बिहार विधान मंडल का बजट सत्र आज यानी शुक्रवार से शुरू हुआ। पहले दिन सदन की कार्यवाही डेढ़ घंटे तक चली। सदन को सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। 3 मार्च को नीतीश सरकार बजट पेश करेगी।
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान दोनों सदनों को एक साथ संबोधित किया। अपने 35 मिनट के अभिभाषण में राज्यपाल ने नीतीश सरकार के काम गिनवाए। साथ ही कहा कि चुनाव से पहले सरकार 34 लाख रोजगार देगी।
राज्यपाल ने कहा- ’10 लाख लोगों को नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य सरकार का है। इसमें 9 लाख 35 हजार लोगों को नौकरी दी गई है। बाकी पदों पर प्रकिया जारी है।’
‘इस साल चुनाव की घोषणा से पहले युवाओं को 10 लाख की जगह 12 लाख सरकारी नौकरी दी जाएगी। अब तक 10 लाख की जगह 24 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है। चुनाव की घोषणा से पहले 34 लाख लोगों को रोजगार मिल जाएगा।’
तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर कहा- ‘जो सरकार लिख कर देती है, गवर्नर पढ़ देते हैं. अब इस पर चर्चा होगी इस पर ऐसी पोल खोली जाएगी कि सरकार जवाब नहीं दे पाएगी।’
सत्ता पक्ष में बैठीं संगीता देवी
राजद से पाला बदल चुकी संगीता देवी सदन में सत्ता पक्ष में बैठी, जिसे लेकर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने आपत्ति जताई। भाई वीरेंद्र ने स्पीकर से कहा आपके सामने संविधान का उल्लंघन कैसे हो सकता है। किस नियम के तहत विपक्ष के विधायक सत्ता पक्ष में बैठ रहे हैं। इस पर आप कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।’
इस पर स्पीकर ने भाई वीरेंद्र से कहा- ‘मर्यादा में रहिए। नियम कानून आपसे ज्यादा जनता हूं।’ तेजस्वी और तेजप्रताप सदन में मौजूद हैं। सदन में राजद के विधायकों ने नारेबाजी की।

हाथों में जंजीर बांधे पहुंचे माले विधायक
इधर कार्यवाही शुरू होने से पहले माले विधायक हाथों में जंजीर बांधे विधानसभा पहुंचे। अमेरिका से प्रवासी भारतीयों को बेड़ियों में भेजे जाने का विरोध जताते हुए उन्होंने इसे देश के लिए अपमानजनक बताया।
सदन के अंदर बीजेपी विधायकों ने माले विधायकों को बेऊर जेल जाने की सलाह दी। जिस पर स्पीकर नंदकिशोर यादव ने भाजपा विधायक को डांटते हुए चुप रहने को कहा।
तेजस्वी अपनी चिंता करें- बीजेपी
इधर सदन के बाहर बीजेपी विधायक हरिभूषण बचौल ने कहा, तेजस्वी अपनी चिंता करें, एनडीए की चिंता ना करें। बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में बन रही है। वो अपने पिता की तरह कहीं उस समय जेल में न हो।
वहीं बीजेपी जदयू को खा जाएगी, तेजस्वी के इस बयान पर कहा-
बजट सत्र हंगामेदार होने के आसार : नीतीश सरकार का चुनावी साल में अंतिम बजट सत्र हंगामेदार होना तय है. बजट सत्र खास है न केवल सत्ता पक्ष के लिए बल्कि विपक्ष के लिए भी. बजट सत्र को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक भी की और सभी दलों से सदन को चलाने में सहयोग की अपील भी की है. वहीं सुरक्षा और अन्य तमाम इंतजामों को लेकर भी लगातार पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही है.
‘सत्ता पक्ष पलटवार के लिए तैयार’ : राजनीतिक विशेषज्ञ अरुण पांडे का कहना है कि बजट सत्र में विपक्ष की ओर से कई मुद्दे तो जरूर होंगे, क्योंकि उन्हें भी चुनाव में जाना है. इस बार पाला बदलने वालों पर भी सबकी नजर रहेगी. पिछले बजट सत्र में कई लोगों ने पाला बदला था. वैसे सत्ता पक्ष भी हर वार पर पलटवार के लिए तैयार है.
1 महीने तक चलने वाले बजट सत्र की कार्यवाही कुछ इस प्रकार से होगी:-
- 28 फरवरी को सेंट्रल हॉल में राजपाल दोनों सदनों के सदस्यों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे. सरकार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन में रखेगी. शोक प्रस्ताव पेश होगा.
- 1 मार्च और 2 मार्च को शनिवार रविवार को बैठक नहीं होगी.
- 3 मार्च को 2025- 26 का बजट सरकार पेश करेगी और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी.
- 4 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और सरकार का उत्तर होगा.
- 5 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025- 26 के बजट पर चर्चा होगी.
- 6 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025- 26 के बजट पर चर्चा और सरकार का उत्तर होगा और 2024 -25 के बजट के तृतीय अनुपूरक सदन में सरकार रखेगी.
- 7 मार्च को 2025- 26 के बजट के अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान होगा.
- 8 और 9 मार्च को शनिवार रविवार के कारण बैठक नहीं होगी.
- 10 मार्च को वित्तीय वर्ष 2024 25 के तृतीय अनुपूरक बजट पर चर्चा और सरकार का उत्तर होगा. विनियोग विधेयक सरकार पास करायेगी.
- 11 मार्च, 12 मार्च और 13 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025- 26 के बजट के अनुदानों की मांग पर चर्चा होगी और फिर मतदान भी होगा.
- 14 मार्च से 16 मार्च होली के कारण बैठक नहीं होगी.
- 17 मार्च, 18 मार्च, 19 मार्च, 20 मार्च और 21 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट के अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान होगा.
- 22 और 23 मार्च को शनिवार, रविवार होने के कारण बैठक नहीं होगी.
- 24 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025- 26 के बजट से संबंधित विनियोग विधेयक पर चर्चा और सरकार का उत्तर होगा.
- 25 मार्च को राजकीय विधेयक और अन्य राजकीय कार्य होंगे.
- 26 मार्च को गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा होगी.
- 27 मार्च को राजकीय विधेयक और अन्य राजकीय कार्य होंगे और 28 मार्च को गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा होगी.
- 28 फरवरी को छोड़कर शेष सभी कार्य दिवस में विधानसभा की कार्यवाही प्रश्न कल से शुरू होगी उसके बाद शून्य काल होगा और फिर ध्यान कर्षण में प्रश्नों का उत्तर होगा.







