दो दिनों के बिहार बिजनेस कनेक्ट में जिन निवेश प्रस्तावों पर समझौता हुआ है, उनका परिणाम जमीन पर जल्द से जल्द दिखे, इसके लिए राज्य की नीतीश कुमार सरकार ने अपने अफसरों को ड्यूटी पर लगा दिया है।
पिछले साल ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 300 कंपनियों के निवेश प्रस्ताव आए थे, लेकिन उनमें से कुछ ही कंपनियों ने निर्माण कार्य शुरू किया था। मतलब, काम हुआ। इस बार यह गति तेज हो और विधानसभा चुनाव तक उद्योग और रोजगार के मामले में दिखाने के लिए राज्य की नीतीश कुमार सरकार के पास कुछ अच्छा हो, इसकी तैयारी अभी से ही शुरू हो गई है। राज्य के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने निवेश समझौतों के बाद सरकारी प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए हर पांच से 10 MOU पर राज्य सरकार की ओर से एक नोडल पदाधिकारी बनाए जाने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि नोडल अधिकारी निवेशकों को हर स्तर पर मदद देंगे, ताकि प्रोजेक्ट जमीन पर सहजता से आ जाए।
समन्वय और सुविधा प्रदान करना प्राथमिकता
मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा की ओर से कहा गया है कि निवेशकों के साथ समन्वय और सुविधा प्रदान करना हमारी पहली प्राथमिकता है। नोडल अधिकारी निवेशकों के लिए जमीन और सभी मंजूरियां हासिल करने में व्यापार करने में आसानी सुनिश्चित करेंगे। कहा कि राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के स्तर पर इसकी समय-समय पर समीक्षा की जायेगी। हमारा प्रयास एक वर्ष में सभी एमओयू को निवेश में तब्दील करना सुनिश्चित करना है।
सीएम नीतीश ने भेजवाया खास मैसेज
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पत्र में कहा, ‘मैं आज आप सभी का यहां स्वागत करते हुए बहुत खुश हूं। दुर्भाग्य से, मैं पिछले साल की तरह आप लोगों के साथ शामिल नहीं हो सका, लेकिन हमने साथ मिलकर जो उल्लेखनीय प्रगति की है, उसे देखकर मैं रोमांचित हूं। पिछले कुछ वर्षों में, हमने बिहार के विकास के लिए अथक प्रयास किया है, और इस विकास में आपके सक्रिय योगदान को देखकर मुझे गर्व हो रहा है। आपके प्रयासों से न केवल बिहार के लोगों को लाभ होगा, बल्कि नए अवसर भी पैदा होंगे और हमारे राज्य के लिए अधिक रोजगार सृजित होगा। हमारे पास बुनियादी ढांचा, संसाधन और एक जीवंत आबादी है। मैं आप सभी को बिहार आने, यहां निवेश करने और बिहार की प्रगति को आगे बढ़ाने और एक उज्ज्वल भविष्य को आकार देने में हमारे साथ हाथ मिलाने के लिए आमंत्रित करता हूं।’
एक लाख 80 हजार करोड़ से अधिक का निवेश
दो दिवसीय ग्लोबल बिजनेस इनवेस्टर्स समिट में देश-विदेश की कंपनियों के 850 प्रतिनिधि आए हैं। आज 350 से ज्यादा कंपनी बिहार सरकार के साथ एमओयू साइन करने जा रही। इस सबमिट के जरिए बिहार में करीब एक लाख 80 हजार करोड़ से अधिक का निवेश हुआ है। यह पिछले साल की तुलना में तीन गुना है। इनमें सीमेंट, फुटवियर, टेक, इथेनॉल समेत अन्य सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 40 से अधिक कंपनियों ने आईटी क्षेत्र में 4000 करोड़ रुपए निवेश करने की रुचि दिखाई है। सन पेट्रोकेमिकल्स 36400 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट में निवेश करेगी। यह अब तक सबसे बड़ा निवेश है। कंपनी का दावा है कि इस बड़े प्रोजेक्ट से 30 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं भारत सरकार की पीएसयू एनएचपीसी और एसजेवीएन 5500 करोड़ के प्रोजेक्ट में निवेश करेगी। इधर, आईफोन को असेंबल करने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने भी बिहार में निवेश की दिलचस्पी जताई है। यह कंपनी आज एमओयू साइन कर सकती है।
बिहार बिजनेस कनेक्ट 2024
बिहार बिजनेस कनेक्ट 2024 राज्य के औद्योगिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बन गया। 20 दिसंबर 2024 को पटना में आयोजित इस सम्मेलन में 1.8 लाख करोड़ रुपए के 423 MoU पर हस्ताक्षर किए गए। यह राशि पिछले साल हुए निवेशों से तीन गुना से अधिक है। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने एक पत्र भेजा जिसे ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने पढ़ा। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत और उद्योग विभाग की सचिव बंदना प्रेयशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सबसे ज्यादा एनर्जी सेक्टर में इनवेस्टमेंट
सबसे ज्यादा निवेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हुआ। सन पेट्रो केमिकल्स ने 36,700 करोड़ रुपए और NHPC ने 5,500 करोड़ रुपए के निवेश का वादा किया। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में SLMG बेवरेजेज (कोका-कोला) ने 3,000 करोड़ रुपए और हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड ने 300 करोड़ रुपए का निवेश करने की घोषणा की। श्री सीमेंट ने सामान्य निर्माण क्षेत्र में 800 करोड़ रुपए का निवेश करने का वादा किया।
पमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में बिहार को औद्योगिक केंद्र बनाने के सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह राज्य की प्रगतिशील दृष्टि को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘बिहार का स्वर्णिम इतिहास सिर्फ राजनीति से नहीं, बल्कि उसके फलते-फूलते आर्थिक विकास से भी परिभाषित होता है। बिहार और झारखंड में नए उद्योगों के उदय, व्यापार-अनुकूल विरासत और जहानाबाद के पास निकल और प्लेटिनम जैसे प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों के साथ, यह क्षेत्र अपनी वास्तविक क्षमता को उजागर कर रहा है। फलते-फूलते खाद्य प्रसंस्करण से लेकर फिल्म सिटी के विकास तक, बिहार विकास और रोजगार के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा कर रहा है। भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण बनाने के प्रयासों के साथ-साथ ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता, समृद्ध भविष्य की नींव रख रही है।’
अपने मिशन में सफल रहे नीतीश मिश्रा
उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा, ‘बिहार में इस परिवर्तनकारी यात्रा का हिस्सा बनने वाले सभी लोगों को धन्यवाद। पिछले 19 वर्षों में, बिहार नकारात्मक विकास दर से एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल करने तक पहुंच गया है, जो अब देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जैसा कि प्रधानमंत्री ने नालंदा विश्वविद्यालय के उद्घाटन के दौरान प्रकाश डाला, विकास और प्रगति की ओर बिहार की यात्रा उसके लचीलेपन और महत्वाकांक्षा का प्रमाण है। हम अपने खोए हुए गौरव को पुनः प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं, हाल ही में शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षरित MoU जिसका मूल्य प्रभावशाली रूप से 1.8 लाख करोड़ रुपए है, पिछले वर्ष से तीन गुना वृद्धि को चिह्नित करता है, जो और भी अधिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है।’
मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने भारत की प्रमुख कंपनियों के CEO के साथ गोलमेज सम्मेलन में कहा, ‘मैं सभी निवेशकों को आश्वस्त करता हूं कि बिहार सरकार उनके उपक्रमों को सुविधाजनक बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम एक सुचारु और उत्पादक निवेश अनुभव सुनिश्चित करने के लिए विशिष्ट मांगों को पूरा करने के लिए तैयार हैं। इसके अतिरिक्त, हमने कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और एक समावेशी आर्थिक वातावरण को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं के लिए दोहरी पाली के प्रावधान पेश किए हैं। हम निवेशकों के मुद्दों का शीघ्रता से समाधान करने के लिए एक शिकायत निवारण तंत्र बनाने पर भी काम कर रहे हैं।’







