ऑपरेशन सिंदूर के बाद बिहार में कैसी है सियासी फिजा………..

बिहार में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है. सूबे की सत्ता पर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन अपनी मजबूत पकड़ को बनाए रखने के लिए एक के बाद एक दांव चल रहा है. नीतीश-मोदी के नाम और काम पर सियासी माहौल बनाने में एनडीए जुटा है तो ऑपरेशन […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 13 जून 2025, 09:06 AM 7 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
ऑपरेशन सिंदूर के बाद  बिहार में कैसी है सियासी फिजा………..
Photo: UB India News Archive

बिहार में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई है. सूबे की सत्ता पर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन अपनी मजबूत पकड़ को बनाए रखने के लिए एक के बाद एक दांव चल रहा है. नीतीश-मोदी के नाम और काम पर सियासी माहौल बनाने में एनडीए जुटा है तो ऑपरेशन सिंदूर के बाद सियासी फिजा पूरी तरह से उसके पक्ष में दिख रही है. इस तरह से एनडीए बिहार में कास्ट समीकरण से लेकर राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के एजेंडे का ताना-बाना बुन रही है. ऐसे में एनडीए के सियासी चक्रव्यूह को भेदना तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की जोड़ी के लिए आसान नहीं है?

सीएम नीतीश और पीएम मोदी की सियासी जोड़ी लगातार मजबूत गठबंधन ही नहीं बल्कि एक बेहतर जातीय समीकरण के सहारे उतरी है. पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना के द्वारा पाकिस्तान में किए गए ऑपेरशन सिंदूर से एनडीए के पक्ष में सकारात्मक माहौल बना हुआ है और मोदी सरकार ने जातिगत जनगणना कराने का फैसला करके विपक्ष के हाथों से बड़ा मुद्दा छीन लिया है. बिहार चुनाव में बीजेपी ने इन्हीं मुद्दों के सहारे उतरने की रणनीति बनाई है, जिसे भेदे बिना सत्ता के सियासी वनवास को खत्म करना इंडिया गठबंधन के लिए नामुमकिन है.

ऑपरेशन सिंदूर एनडीए का सियासी हथियार

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहला विधानसभा चुनाव बिहार में होने जा रहा है. पहलगाम हमले के बाद पीएम मोदी ने बिहार से ही आतंकियों को मिट्टी में मिलाने का वचन दिया था. ऑपेरशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने को पूरी तरह से ध्वस्त करने का काम किया. इसके बाद से बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने ऑपरेशन सिंदूर का श्रेय पीएम मोदी को देते हुए सियासी माहौल बनाना शुरू कर दिया है. इस तरह से एनडीए ने राष्ट्रवाद के मुद्दे को सियासी एजेंडे के तौर पर बिहार में सेट करना शुरू कर दिया है.

बिहार में पहले से ही पाकिस्तान के खिलाफ भावनाएं मजबूत मानी जाती हैं. बीजेपी को एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक की तरह ऑपरेशन सिंदूर का सकारात्मक असर मिलने की उम्मीद दिख रही है. पीएम मोदी जिस तरह से बिहार की रैलियों में ऑपेरेशन सिंदूर का जिक्र कर रहे हैं, उससे सियासी माहौल एनडीए के पक्ष में बन रहा है. ऐसे में तेजस्वी और राहुल गांधी को एनडीए के राष्ट्रवादी एजेंडे की काट तलाशनी होगी.

बिहार में एनडीए का कास्ट समीकरण मजबूत

बिहार में एनडीए गठबंधन का हिस्सा-बीजेपी, जेडीयू, चिराग पासवान की एलजेपी, जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी है. इस तरह जेडीयू और बीजेपी ने अपने गठबंधन के जरिए मजबूत कास्ट समीकरण बनाने की कवायद की है. बीजेपी का कोर वोटबैंक राजपूत, ब्राह्मण, भूमिहार, कायस्थ और वैश्य माने जाते हैं. इसके अलावा बीजेपी ने ओबीसी और दलित वोटों में भी अपनी पैठ बनाई है. नीतीश कुमार की जेडीयू का कुर्मी और अतिपिछड़ा कोर वोट बैंक माना जाता है. मांझी की मुसहरों के बीच पैठ है तो चिराग पासवान की दलितों में दुसाध समुदाय में पकड़ मजबूत है. इसी तरह उपेंद्र कुशवाहा की राजनीति कोइरी वोटों पर टिकी है.

एनडीए ने सवर्ण, कुर्मी, अतिपछड़े, कोइरी और दलित वोटों की मजबूत जातीय समीकरण बनाकर बिहार चुनाव लड़ने का प्लान बनाया है. इस तरह से एनडीए बिहार के करीब 65 फीसदी वोटों का टारगेट सेट करके चुनावी मैदान में उतरी है. एनडीए के मजबूत कास्ट समीकरण को तोड़े बिना राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के लिए बिहार की सत्ता में वापसी करना आसान नहीं है.

एनडीए का जातीय जनगणना वाला दांव

बिहार की सियासत पूरी तरह से जाति के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है. ओबीसी की आबादी 65 फीसदी और 17 फीसदी दलित बिहार में है. इस तरह से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की सियासी जोड़ी जातिगत जनगणना के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने की कवायद में जुटे हुई थी, लेकिन मोदी सरकार ने आगामी जनगणना के साथ जातियों की भी गिनती कराने का फैसला करके इंडिया गठबंधन के एक बड़े मुद्दे को छीन लिया है.

एनडीए के पास विपक्षी इंडिया गठबंधन की तुलना में मजबूत जाति समीकरण है. हाल ही में मोदी सरकार के द्वारा जातिगत जनगणना की घोषणा से एनडीए को फायदा होने की उम्मीद है. नीतीश कुमार बिहार में पहले से ही जाति सर्वे करा चुके हैं और अब मोदी सरकार का जातिगत जनगणना दांव काफी अहम रोल चुनाव में प्ले करेगा. ऐसे में तेजस्वी-राहुल की जोड़ी को एनडीए को घेरने के लिए नए मुद्दे तलाशने होंगे.

मोदी-नीतीश के नाम और काम पर दांव

एनडीए ने बिहार का विधानसभा चुनाव पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के काम और नाम पर लड़ने की स्ट्रैटेजी बनाई है. इसीलिए चुनाव से पहले ही साफ कर दिया है कि 2025 में एनडीए गठबंधन का सीएम चेहरा नीतीश कुमार होंगे. इस तरह से बिहार में सीएम नीतीश कुमार के चेहरे के साथ-साथ उनके सरकार के दौरान किए गए कामों को लेकर चुनाव लड़ने का प्लान बनाया है. इसके अलावा एनडीए का सबसे बड़ा लोकप्रिय चेहरा पीएम मोदी माने जाते हैं. बीजेपी ही नहीं एनडीए के सभी घटक दलों ने तय किया है कि बिहार चुनाव पीएम मोदी के नाम और काम पर लड़ेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के बाद से बिहार पर खास फोकस कर रखा है. एक के बाद एक बिहार का दौरा कर पीएम मोदी विकास की सौगात देने के साथ-साथ सियासी माहौल बनाने में जुटे हैं. मोदी-नीतीश की जोड़ी के सामने विपक्ष की तरफ से राहुल-तेजस्वी की जोड़ी है. ऐसे में देखना होगा कि बिहार के चुनाव में कौन सी जोड़ी हिट रहती है.

हिंदुत्व का एजेंडा सेट करने में जुटी बीजेपी

बिहार में बीजेपी राष्ट्रवाद और मजबूत जातीय समीकरण के साथ-साथ हिंदुत्व के एजेंडे को भी धार देने में जुटी है. हिंदुत्व की सियासी पिच पर बीजेपी को शिकस्त देना विपक्ष के लिए आसान नहीं होता है. इसीलिए बीजेपी ने हिंदुत्व के एजेंडे को धार देकर बीजेपी के कार्यकर्ता में जोश भरने और बहुसंख्यक वोटर्स को साधने के लिए अपने केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह को बिहार में उतार रखा है, जो आक्रमक हिंदुत्व की राजनीति के लिए जाने जाते हैं. पिछले दिनों उन्होंने हिंदू वोटों को एकजुट करने के लिए एक सनातन यात्रा भी निकाली थी.

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राम मंदिर के तर्ज पर माता सीता का मंदिर बिहार में बनाने का ऐलान किया है. बीजेपी की पूरी रणनीति हिंदुत्व के जरिए जातियों में बिखरे हुए हिंदू वोटों को एकजुट करने की है, क्योंकि बिहार में जाति की राजनीति का बोल बाला रहा है. इस तरह से बिहार चुनाव जीतने की बीजेपी ने अपनी तैयारी कर रखी है. पार्टी को अपनी रणनीति पर भरोसा है और उसे उम्मीद है कि वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाएगी. इस तरह से बीजेपी हर पहलू पर ध्यान दे रही है, चाहे वह जाति समीकरण हो, सहानुभूति वोट हो या ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव. बीजेपी किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती और हर संभव प्रयास कर रही है ताकि चुनाव में सफलता हासिल की जा सके.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
नैरेटिव के खेल में कहां फंसे सम्राट ?
पटना

नैरेटिव के खेल में कहां फंसे सम्राट ?

राजनीति में नैरेटिव सेट करना एक कला है. यानी किसी घटना या व्यक्ति के बारे में जनता की सोच को एक खास नजरिए से मोड़ देना. सोशल मीडिया के दौर में नकारात्मक खबरें इतनी तेजी से फैलती हैं कि अच्छे काम दब जाते हैं. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है.

UB India News31 अग॰
जहरीली शराब से मौत के मामले ने बिहार की सियासत गरमा दी
पटना

जहरीली शराब से मौत के मामले ने बिहार की सियासत गरमा दी

पटना के बाढ़ में जहरीली शराब से मौत के मामले ने बिहार की सियासत गरमा दी है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घटना की हाई लेवल इंक्वायरी कराने की मांग सरकार से की है. तेजस्वी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए बिहार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए.

UB India News31 अग॰
आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…
जिलावार

आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…

बिहार एनडीए में आरक्षण की समीक्षा को लेकर उठे विवाद और धमासान के बीच इसमें लालू यादव परिवार की एंट्री हो गई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर से एक्स पर पोस्ट कर इस मामले में बड़ी बात कही है। ध्यान रहे कि इस मामले को लेकर जीतन राम मांझी और चिराग पासवान में सियासी शीत युद्ध जारी है।

UB India News Desk30 अग॰
बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…
समाचार

बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…

पटना में रविवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। वहीं, गोली लगने से SI राजू कुमार सिंह घायल हो गए। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार के सिर में भी चोट लगी है। SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, पुलिस और अपराधी के बीच कुल 62 राउंड फायरिंग हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

UB India News Desk30 अग॰
पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..
पटना

पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..

पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने आज अधिकार मार्च निकाला। इसमें 50 के करीब कार्यकर्ता नजर आए। ये मार्च फ्लॉप दिखाई दिया। गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी। 30 थानेदारों […]

UB India News29 अग॰
नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं
दुर्घटना

नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं

CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक बैराज का हवाई सर्वे किया। इसके बाद वे गंडक बैराज पहुंचे। CM यहां सिर्फ 8 मिनट रुके। इस दौरना उन्होंने अधिकारियों से स्थिति को समझा। आगे की प्लानिंग की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। खतरा अभी टला नहीं है। सभी लोग अपने […]

UB India News27 अग॰