफ स्लीप’ नहीं है? सच तो ये है कि जब कोई धाराप्रवाह बोल रहा होता है, तो जुबान किसी की भी फिसल सकती है। लालू यादव ने एक बार तिरंगा उल्टा फहरा दिया था, तो क्या उन्होंने गद्दी छोड़ दी थी?
राजनितिक विश्लेषक भी मानते हैं कि राष्ट्रगान के दौरान नीतीश कुमार की हरकत को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया जा सकता। ये भाषण का रंग-रोगन हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नीतीश कुमार के माफी मांगते ही ये मुद्दा खत्म हो जाएगा। उन्होंने सदन में परिवार नियोजन पर जो कुछ बोला, उसे हाथ जोड़कर वापस ले लिया था। क्या इस हरकत के बाद JDU ने चुनाव में सफलता नहीं पाई? उन्होंने सारे उपचुनाव जीते। लोकसभा में बेहतर स्ट्राइक रेट के साथ 12 सीटें जीतीं।








