प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार की राजधानी पटना में 6 किलोमीटर लंबा रोड शो करने जा रहे हैं. इस रोड शो के लिए 24 स्टेज बनाए गए हैं. हर मंच पर भाजपा के नेता और कार्यकर्ता मोदी का स्वागत करेंगे. इस रोड शो को भाजपा की चुनावी ताकत के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. लेकिन सबसे बड़ा सियासी सवाल यही है…क्या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पीएम मोदी के इस ‘राजनीतिक रथ’ पर सवार होंगे? ये सवाल बिहार की राजनीति में हलचल मचा रहा है.
नीतीश कुमार इन दिनों एनडीए के साथ हैं और केंद्र में भाजपा सरकार को समर्थन दे रहे हैं. हालांकि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि वह कब पाला बदल लें ये कोई नहीं जानता. इसलिए पीएम मोदी के इस रोड शो के मौके पर निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नीतीश कुमार खुद इस कार्यक्रम में शरीक होंगे या दूरी बनाए रखेंगे?
पिछले साल दिखे थे साथ
2017 में महागठबंधन छोड़कर NDA में लौटने के बाद से नीतीश और मोदी कई मौकों पर एक साथ मंच साझा कर चुके हैं. मई 2024 में पटना में हुए रोड शो में नीतीश, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और रविशंकर प्रसाद के साथ पीएम मोदी के रथ पर थे. उस समय ये रोड शो लोकसभा चुनाव के लिए NDA की एकजुटता का प्रतीक था. बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश की मौजूदगी का सवाल बेहद अहम है. दरअसल JD(U) कार्यकर्ता ये उम्मीद कर रहे हैं कि पीएम मोदी नीतीश को आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करें.
ताकत का प्रदर्शन या संदेश?
पटना के इस भव्य रोड शो के जरिए भाजपा ये दिखाना चाहती है कि बिहार में उसका जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है. ये रोड शो एक तरह से यह भी संकेत देता है कि भाजपा बिहार में अकेले दम पर चुनाव जीतने की ताकत रखती है. लेकिन इस संदेश के बीच सवाल उठता है कि भाजपा के पुराने सहयोगी नीतीश कुमार को क्या ये ताकत दिखाना रास आएगा?
मोदी का यह रोड शो न केवल BJP की ताकत दिखाने का प्रयास है, बल्कि बिहार में NDA की एकजुटता का संदेश भी देता है. साल 2024 के रोड शो में भारी भीड़ और उत्साह ने दिखाया था कि मोदी की लोकप्रियता बिहार में अब भी बरकरार है. इस बार 6 किलोमीटर लंबा रोड शो और 24 स्टेज इस आयोजन को और भव्य बनाते हैं. लेकिन अगर नीतीश इस रोड शो में शामिल नहीं होते हैं तो ये विपक्ष, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को NDA में दरार का दावा करने का मौका दे सकता है.
सियासी संकेत…
पीएम मोदी का पटना में रोड शो महज एक प्रचार कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक बड़ा सियासी संदेश है. अब देखना यह है कि नीतीश कुमार इस मौके को भाजपा के साथ रिश्ते मजबूत करने के रूप में देखते हैं या फिर दूरी बनाकर नया सियासी संकेत देते हैं. जो भी हो इस रोड शो से बिहार की राजनीति में गर्माहट जरूर आ गई है.
रोड शो के दौरान 3 हजार जवानों की होगी तैनाती
PM मोदी का रोड शो 45 मिनट का होगा, जो एयरपोर्ट से BJP दफ्तर तक होगा। इस दौरान शहर में 200 मजिस्ट्रेट के साथ-साथ करीब 3 हजार से ज्यादा पुलिस जवानों की तैनाती की गई है।
रोड-शो के रास्ते में पड़ने वाली इमारतों पर स्नाइपर की तैनाती रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा के मद्देनजर बिहार पुलिस मुख्यालय ने अलर्ट जारी किया है। खासतौर से पटना में रोड शो वाली जगहों के अलावा रोहतास में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थलों पर कड़ी व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है। निर्देश दिया गया है कि PM के 100 मीटर के दायरे में रहने वाले सभी लोगों की काेराेना जांच होगी।
ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी
29 मई को पटना में PM मोदी के रोड शो के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में शाम 4 से रात 8 बजे तक बदलाव किया गया है। बेली रोड पर डुमरा चौक से आयकर गोलंबर तक दोनों लेन में गाड़ियों का परिचालन बंद रहेगा।
आज शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक नेहरू पथ (डुमरा चौकी से आयकर गोलंबर तक दोनों तरफ) पर सभी वाहनों पर रोक रहेगी। जिला परिवहन कार्यालय से एयरपोर्ट की ओर जाने वाले सभी वाहनों पर भी रोक रहेगी। सगुना मोड़, दानापुर से पूरब हड़ताली मोड़ की ओर जाने वाले वाहनों को राजा बाजार आरओबी पर रोका जाएगा। नेहरू पथ (सगुना मोड़ से शेखपुरा मोड़) की ओर आने वाले वाहन जगदेव पथ, फुलवारी शरीफ होते हुए अपने गंतव्य जा सकेंगे। डाकबंगला से पश्चिम की ओर जाने वाले वाहन बुद्ध मार्ग, राजापुर पुल और अशोक राजपथ से जा सकेंगे। कंकड़बाग-पटना जंक्शन से पश्चिम की ओर जाने वाले वाहन अनीसाबाद गोलंबर की ओर भेजे जाएंगे।
उत्तरी पटना से आने वाले वाहन आशियाना, दीघा रोड से दीघा, कुर्जी, राजापुर पुल होते हुए अपने गंतव्य पर जा सकेंगे। दक्षिण से आने वाले वाहन फुलवारी शरीफ टमटम पड़ाव होते हुए वैकल्पिक मार्ग से निकल सकते हैं। जिला परिवहन कार्यालय से उत्तर की ओर जाने वाले वाहन जगदेव पथ से होकर अपने गंतव्य पर जा सकेंगे। रोड शो के दौरान हड़ताली मोड़ के ऊपर से गुजरने वाले अटल पथ पर कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही रोकी जाएगी। जैसे ही प्रधानमंत्री का काफिला हड़ताली मोड़ से आगे बढ़ेगा, अटल पथ को फिर से खोल दिया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आज शाम वैकल्पिक रास्तों का ही इस्तेमाल करें और बिना वजह यात्रा करने से बचें।








