खैनी-चूना की सियासत पर क्यों उतर आए तेजस्वी !

मोदी जी बिहारियों को चूना लगाना चाहते हैं, लेकिन ये बिहार है, यहां खैनी के साथ चूना रगड़ा जाता है… वोटर अधिकार यात्रा के दौरान सासाराम में तेजस्वी यादव का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिया गया उनका यह बयान न केवल हास्य, व्यंग्य और तंज से भरा था, बल्कि लालू प्रसाद यादव की पुरानी देसी […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 18 अगस्त 2025, 07:24 AM 6 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
खैनी-चूना की सियासत पर क्यों उतर आए तेजस्वी !
Photo: UB India News Archive

मोदी जी बिहारियों को चूना लगाना चाहते हैं, लेकिन ये बिहार है, यहां खैनी के साथ चूना रगड़ा जाता है… वोटर अधिकार यात्रा के दौरान सासाराम में तेजस्वी यादव का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिया गया उनका यह बयान न केवल हास्य, व्यंग्य और तंज से भरा था, बल्कि लालू प्रसाद यादव की पुरानी देसी शैली की याद दिला रहा है. पिता लालू यादव की मौजूदगी में तेजस्वी यादव का यह अंदाज चर्चा के केंद्र में है. इस पर चर्चा इसलिए क्योंकि वर्ष 2015 के बाद तेजस्वी यादव ने अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की थी, लेकिन इस बार वह लालू यादव की सियासी शैली को पूरी तरह अपनाते दिखे. सवाल यह कि राजनीति में एक दशक बिताने के बाद क्या तेजस्वी यादव अब पिता लालू यादव की शैली अपनाने को क्यों मजबूर हो रहे हैं?  पार्टी और परिवार से बेदखल किये गए बड़े भाई तेज प्रताप यादव के बिहार में बढ़ते सियासी दखल पर वह अलर्ट तो नहीं हैं? क्या लालू शैली की राह 2025 बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति इसके पीछे हो सकती है?

2015 के बाद तेजस्वी की अलग राह!

बता दें कि वर्ष 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत के बाद तेजस्वी उपमुख्यमंत्री बने तो उस समय उन्होंने लालू यादव की दबंग और देसी छवि से हटकर एक आधुनिक, शिक्षित और गंभीर नेता की छवि बनाने की कोशिश की. सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता, नीतीश कुमार के साथ गठबंधन में संयमित बयानबाजी और बिहार के विकास पर फोकस उनकी इस नई शैली का हिस्सा था. पिछले दस सालों में तेजस्वी यादव ने राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव भी देखे हैं. वर्ष 2015 में उपमुख्यमंत्री बनने से लेकर 2017 में गठबंधन टूटने, 2020 में विपक्ष के नेता के रूप में उभरने और 2022 में महागठबंधन की सरकार में फिर से उपमुख्यमंत्री बनने तक, उनकी सियासी परिपक्वता बढ़ी. लेकिन 2024 में जेडीयू (JDU) के एनडीए (NDA) में लौटने से राजद (RJD) को झटका लगा. इसके बाद तेजस्वी यादव ने इस दौरान बेरोजगारी, शिक्षा और बाढ़ जैसे मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन उनका लालू यादव जैसा देसी अंदाज कम ही दिखा. लेकिन, सासाराम का खैनी-चूना वाला उनका बयान इस शैली में बदलाव का संकेत है.

लालू यादव की शैली क्यों अपना रहे?

सासाराम में तेजस्वी यादव का दिया गया बयान लालू यादव की सियासी किताब से निकला हुआ लगता है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि बदलाव रणनीतिक है. दरअसल, 2025 विधानसभा चुनाव नजदीक है और RJD को अपने कोर वोटर बेस-यादव, मुस्लिम और EBC समुदायों को मजबूत करना है. लालू यादव की देसी शैली, हास्य और तंज बिहार के ग्रामीण और छोटे शहरों के वोटरों से सीधा कनेक्शन बनाते हैं. तेजस्वी यादव का यह अंदाज BJP और JDU के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाने की रणनीति भी हो सकती है. वहीं, कुछ विशेषज्ञ इस बदलाव को तेजस्वी यादव की मजबूरी भी बता रहे हैं. दरअसल, लालू यादव के चारा घोटाले में सजा, कई अन्य मामलों में केस ट्रायल, लालू परिवार के कई सदस्यों पर लटक रही कानूनी कार्रवाई की तलवार और कांग्रेस की आक्रामकता के बीच सियासी तौर पर राजद की डंवाडोल स्थिति ने तेजस्वी यादव को लालू शैली अपनाने पर मजबूर किया है.
तेजस्वी यादव के इस बदले अंदाज के पीछे उनके भाई तेजप्रताप यादव का डर भी एक वजह हो सकती है. दरअसल, हाल के दिनों में तेज प्रताप यादव की अप्रत्याशित राजनीतिक सक्रियता और उनका लालू यादव के अंदाज में जनता के आगे प्रस्तुत होना भी तेजस्वी यादव के इस बदलाव का कारण हो सकता है. दरअसल, तेज प्रताप यादव के हाल के बयानों और आरजेडी के कई जमीनी कार्यकर्ताओं पर उनके (तेज प्रताप का) बढ़ते प्रभाव ने भी तेजस्वी यादव के लिए चुनौती खड़ी की है. तेजप्रताप यादव पिता लालू यादव की तरह देसी शैली में जनता से मिलते हैं और कई बार लोगों के बीच उनका प्रभाव भी दिखता है. संभव है कि इसकी काट के लिए भी तेजस्वी यादव ने लालू यादव की तरह जनता से सीधे जुड़ने की रणनीति अपनाई हो सकती है.

तेजस्वी यादव के आगे यह है बड़ी चुनौती

दरअसल 2025 का विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के लिए करो या मरो की लड़ाई है. लालू यादव की शैली अपनाकर वह ग्रामीण बिहार को लुभा सकते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के अन्य दलों की आक्रामक रणनीति और नीतीश कुमार की शालीन छवि और सुशासन सरकार के साथ सियासी चतुराई तेजस्वी यादव के लिए चुनौती हैं. तेजस्वी का लालू यादव जैसा अंदाज बिहार की सियासत में नई हलचल ला रहा है. बीजेपी और जेडीयू की नीतीश सरकार पर बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर तेजस्वी यादव का यह देसी तंज आरजेडी के वोटर बेस को एकजुट कर सकता है. सासाराम में तेजस्वी यादव का यह बयान दिखाता है कि तेजस्वी यादव अब पिता लालू यादव के रास्ते पर चलकर राजद कार्यकर्ताओं और नेताओं को नई ऊर्जा देना चाहते हैं, लेकिन तेजप्रताप के साथ उनके रिश्ते और पार्टी में आंतरिक एकता उनकी सफलता की कुंजी होगी.

क्या बदलेगा बिहार का सियासी समीकरण?

लालू यादव की मौजूदगी और उनकी सियासी विरासत तेजस्वी यादव को लालू यादव के रास्ते पर लौटने के लिए प्रेरित कर रही है, क्योंकि लालू यादव का देसी अंदाज हमेशा से राजद की ताकत रही है. ऐसे में तेजस्वी का यह अंदाज दो पहलुओं की ओर संकेत करता है. एक यह कि तेजस्वी यादव न केवल लालू की विरासत को आगे बढ़ाते दिख रहे हैं, बल्कि बिहार की जनता से उनकी गहरी कनेक्टिविटी बिठाने का प्रयास भी बता रहा है. उनके बयानों में हास्य, व्यंग्य, तंज और बिहारीपन की ठसक का मिलाजुला रूप लालू यादव की शैली की याद दिलाता है. यह जनता से जुड़ने और उनकी लोकप्रियता के लिए सकारात्मक हो सकता है. हालांकि, लालू यादव की छवि से बहुत ज्यादा जुड़ना तेजस्वी यादव के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है, क्योंकि नई पीढ़ी के वोटर आधुनिक और प्रगतिशील नेतृत्व की उम्मीद करते हैं. ऐसे में तेजस्वी यादव को देसी और आधुनिक शैली का संतुलन बनाना होगा.
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…
जिलावार

आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…

बिहार एनडीए में आरक्षण की समीक्षा को लेकर उठे विवाद और धमासान के बीच इसमें लालू यादव परिवार की एंट्री हो गई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर से एक्स पर पोस्ट कर इस मामले में बड़ी बात कही है। ध्यान रहे कि इस मामले को लेकर जीतन राम मांझी और चिराग पासवान में सियासी शीत युद्ध जारी है।

UB India News Desk30 अग॰
बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…
समाचार

बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…

पटना में रविवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। वहीं, गोली लगने से SI राजू कुमार सिंह घायल हो गए। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार के सिर में भी चोट लगी है। SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, पुलिस और अपराधी के बीच कुल 62 राउंड फायरिंग हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

UB India News Desk30 अग॰
पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..
पटना

पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..

पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने आज अधिकार मार्च निकाला। इसमें 50 के करीब कार्यकर्ता नजर आए। ये मार्च फ्लॉप दिखाई दिया। गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी। 30 थानेदारों […]

UB India News29 अग॰
नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं
दुर्घटना

नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं

CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक बैराज का हवाई सर्वे किया। इसके बाद वे गंडक बैराज पहुंचे। CM यहां सिर्फ 8 मिनट रुके। इस दौरना उन्होंने अधिकारियों से स्थिति को समझा। आगे की प्लानिंग की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। खतरा अभी टला नहीं है। सभी लोग अपने […]

UB India News27 अग॰
पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………
पटना

पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………

बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चौंकाने वाला बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने बीपीएससी छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए बहुत सारी बातों को कहा। उसमें उन्होंने ये भी कहा कि ये लोग किस घमंड में हैं। कब जाने वाले हैं। ये उनको पता है। तेजस्वी ने कहा कि […]

UB India News25 अग॰
सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………
पटना

सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना, बेगूसराय और भागलपुर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। भागलपुर एयरपोर्ट पर अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से बात की। फरक्का बराज के गेट को खोलने का आग्रह किया। सभी गेट खोल दिए गए। इससे […]

UB India News25 अग॰
किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….
पटना

किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….

बिहार के सरकारी स्कूलों में संचालित पाठ्यक्रम में चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल के संघर्ष और जीवनी को शामिल किया जाएगा। स्कूली छात्र अब चंपारण आंदोलन, चंपारण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यात्रा, नील की खेती के खिलाफ आंदोलन में पंडित राजकुमार शुक्ल के कामों के बारे में पढ़ेंगे। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री […]

UB India News25 अग॰