आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के एक बयान पर बिहार बीजेपी के नेता निखिल आनंद ने पलटवार किया है. बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. निखिल आनंद ने सोमवार (14 जुलाई) को अपने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए तेजस्वी यादव के एक बयान पर बड़ा हमला किया.
निखिल आनंद ने अपने पोस्ट में लिखा, “तेजस्वी यादव सूत्र को मूत्र मानते हैं तो हम भी तेजस्वी यादव के ज्ञान को कचरा मानते हैं. तेजस्वी से ऐसी जुबानी चुक इसलिए संभव है क्योंकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर ज्यादा शिक्षा प्राप्त नहीं की है तो शब्दकोश सीमित हैं और किसी भी विषय पर ज्यादा बोलेंगे या ज्ञान झाड़ने की कोशिश करेंगे तो पोल खुलनी तय है.”
‘तेजस्वी कब तक खुद को ज्ञानी साबित करते रहेंगे’
बीजेपी नेता ने आगे लिखा, “अब मनोज झा से मिले उधार के मौखिक-लिखित ज्ञान से तेजस्वी कब तक खुद को ज्ञानी साबित करते रहेंगे. देर सवेर तो उनकी पोल तो खुलनी ही थी. राहुल गांधी ने भी समय के अंतराल में बहुत सारे ट्यूशन किए हैं जो अधकचरा बनकर समय-समय पर परिलक्षित होता रहता है. ज्ञान के मामले में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव एक ही बराबर वाली प्रकृति-प्रवृत्ति के और एक ही सिक्के के दो पहलू हैं.”
तेजस्वी यादव ने क्या कुछ कहा है?
बता दें कि बीते रविवार (13 जुलाई) को तेजस्वी यादव की जुबान फिसल गई और वे आपा खो बैठे. इस बात का जिक्र हुआ कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज होने की आशंका है. इसके जवाब में तेजस्वी ने कहा कि क्या चुनाव आयोग की तरफ से कोई प्रेस नोट आया है? क्या कोई दस्तावेज जारी हुआ है? यह खबर कहां से आई? सूत्र ऐसा कह रहे हैं. ये वही सूत्र हैं, जिन्होंने पाकिस्तान पर कब्जा किया था. उन्होंने कहा कि ये वही सूत्र हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लाहौर, कराची और इस्लामाबाद पर कब्जा किया था. हम ऐसे सूत्रों को मूत्र मानते हैं, जिससे दुर्गंध फैलती है. तेजस्वी यादव के इस बयान पर बीजेपी हमलावर है.
सूत्र ही तो सब कुछ है’, पप्पू यादव
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बयान “हम ऐसे सूत्र को मूत्र समझते हैं” पर सांसद पप्पू यादव ने सोमवार को अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक तरह से तेजस्वी यादव के बयान को गलत ठहराया और कहा कि “सूत्र पर ही तो सब कुछ होता है.” इसे तो मानना ही पड़ेगा. तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि आप चुनाव आयोग को लेकर गंभीर नहीं हैं.
पूर्णिया सांसद का चुनाव आयोग पर हमला
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने ये भी कहा कि, “चुनाव आयोग धृतराष्ट्र तो हो ही गया है. ना वे सुप्रीम कोर्ट की सलाह मान रहे हैं ना संविधान को मान रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सलाह दी और साफ शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर आप ये तय नहीं कर सकते हैं कि कौन भारतीय है कौन नहीं। संविधान के तहत काम करिए और आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज को शामिल करिए.”
दरअसल चुनाव आयोग ने बीते शनिवार को सूत्रों के हवाले से कहा था कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज होने की आशंका है. इसी के जवाब में तेजस्वी ने कहा था कि ये खबर कहां से आई है? “सूत्र ऐसा कह रहे हैं. ये वही सूत्र हैं जिन्होंने पाकिस्तान पर कब्जा किया था. हम ऐसे सूत्र को मूत्र समझते हैं.”
तेजस्वी यादव अपने बयान पर कायम
तेजस्वी यादव अपने बयान पर अभी भी कायम हैं, उन्होंने फिर कहा है कि ‘सूत्र’ को ‘मूत्र’ नहीं बोलेंगे तो क्या बोलेंगे…?” हर बार उन्हें खंडन जारी करना पड़ता है और माफी मांगनी पड़ती है. ये समाज में गलत अफवाह फैलाते हैं, ये वेस्ट ही तो है. इससे दुर्गंध आती है. इसलिए हम ऐसे सूत्र को और क्या कहेंगे? हालांकि तेजस्वी यादव के इस बयान पर चौतरफा निंदा हो रही है.
‘मूत्र नहीं तो क्या बोलेंगे?’
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण पर बोलते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की रविवार को जुबान फिसल गई थी. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों के नाम दर्ज हैं. इसके क्या सबूत हैं. सूत्र के हवाले से कैसे इतनी बड़ी बात कही जा सकती है. “हम ऐसे सूत्र” को मूत्र समझते हैं. अपने इस बयान पर वो आज भी कायम हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने सूत्र वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
अपने बयान को तेजस्वी ने ठहराया सही
पटना में सोमवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, “…हर बार उन्हें खंडन जारी करना पड़ता है और माफी मांगनी पड़ती है. ‘इसलिए, ‘सूत्र’ को ‘मूत्र’ नहीं बोलेंगे तो क्या बोलेंगे…?” उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा और कहा कि ये लोग कभी शिक्षा, बेरोजगारी, पलायन की बात नहीं करते. इनके एक बाबा मूत्र पीने की बात करते हैं, तो क्या उससे शुद्धि होगी.
दरअसल चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों के नाम मतदाता सूची में दर्ज होने की आशंका है. ये बात चुनाव आयोग ने सूत्रों के हवाले से कही थी. इसी के जवाब में तेजस्वी ने कहा था कि “क्या चुनाव आयोग की तरफ से कोई प्रेस नोट आया है? क्या कोई दस्तावेज जारी किया गया है? ये खबर कहां से आई है?” सूत्र ऐसा कह रहे हैं. ये वही सूत्र हैं जिन्होंने पाकिस्तान पर कब्जा किया था.
चुनाव आयोग पर क्या बोले थे तेजस्वी?
तेजस्वी यादव ने ये भी कहा था कि चुनाव आयोग खुद आगे आने के बजाए, सूत्रों के हवाले से खबरें चला रहा हैं. ये वही सूत्र हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लाहौर, कराची और इस्लामाबाद पर कब्ज़ा किया था. हम ऐसे सूत्रों को मूत्र के समान समझते हैं, जिनसे दुर्गंध फैलती है.” इस बयान को लेकर पूरे देश में एनडीए के नेताओं ने सख्त निंदा की है.








