नीतीश कुमार द्वारा मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर देने के बाद अब बिहार की राजनीति का अगला फोकस विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पद पर आ गया है. एनडीए के भीतर यह पद किसे मिलेगा, इसे लेकर दावेदारी और सक्रिय राजनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं. फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांत और संयमित है, लेकिन […]
By UB India News • Patna, Bihar रविवार, 23 नवंबर 2025, 07:05 AM • 5 मिनट read
नीतीश कुमार द्वारा मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर देने के बाद अब बिहार की राजनीति का अगला फोकस विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पद पर आ गया है. एनडीए के भीतर यह पद किसे मिलेगा, इसे लेकर दावेदारी और सक्रिय राजनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं. फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांत और संयमित है, लेकिन दोनों प्रमुख दल-बीजेपी और जेडीयू अपने-अपने दावेदारों को आगे लाने में जुटे हैं. एनडीए के कुछ बड़े नेताओं के मुताबिक़, जल्द ही एक विशेष विधानसभा सत्र बुलाया जाएगा जिसमें सभी 243 निर्वाचित सदस्य शपथ लेंगे और उसके बाद अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा. इसे लेकर राज्यपाल पहले ‘प्रोटेम स्पीकर’ नियुक्त करेंगे जो नए सदस्यों को शपथ दिलाएगा. उसके बाद ही सदन में स्पीकर पद के लिए मतदान हो सकेगा.
अब स्पीकर चुनाव पर टिकी सबकी निगाहें
राजनीति के जानकारों के अनुसार, सियासी समीकरणों की दृष्टि से यह पद सिर्फ एक प्रतीक भर नहीं है, बल्कि विधानसभा की कार्यवाही और गठबंधन-निहित शक्तियों को संतुलित करने की दिशा में एक बड़ा हथियार हो सकता है. दोनों पार्टियां, बीजेपी और जेडीयू इस निर्णय को लेकर हर एक कदम पर सावधान दिख रही हैं. हालांकि, राजनीतिक माहौल पूरी तरह संयत है, लेकिन दावेदारी को लेकर दोनों दलों में रणनीतिक गतिविधि बढ़ गई है.
विधानसभा अध्यक्ष पद किसके पाले में?
बीजेपी की ओर से गया टाउन के नौवीं बार चुने गए विधायक प्रेम कुमार का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है. वह एनडीए सरकारों में मंत्री रह चुके हैं और विधानसभा के सबसे वरिष्ठ विधायकों में शामिल हैं. दूसरी ओर, जेडीयू की तरफ से झाझा से विधायक दामोदर रावत का नाम चर्चा में है. पार्टी के कई नेता मानते हैं कि विधानसभा में स्थिरता और अनुभव के लिहाज से उनका नाम भी मजबूत विकल्प है.
विशेष सत्र से पहले सियासी गहमागहमी तेज
एनडीए के भीतर यह पद किसे मिलेगा, इस पर अभी बातचीत का सिलसिला जारी है. जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि चूंकि विधान परिषद में सभापति पद बीजेपी के पास है, इसलिए विधानसभा अध्यक्ष का पद जेडीयू को मिलने की संभावना पर चर्चा होनी चाहिए. दूसरी तरफ बीजेपी के अंदर यह राय भी मजबूत है कि सबसे वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार इस जिम्मेदारी के योग्य हैं और पार्टी उन्हें आगे बढ़ाना चाहती है. दोनों पार्टियां, बीजेपी और जेडीयू, इस निर्णय को लेकर हर एक कदम पर सावधान दिख रही हैं.
एनडीए की अंदरूनी बैठकों में तेज हुआ मंथन
बता दें कि निवर्तमान विधानसभा में स्पीकर बीजेपी के नंद किशोर यादव थे जबकि उपाध्यक्ष पद पर जेडीयू के नरेंद्र नारायण यादव थे. इस बार भी दोनों दलों के बीच संतुलन और शक्ति-विश्वास को ध्यान में रखकर फैसला होने की उम्मीद है. राजनीतिक माहौल पूरी तरह संयत है, लेकिन दावेदारी को लेकर दोनों दलों में रणनीतिक गतिविधि बढ़ गई है. नीतीश कुमार के अंतिम संकेत और एनडीए बैठक का निर्णय ही तय करेगा कि इस बार सत्ता समीकरणों में स्पीकर की कुर्सी किसके खाते में जाती है.
जल्द तय होगा विधानसभा अध्यक्ष का नाम
जानकार कहते हैं कि गवर्नर और कैबिनेट की अहम बैठकों के बाद यह साफ हो सकेगा कि राष्ट्रपति विशेष सत्र की तारीख तय करने में किस हद तक सहमति बनाते हैं और स्पीकर के पद को किस दावेदार को सुप्रीम शक्ति मिलती है. इस लड़ाई का नतीजा आने वाले दिनों में पूरे बिहार की सत्ता नीतियों और विधानसभा ड्रामे की परिदृश्य को भी आकार दे सकता है. फिलहाल इतना साफ है कि बिहार की राजनीति का अगला सप्ताह इसी मुद्दे पर केंद्रित रहने वाला है.
बीजेपी के खाते में जा सकता है स्पीकर पद
माना जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष का पद इस बार भी बीजेपी को मिलने वाला है। पार्टी के भीतर कुल 10 महिला विधायक हैं और बीजेपी के पास पहली बार किसी महिला को अध्यक्ष की कुर्सी देकर बड़ा संदेश देने का अवसर है। इसी कड़ी में पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।
इस संबंध में पूर्व उप मुख्यमंत्री रेणु देवी ने कहा कि ‘मैं बीजेपी की कार्यकर्ता हूं। पार्टी का जो भी निर्णय होगा, वह मुझे स्वीकार्य है। हमने अपने लिए कभी कोई पद की मांग नहीं की, किसी पद की लालसा भी नहीं है। स्पीकर पद पर क्या होने वाला है, यह एनडीए का अंदरूनी मसला है।’
इस चुनाव में महिलाओं ने रिकॉर्ड वोटिंग की
इस चुनाव में महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में 8.5 फीसदी अधिक मतदान किया है, और एनडीए को इसका बड़ा लाभ मिला। इसके चलते एनडीए गठबंधन से 26 महिला विधायक इस बार जीतकर आई हैं- बीजेपी से 10, जेडीयू से 10, ‘हम’ से 2, लोजपा (आर) से 3 और रालोमो से एक महिला चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं।
इनका नाम विधानसभा अध्यक्ष की रेस में
बिहार विधानसभा की अध्यक्ष पद के लिए बेतिया से बीजेपी विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के नाम भी की चर्चा है। अति पिछड़ी जाति से आने वालीं रेणु देवी को सदन का लंबा अनुभव है। वहीं दूसरा नाम परिहार सीट से पांचवीं बार जीतने वाली बीजेपी की गायत्री देवी का है। वहीं एक नाम स्पीकर पद के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. प्रेम कुमार का नाम भी चर्चा में है। वह चंद्रवंशी समाज से आते हैं और कई विभागों में मंत्री रह चुके हैं।