सियासत का बदला दौर , ‘गलत काम’ आज सही ………………

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीते दो दशक से बिहार के मुख्यमंत्री बने हुए हैं और अब तक अपनी सियासत को ऐसी ‘फ्री बीज पॉलिटिक्स’ से किनारे कर रखा था जो ‘मुफ्तखोरी’ को बढ़ावा दे. सीएम नीतीश ऐसी सियासत के कितने खिलाफ रहे हैं यह बात तब भी सामने आयी थी जब वह इंडिया अलायंस का हिस्सा थे, लेकिन […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 17 जुलाई 2025, 06:50 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
सियासत का बदला दौर , ‘गलत काम’ आज सही ………………
Photo: UB India News Archive
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीते दो दशक से बिहार के मुख्यमंत्री बने हुए हैं और अब तक अपनी सियासत को ऐसी ‘फ्री बीज पॉलिटिक्स’ से किनारे कर रखा था जो ‘मुफ्तखोरी’ को बढ़ावा दे. सीएम नीतीश ऐसी सियासत के कितने खिलाफ रहे हैं यह बात तब भी सामने आयी थी जब वह इंडिया अलायंस का हिस्सा थे, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फ्री बीज की राजनीति का विरोध किया था. तब अरविंद केजरीवाल लगातार बिजली मुफ्त देने की घोषणा कर रहे थे और इसको दिल्ली चुनाव में भी उन्होंने मुद्दा बनाया था और जीत प्राप्त की थी. पंजाब और गुजरात विधानसभा चुनाव में उन्होंने (अरविंद केजरीवाल) 300 यूनिट प्रति महीने मुक्त बिजली देने का वादा किया. इसके साथ ही वह इसे पूरे देश स्तर पर लागू करने की मांग करते रहे थे. वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तब इसे बेमतलब का कहा था.

बात 2022 की है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुफ्त बिजली योजना पर बिना नाम लिये तीखा तंज कसा था. नीतीश कुमार ने मुफ्त बिजली की अवधारणा को ‘गलत काम’ करार देते हुए कहा था कि यह दीर्घकालिक विकास के लिए हानिकारक है. उन्होंने पटना में एनर्जी पार्क में ऊर्जा योजनाओं के शुभारंभ के दौरान यह टिप्पणी की थी. नीतीश कुमार ने अरविंद केजरीवाल पर क्या टिप्पणी की थी यह भी जानिये. उन्होने स्पष्ट शब्दों में कहा था, कुछ लोग अनाप-शनाप बोलते रहते हैं. मुफ्त बिजली का कोई मतलब नहीं. बिजली की कीमत को समझना चाहिए. अगर आप मुफ्त बिजली देंगे, तो लोगों को कैसे पता चलेगा कि उनके पास बिजली है या नहीं?

नीतीश कुमार का तंज बस यूं ही था!

तब नीतीश कुमार ने यह भी दावा किया कि बिहार सरकार दिल्ली से अधिक बिजली सब्सिडी देती है. उनके इस दावे की पुष्टि आधिकारिक आंकड़े भी करते हैं. इसके अनुसार, 2021-22 में बिहार ने मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत 6,043 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने लगभग 3,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी. नीतीश ने बिहार में 24 घंटे बिजली आपूर्ति पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराती है न कि मुफ्त.  नीतीश कुमार इस नीतिगत बात को लेकर इतने सख्त थे कि उन्होंने केंद्र सरकार से ‘एक राष्ट्र, एक टैरिफ’ नीति की मांग भी दोहराई थी, ताकि सभी राज्यों को समान दरों पर बिजली मिले. तब नीतीश ने केजरीवाल की मुफ्त बिजली नीति को दिल्ली में ‘काम नहीं होने’ का प्रतीक बताकर तंज भी कसा था.
जानकारों की नजर में यह तंज केवल नीतिगत असहमति तक सीमित नहीं थी. नीतीश कुमार की टिप्पणी में केजरीवाल की लोकलुभावन राजनीति पर सवाल उठाने की कोशिश थी जिसे वे ‘मुफ्तखोरी’ बढ़ाने वाला मानते थे. नीतीश ने सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया, जबकि केजरीवाल की दिल्ली में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और पंजाब में 300 यूनिट की योजना को उन्होंने अव्यवहारिक बताया था. हालांकि, अब तीन साल बाद ही 2025 में विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले उनका 125 यूनिट मुफ्त बिजली का ऐलान उनके 2022 के रुख से यू-टर्न माना जा रहा है.

सियासी दबाव में झुक गए नीतीश कुमार?

सोशल मीडिया में कई यूजर्स ने इसे केजरीवाल स्टाइल की राजनीति और तेजस्वी यादव के लगातार ‘फ्री बीज’ के वादों का असर बताया, क्योंकि AAP ने भी बिहार में चुनाव लड़ने की घोषणा की है और सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है. नीतीश कुमार का ‘मुफ्तखोरी’ पर यह तंज और बाद का यू-टर्न नीतीश की सियासी रणनीति और चुनावी दबाव को ही बताता है. जिस बात को लेकर उन्होंने पहले केजरीवाल की नीति की आलोचना की, लेकिन अब उसी दिशा में कदम उठा लिया. जिस मुद्दे को लेकर तेजस्वी यादव की समझ पर सवाल उठाते रहे अब उनकी घोषणाओं को अपनी सरकार में पूरा करने के लिए कदम उठा लिया.

नीतिगत विश्वसनीयता पर उठे सवाल

बहरहाल, जिस नीतीश कुमार ने 2022 में केजरीवाल की मुफ्त बिजली योजना को अव्यवहारिक और गलत बताकर तंज कसा था आज तीन साल बाद खुद ऐसी ही फ्री बिजली योजना लागू कर अपनी सियासी रणनीति बदल ली. यह कदम न केवल उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि नीतिगत निर्णयों और सिद्धांतों की राजनीति से किनारा करने की स्थिति को भी बताता है.
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
नैरेटिव के खेल में कहां फंसे सम्राट ?
पटना

नैरेटिव के खेल में कहां फंसे सम्राट ?

राजनीति में नैरेटिव सेट करना एक कला है. यानी किसी घटना या व्यक्ति के बारे में जनता की सोच को एक खास नजरिए से मोड़ देना. सोशल मीडिया के दौर में नकारात्मक खबरें इतनी तेजी से फैलती हैं कि अच्छे काम दब जाते हैं. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है.

UB India News31 अग॰
जहरीली शराब से मौत के मामले ने बिहार की सियासत गरमा दी
पटना

जहरीली शराब से मौत के मामले ने बिहार की सियासत गरमा दी

पटना के बाढ़ में जहरीली शराब से मौत के मामले ने बिहार की सियासत गरमा दी है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घटना की हाई लेवल इंक्वायरी कराने की मांग सरकार से की है. तेजस्वी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए बिहार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए.

UB India News31 अग॰
आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…
जिलावार

आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…

बिहार एनडीए में आरक्षण की समीक्षा को लेकर उठे विवाद और धमासान के बीच इसमें लालू यादव परिवार की एंट्री हो गई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर से एक्स पर पोस्ट कर इस मामले में बड़ी बात कही है। ध्यान रहे कि इस मामले को लेकर जीतन राम मांझी और चिराग पासवान में सियासी शीत युद्ध जारी है।

UB India News Desk30 अग॰
बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…
समाचार

बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…

पटना में रविवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। वहीं, गोली लगने से SI राजू कुमार सिंह घायल हो गए। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार के सिर में भी चोट लगी है। SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, पुलिस और अपराधी के बीच कुल 62 राउंड फायरिंग हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

UB India News Desk30 अग॰
पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..
पटना

पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..

पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने आज अधिकार मार्च निकाला। इसमें 50 के करीब कार्यकर्ता नजर आए। ये मार्च फ्लॉप दिखाई दिया। गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी। 30 थानेदारों […]

UB India News29 अग॰
नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं
दुर्घटना

नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं

CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक बैराज का हवाई सर्वे किया। इसके बाद वे गंडक बैराज पहुंचे। CM यहां सिर्फ 8 मिनट रुके। इस दौरना उन्होंने अधिकारियों से स्थिति को समझा। आगे की प्लानिंग की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। खतरा अभी टला नहीं है। सभी लोग अपने […]

UB India News27 अग॰