मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना, बेगूसराय और भागलपुर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। भागलपुर एयरपोर्ट पर अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से बात की। फरक्का बराज के गेट को खोलने का आग्रह किया। सभी गेट खोल दिए गए। इससे गंगा के पानी का दबाव कम होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने नवगछिया राघोपुर दियारा, कोसी-गंगा संगम क्षेत्र, बेगूसराय और बख्तियारपुर सहित विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और अविलंब मरम्मत का काम कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी अभियान कुंदन कृष्णन, जल संसाधन सचिव डॉ.चंद्रशेखर सिंह आदि मौजूद रहे।
खास बातें …
राहत-बचाव की समीक्षा : मुख्यमंत्री ने भागलपुर एयरपोर्ट पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर जलस्तर, राहत व बचाव कार्यों और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
पीड़ितों को समुचित सहायता : मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ित लोगों तक भोजन, पेयजल, राहत सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाने तथा एसओपी का पूर्णता में पालन का निर्देश दिया।
बिहार में गंगा और इसकी सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल से समन्वय कर फरक्का बराज के गेट खुलवाए। इससे जल निकासी में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री के इस जमीनी निरीक्षण और प्रशासनिक मुस्तैदी से स्पष्ट है कि सरकार बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा और राहत कार्यों को अपनी खास प्राथमिकता मान रही है।







