बिहार चुनाव 2025 में क्या किसी जाती विशेष का रहेगा दबदबा ?

बिहार चुनाव 2025 में भूमिहार जाति का वोट किस तरफ गिरेगा, इसको लेकर अटकलों का बाजार एक बार फिर से गर्म है. आम तौर पर भूमिहार जाति विधानसभा चुनाव 2005 के बाद से ही एनडीए को वोट करते रहे हैं. भूमिहार वोट का बड़ा हिस्सा जेडीयू और बीजेपी की तरफ जाता है. लेकिन हाल के […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 2 जुलाई 2025, 10:23 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
बिहार चुनाव 2025 में क्या किसी जाती विशेष का रहेगा दबदबा ?
Photo: UB India News Archive
  • बिहार चुनाव 2025 में भूमिहार जाति का वोट किस तरफ गिरेगा, इसको लेकर अटकलों का बाजार एक बार फिर से गर्म है. आम तौर पर भूमिहार जाति विधानसभा चुनाव 2005 के बाद से ही एनडीए को वोट करते रहे हैं. भूमिहार वोट का बड़ा हिस्सा जेडीयू और बीजेपी की तरफ जाता है. लेकिन हाल के वर्षों में इस जाति का वोट अलग-अलग पार्टियों में भी जाने लगा है. क्योंकि, बिहार में भूमिहार जाति पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तकरीबन हर जगह कहीं ज्यादा तो कहीं कम मात्रा में हैं. इन इलाकों में भूमिहार जाति की राजनीतिक दुश्मनी स्थानीय सामाजिक समीकरण के हिसाब बनती और बिगड़ती रही है. जैसे मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय और नावादा इलाके में इस जाति कि राजनीतिक दुश्मनी कोइरी और यादवों से रही है. वहीं, आरा, बक्सर, सीवान, छपरा, महाराजगंज और वैशाली में भूमिहारों की राजनीतिक दुश्मनी राजपूत जाति से रही है. इसी तरह मिथिलांचल जैसे दरभंगा, मधुबनी, सहरसा और सुपौल में कुछ विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण जाति से रही है. लेकिन, बिहार जातीय जनगणना 2023 में भूमिहारों की आबादी कम होने के बाद इस चुनाव में इनके राजनीतिक गणित पर बड़ा प्रभाव पड़े तो हैरानी नहीं होगी.

    भूमिहार, जिन्हें ‘भूमिहार ब्राह्मण’ भी कहा जाता है, बिहार की कुल आबादी में लगभग 2.87% हिस्सेदारी रखते हैं. बिहार की दूसरी सवर्ण जातिया ब्राह्मण 3.65 प्रतिशत, राजपूत 3.45% के मुकाबले इनकी जनसंख्या कम है. हालांकि, भूमिहार जाति बिहार सरकार के जातीय जनगणना के आंकड़ों को गलत करार देते हुए इससे कहीं ज्यादा अपनी उपस्थिति का दावा करती है. बिहार में भूमिहार जाति के लोग बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, नवादा, मुंगेर, वैशाली और पटना के अगल-बगल आरा और बक्सर तक सक्रिय हैं. पूर्वी चंपराण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, समस्तीपुर और दरभंगा से लेकर नेपाल तक फैले हैं. इसके आलावा तकीबन हर जिले में भूमिहारों की आबादी कमोबेश है.

    भूमिहारों का दबदबा है और रहेगा?

    अगर बात करें भूमिहारों की प्रतिद्वंदिता की तो यह अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग जातियों से रही है. समस्तीपुर के कई विधानसभा सीटों पर जैसे कल्याणपुर में 2010 तक भूमिहार और कोइरी दोनों प्रतिद्वंद्वी रहे हैं. बाद में आरक्षित सीट बनने से भूमिहार की भूमिका कम हुई. इसी तरह विभुतिपूर विधानसभा सीट पर भी भूमिहार और कोइरी में छत्तीस का आंकड़ा रहा है. इस सीट पर सीपीआई एम के रामदेव वर्मा, जो कोइरी जाति से थे उनकी भूमिहार जाति के चंद्रवली ठाकुर से राजनीतिक अदावत सालों तक रही है. बिहार के ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में भूमिहार अक्सर संपन्न और प्रभावशाली नेता प्रदान करते रहे हैं.
  • कहीं भूमिहार-यादव तो कहीं भूमिहार-राजपूत में तनातनी

नवादा और मुंगेर लोकसभा क्षेत्रों में भूमिहारों का मुकाबला यादव और कोइरी जाति से रहा है. हालांकि, हाल के वर्षों में दोनों सीटें और इसके अंतगर्त आने वाली कई विधानसभा सीटों पर भूमिहार जाति का कब्जा रहा है. औरंगाबाद, गया, बक्सर, जहानाबाद एरिया में 1990 और 2000 के दशक में भूमिहार और यादव आमने समने रहे हैं. रणवीर सेना बनाने वाले भूमिहार समाज से आने वाले ब्रह्मेश्वर मुखिया की इस एऱिया में अच्छी पक़ड़ रही. खास बात यह है लालू राज में इस एरिया के राजपूत समाज और भूमिहारों में दोस्ती रही. लेकिन हाल के वर्षों में इस एरिया में एक बार फिर से राजपूत और भूमिहार जाति में राजनीतिक दुश्मनी शुरू हो गई है.

क्या बिहार चुनाव 2025 में भी दिखेगा असर?

भूमिहारों का वर्चस्व बढ़ेगा या घटेगा?

ऐसे में इस बार के बिहार चुनाव में भूमिहार एकता की परीक्षा होने वाली है. बिहार चुनाव 2025 में भूमिहार अगर एकजुट होकर चुनाव लड़ते हैं. खासकर नवादा, मुंगेर, बेगूसराय जैसे सवर्ण प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में तो वे यादव-राजपूत–ब्राह्मण और कोइरी और कुर्मी गठबंधन तक को चुनौती दे सकते हैं. लेकिन अगर भूमिहार आरजेडी और इंडिया गठबंधन की तरफ झुकते हैं तो उन्हें यादव-मल्लाह नेटवर्क और कुशवाहा गठबंधन की मदद प्राप्त हो सकती है. लेकिन यह भूमिहारों के पारंपरिक सवर्ण पहचान से समझौता माना जाएगा.

भूमिहार बिहार में जनसंख्या में बेशक कम हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से काफी प्रभावशाली हैं. नवादा, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, मधुबनी और पूर्वी चंपारण तक इनकी रणनीतिक क्षमता का प्रमाण है. अमूमन मिथलांचल का एरिया छोड़ दें तो ब्राह्मण-भूमिहार मिलकर ही वोट करते हैं. लेकिन, बिहार के अलग-अलग इलाकों में भूमिहार जाति का यादव, राजपूत और कुशवाहा–कुर्मी जातियों के साथ राजनीतिक दुश्मनी रहा है. अगर 2025 में भूमिहार अकेले एकजुट होकर लड़ते हैं और ओबीसी और ईबीसी के साथ समझौते कर लेते हैं तो वे यादव, राजपूत, कुशवाहा-कुर्मी गठबंधन को चुनौती दे सकते हैं. लेकिन इसके लिए आवश्यक है सामूहिक चुनावी रणनीति और साझा उम्मीदवार तय करना.
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…
जिलावार

आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…

बिहार एनडीए में आरक्षण की समीक्षा को लेकर उठे विवाद और धमासान के बीच इसमें लालू यादव परिवार की एंट्री हो गई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर से एक्स पर पोस्ट कर इस मामले में बड़ी बात कही है। ध्यान रहे कि इस मामले को लेकर जीतन राम मांझी और चिराग पासवान में सियासी शीत युद्ध जारी है।

UB India News Desk30 अग॰
बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…
समाचार

बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…

पटना में रविवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। वहीं, गोली लगने से SI राजू कुमार सिंह घायल हो गए। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार के सिर में भी चोट लगी है। SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, पुलिस और अपराधी के बीच कुल 62 राउंड फायरिंग हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

UB India News Desk30 अग॰
पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..
पटना

पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..

पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने आज अधिकार मार्च निकाला। इसमें 50 के करीब कार्यकर्ता नजर आए। ये मार्च फ्लॉप दिखाई दिया। गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी। 30 थानेदारों […]

UB India News29 अग॰
नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं
दुर्घटना

नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं

CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक बैराज का हवाई सर्वे किया। इसके बाद वे गंडक बैराज पहुंचे। CM यहां सिर्फ 8 मिनट रुके। इस दौरना उन्होंने अधिकारियों से स्थिति को समझा। आगे की प्लानिंग की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। खतरा अभी टला नहीं है। सभी लोग अपने […]

UB India News27 अग॰
पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………
पटना

पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………

बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चौंकाने वाला बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने बीपीएससी छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए बहुत सारी बातों को कहा। उसमें उन्होंने ये भी कहा कि ये लोग किस घमंड में हैं। कब जाने वाले हैं। ये उनको पता है। तेजस्वी ने कहा कि […]

UB India News25 अग॰
सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………
पटना

सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना, बेगूसराय और भागलपुर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। भागलपुर एयरपोर्ट पर अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से बात की। फरक्का बराज के गेट को खोलने का आग्रह किया। सभी गेट खोल दिए गए। इससे […]

UB India News25 अग॰
किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….
पटना

किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….

बिहार के सरकारी स्कूलों में संचालित पाठ्यक्रम में चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल के संघर्ष और जीवनी को शामिल किया जाएगा। स्कूली छात्र अब चंपारण आंदोलन, चंपारण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यात्रा, नील की खेती के खिलाफ आंदोलन में पंडित राजकुमार शुक्ल के कामों के बारे में पढ़ेंगे। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री […]

UB India News25 अग॰