BPSC 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने को लेकर आज पटना हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। पटना हाईकोर्ट के जज अरविंद सिंह चंदेल के छुट्टी पर रहने की वजह आज हेयरिंग नहीं हो पाएगी। गुरुवार को BPSC 70वीं PT को रद्द करवाने के लिए पटना में कैंडिडेट्स ने 8 घंटे उग्र प्रदर्शन किया।
इस दौरान 3 बार कैंडिडेट्स और पुलिसकर्मियों में झड़प भी हुई। सबसे पहले BPSC ऑफिस के बाहर, फिर JDU दफ्तर के बाहर। इसके बाद डाकबंगला चौराहे पर दोनों आमने-सामने हुए। सुबह 11 बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन देर शाम साढ़े 7 बजे खत्म हुआ।
इससे पहले 70वीं बीपीएससी (BPSC) की प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बाद अब पटना पुलिस का बड़ा एक्शन देखने को मिला है. दरअसल बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे 305 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला सचिवालय थाना में केस दर्ज किया गया है. वहीं बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने की याचिका पर पटना हाईकोर्ट में आज सुनवाई होने वाली थी.
हाईकोर्ट ने बीपीएससी से मांग था जवाब
16 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 30 जनवरी से पहले BPSC को एफिडेविट देने को कहा था। इसके साथ ही BPSC 70वीं PT पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज समेत कई अन्य याचिकाएं BPSC 70वीं PT री-एग्जाम को लेकर पटना हाईकोर्ट में दायर की गई है। इसे अब एक साथ जोड़ दिया गया है।
जनसुराज के अलावा पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और खान सर की ओर से भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसमें री-एग्जाम कराने और प्रदर्शनकारी अभ्यथियों के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेने की मांग की गई है।
पिछले सुनवाई में जनसुराज के वकील वाईबी गिरी ने कोर्ट में ये तर्क दिए थे
• बिहार लोक सेवा आयोग ने 70वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा के लिए 23 सितंबर 2024 को एक विज्ञापन प्रकाशित किया था। 13 दिसंबर को राज्य भर में 912 परीक्षा केंद्रों एग्जाम ली गई। इसमें से एक परीक्षा केंद्र बापू परीक्षा परिसर, पटना में लगभग 12,000 उम्मीदवार उपस्थित थे।
• यह पाया गया कि प्रश्न पत्र लीक हो गया था। कई उम्मीदवारों को प्रश्न पत्र नहीं दिए गए थे और प्रश्न पत्र 13 दिसंबर को लगभग दोपहर 1 बजकर 6 मिनट पर सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किए गए थे। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि प्रश्न पत्र लीक हुए थे।
• पैराग्राफ 8 का हवाला देते हुए वकील ने कहा अनियमितताएं केवल बापू परीक्षा परिसर तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि लगभग 28 अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर भी हुई हैं। जिसकी रिपोर्ट उन परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों ने दी हैं।
परीक्षा से सिर्फ एक दिन पहले आयोग ने अभ्यर्थियों के केंद्र बदल दिए, जिससे यह भी पता चलता है कि आयोग के पास इस तरह की सामूहिक परीक्षा के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं। आयोग ने इस आधार पर कि बापू परीक्षा परिसर में कुछ अनियमितताएं पाई गई थीं।
• उस केंद्र की परीक्षा रद्द कर दी और 4 जनवरी को री-एग्जाम आयोजित की गई, जो भी स्वीकार्य नहीं है। यह भी पाया गया कि कुछ केंद्रों पर जैमर भी पूरी परीक्षा अवधि के दौरान काम नहीं कर रहे थे। यह पाया गया कि SOP में निर्धारित प्रक्रिया का भी आयोग द्वारा पालन नहीं किया गया।
• इस मामले में आयोग को निर्देश दिया जाए कि वह 13 दिसंबर और 4 जनवरी को आयोजित की गई परीक्षा का रिजल्ट प्रकाशित नहीं करें। वकील ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग -बनाम- सुभाष चंद्र दीक्षित के फैसलों का हवाला दिया।
पटना पुलिस का बड़ा एक्शन
इस मामले में एक कोचिंग संचालक समेत 30 लोगों भी हिरासत में लिया गया है. जानकारी के अनुसार इसमें 26 लोग पटना जिले के बाहर के बताए जा रहे हैं. फिलहाल पुलिस परीक्षार्थियों और गैर परीक्षार्थियों की पहचान करने में पुलिस जुटी है. प्रारंभिक छानबीन में जो खुलासा हुआ है उसके मुताबिक दो कोचिंग संचालकों और कुछ लोगों द्वारा टेलीग्राम पर कर कोड जारी कर सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को मोबिलाइज किया गया था. पुलिस प्रशासन ने माना हाई कोर्ट में सुनवाई की पूर्व संध्या पर दबाव बनाने के मकसद से विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न की गई. पुलिस का कहना है कि छात्रों को गुमराह कर अव्यवस्था उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कि जाएगी.
जिला प्रशासन के अनुसार 350 की संख्या में अभ्यर्थियों ने नेहरू पथ पर, इनकम टैक्स गोलंबर, लोहियापथ चक्र, वीरचंद पटेल पथ पर पहुंचकर प्रदर्शन कर यातायात बाधित किया. इस दौरान पूरे क्षेत्र में जाम लग गया और राहगीरों को काफी परेशानी हुई. वहीं ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और पुलिस बल के साथ धक्का–मुक्की भी की गई. इस पूरे मामले में दो कोचिंग संचालकों की सक्रिय भूमिका पायी गई है. प्रदर्शन करने वाले लोगों में 26 लोग पटना जिले से बाहर के थे. इसमें कितने परीक्षार्थी एवं गैरपरीक्षार्थी हैं, इसका सत्यापन कराया जा रहा है.
बता दें, बिहार लोग सेवा आयोग ने 70वीं बीपीएससी PT परीक्षा का रिजल्ट बीते 23 जनवरी को ही घोषित कर दिया था. 70वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में कुल 21 हजार 581 हजार अभ्यर्थी सफल हुए हैं. परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया था कि इस बार सामान्य श्रेणी के 9017, एससी 3295, एसटी 211, ओबीसी 2793, ईबीसी 3515, पिछड़ा वर्ग महिला 601, दिव्यांग 561, ईडब्ल्यूएस के 2149, फ्रीडम फाइटर कोटा से 280 अभ्यर्थी परीक्षा में सफल हुए हैं. वहीं परीक्षा में कुल 328990 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. लेकिन, रिजल्ट जारी होने के बाद भी बीपीएससी अभ्यर्थियों का विरोध जारी है.







