बिहार में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है. ऐसे में बिहार में वोटरों की सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है. चुनाव आयोग की सिफारिश पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 12,817 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इसके बाद बिहार में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 77,895 से बढ़कर 90,712 हो गई है. चुनाव विभाग ने बताया कि नए बनाए गए बूथों में से 12,479 मतदान केंद्र पुराने केंद्रों वाले भवन या परिसर में ही जोड़े गए हैं, जबकि बाकी को नजदीकी इलाकों में स्थापित किया गया है. नए बूथों की जिला-वार सूची सभी राजनीतिक दलों के साथ दी गई है.
क्यों बनाए गए नए बूथ
दरअसल, चुनाव आयोग ने 25 जून को जारी अधिसूचना में कहा था कि किसी भी मतदान केंद्र पर 1,200 से ज़्यादा मतदाता नहीं होने चाहिए. इसी आधार पर अतिरिक्त बूथों की जरूरत का आकलन किया गया और नए केंद्र बनाए गए. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को भी अपडेट किया है. आयोग ने दावा किया है कि 25 जुलाई की तय समय सीमा से छह दिन पहले ही 95.92% मतदाताओं तक पहुंच बनाई जा चुकी है. 7.9 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 41.64 लाख मतदाता अपने पते पर नहीं मिले. इनमें मृत मतदाताओं के नाम भी शामिल हैं. ऐसे मामलों को चिह्नित कर मतदाता सूची को सही किया जा रहा है.
क्यों है अहम?
इन नए बूथों से मतदान केंद्रों पर भीड़ कम होगी और लोगों को वोट डालने में आसानी होगी. खासकर ग्रामीण इलाकों में दूर-दराज रहने वाले मतदाताओं को राहत मिलेगी. चुनाव विभाग का कहना है कि नए मतदान केंद्रों की स्थापना से मतदान प्रतिशत बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. वहीं, राजनीतिक दलों को उम्मीद है कि अब बूथों पर लाइन कम लगेगी और मतदाताओं को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.







