बिहार विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन मंगलवार को विपक्ष के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। वे सदन में पूर्व मुख्यमंत्री रबड़ी देवी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई तीखी बहस को लेकर गुस्सा जाहिर कर रहे थे और इस पर सरकार से जवाब चाहते थे। वे नीतीश कुमार से माफी मांगने की मांग कर रहे थे। उन्होंने राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों को लेकर भी सत्ता पक्ष से सवालों के जवाब मांगे। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने उनसे शांत रहने और सवाल पूछने के लिए मौका देने की बात कही, लेकिन वे विरोध जताते हुए वॉकआउट कर गए।
नीतीश को मनोरोगी बताया
सदन से बाहर निकलने के बाद विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मनोरोगी तक बता दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की नेता व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बीच सदन में हुई तीखी बहस को को लेकर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने नीतीश कुमार की भाषा और बर्ताव को महिलाओं के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि सीएम को सदन में माफी मांगनी चाहिए।
मनेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से कहा कि विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी से निंदनीय व्यवहार किया है। महिलाओं का इस तरह से अपमान करना अनुचित है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि, नीतीश कुमार मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। उनको अपना इलाज करवाना चाहिए। सदन में आने से पहले उनको दवाई ले लेनी चाहिए।
नीतीश कुमार से माफी मांगने की मांग
भाई वीरेंद्र ने ने राज्य में बढ़ते महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों और इसको लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने बयान के लिए दोनों सदनों में माफी मांगनी चाहिए।
आरजेडी के नेता आलोक मेहता ने भी सरकार पर हमला किया। उन्होंने राज्य की पहली महिला मु्ख्यमंत्री रहीं राबड़ी देवी के लिए मुख्यमंत्री की ओर से प्रयोग की गई भाषा को सदन की गरिमा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और अपराधों को नियंत्रित करने में विफल हो रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायकों को सदन में अपनी बात कहने का अवसर नहीं दिया गया। इसके विरोध में विपक्ष के सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया है।
नीतीश ने राबड़ी देवी को कहा था ‘ई लड़की’
सोमवार को विधान परिषद में प्रश्नोत्तर काल में आरजेडी के सदस्य नीट छात्रा की संदिग्ध मौत, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर आरोप लगा रहे थे। उन्होंने वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। इसी दौरान नाराज हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष की नेता राबड़ी देवी से बहस शुरू की। नीतीश कुमार ने रबड़ी देवी के बारे में कहा, ”ई कोई काम की है। ई जो लड़की है। इसका जो है हट गया तो कुछ दिन बाद इसको बना दिया। ई लोग कोई काम किया है। ई तीन गो जो बोल रही है, तुम बोल रहे हो। आज तक महिला के लिए कोई काम किया। किसी महिला को आगे बढ़ाया? हम लोगों की सरकार द्वारा पूरा काम किया गया। तब बिहार काफी आगे बढ़ा। इन लोगों ने तो कोई कामे नहीं किया। यहां आके खड़ा है। इन लोगों पर एक्शन लेना चाहिए।”
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बारे में इस भाषा के प्रयोग पर विपक्षी दल और खास तौर पर आरजेडी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है।
कल हए विवाद पर राजद के MLC ने सवाल उठाए। जिसके बाद पक्ष-विपक्ष के MLC में बहस हुई। राजद MLC बेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
हंगामे को देखते हुए सभापति ने विपक्ष के MLC को पूरे दिन की कार्यवाही के लिए सदन से बाहर कर दिया। सभापति ने सदन में मार्शल को भी बुलाया ताकि MLC को बाहर किया जा सके।
इस दौरान अशोक चौधरी और सुनील सिंह के बीच तीखी बहस हुई। अशोक चौधरी ने सुनील सिंह से कहा, ‘तुम क्या हो।’ वहीं सुनील सिंह ने बेल में आकर, ‘अशोक चौधरी होश में आओ’ के नारे लगाए।
दोनों ओर से औकात दिखाने देने तक की बातें हुईं। सुनील सिंह ने अशोक चौधरी को टपोरी कहा। उन्होंने कहा, ‘टपोरी मंत्री ने मुझे गालियां दीं। प्रोसिडिंग के पेपर से मुझे मारने की कोशिश की गई।
बजट सत्र के हाईलाइट्स
- विधान परिषद की कार्यवाही 20 मिनट देर से शुरू हुई। जिसपर राजद एमएलसी ने सवाल उठाए। सभापति ने कहा- ये उनका विशेषाधिकार है।
- विधान परिषद में राजद एमएलसी ने कल हुई बहस को लेकर हंगामा किया और सीएम की माफी की मांग की।
- सभापति ने विपक्ष के एमएलसी को एक दिन के लिए सस्पेंड किया।
- विधान सभा में महिला अपराध को लेकर विपक्ष का हंगामा। सदन से वॉकआउट।
- बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार विधानसभा पहुंचे नितिन नवीन, एनडीए विधायकों ने किया स्वागत।
- बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा के सांप से मौत पर मिलने वाले मुआवजे के सवाल पर घिरी सरकार।
विधानसभा में नितिन नवीन का स्वागत
बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद बांकीपुर विधायक नितिन नवीन पहली बार विधानसभा पहुंचे। एनडीए विधायकों ने उनका स्वागत किया। विधानसभा में उनके आते ही भारत माता जय के नारे लगे। स्पीकर समेत सदन के सदस्यों ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें बधाई दी।
इधर, बजट सत्र के छठे दिन भी विपक्ष लॉ-एंड-ऑर्डर पर सरकार को घेरने की कोशिश दिखी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
महिला अपराध पर विपक्ष का वॉकआउट
माले के विधायक संदीप सौरभ ने कहा, विपक्ष एकजुट होकर कार्य स्थगन प्रस्ताव विधानसभा में लाया है। हम सभी चाहते हैं कि सभी मुद्दों को दरकिनार कर महिला उत्पीड़न के मामले पर चर्चा कराई जाए।
हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने मार्शल को बुलाया है, और पोस्टर हटाने को कहा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, आपलोगों को मौका मिलेगा शून्यकाल में मुद्दे को उठाइएगा।
इधर, संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी सदन में खड़े हुए। उन्होंने कहा, ‘विपक्ष नारे लगा रहा है कि सीएम जवाब दें। लेकिन इसकी एक प्रक्रिया है। विपक्ष तय नियमावली के तहत सवाल उठाए। सरकार जब देने के लिए तैयार है।’
हंगामे के बाद विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉक आउट किया।
उलझन में हैं विपक्ष के विधायकः विजय चौधरी
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा, ‘विपक्ष के साथी उलझन की स्थिति में हैं। वे सरकार से जवाब की मांग रहे थे। हमने अनुरोध किया, आपने अनुरोध किया।
सरकार किसी भी मामले में जवाब देने के लिए तैयार है। कई मिनटों पर बैठने के बाद पता नहीं उन्हें क्या सूझा कि अचानक से उठ कर चले गए। जब बैठ गए तो क्यों चले गए। उलझन में हैं। इसी उलझन का प्रदर्शन उनके आचरण में दिखता है।’
सरकार का पुतला लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक
चनपटिया से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन बिहार सरकार का पुतला लेकर सदन पहुंचे हैं। इसमें हाल में हुए क्राइम की लिस्टिंग भी की गई है। पुतले को चूड़ियां भी पहनाई गई हैं, साथ ही पोस्टर लगा है। जिसमें लिखा- माफी चाहते हैं, हम बिहार की बेटियों को न्याय नहीं दिला पा रहे।
वहीं सोमवार को विधान परिषद में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच हुई तीखी बहस को पूर्व मंत्री श्याम रजक ने देवर-भौजाई का मामला बताया। उन्होंने कहा, विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। बस चेहरा चमकाने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी 12 बजे विधानसभा पहुंचेंगे। मुख्य द्वार पर सत्तारूढ़ दल के सभी सचेतक उनका स्वागत करेंगे, फिर उन्हें सदन में लाया जाएगा।







