मोकामा से जेडीयू के विधायक और ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह सोमवार (16 मार्च) को जेल से राज्यसभा चुनाव में वोट करने के लिए विधानसभा पहुंचे. वो पुलिस की सुरक्षा में विधानसभा पहुंचे और ऐलान किया कि अब चुनाव नहीं लड़ेंगे. दरअसल, नीतीश कुमार के सीएम नहीं रहने के चलते उन्होंने ये घोषणा की. जब उनसे सवाल किया गया कि क्या बीजेपी का सीएम उनको स्वीकर होगा तो उन्होंने कहा कि उन्हें सब स्वीकार होगा.
विधानसभा परिसर में मीडिया ने अनंत सिंह को घेर लिया. उनसे पूछा गया कि अपने समर्थक उदास हैं, इस पर उन्होंने कहा, “कोई उदास नहीं है, हम आ रहे हैं.” जब ये पूछा गया कि आप जेल से बाहर कब आएंगे, इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “एक से दो महीने के भीतर.”
नीतीश कुमार के बाद अगला सीएम कौन होगा, इस पर अनंत सिंह ने कहा, “ये हम नहीं जानते हैं, ये सब नीतीश कुमार ही तय करेंगे.” निशांत कुमार को सीएम बनाने को लेकर उन्होंने कहा, “हमारा आशीर्वाद है. हम तो बहुत पहले बोले.”
अनंत सिंह ने घोषणा की कि उनकी जगह अब उनके बच्चे चुनाव लड़ेंगे. अनंत सिंह की इस घोषणा के कई मायने निकाले जा रहे हैं. अनंत सिंह पहले भी कह चुके थे कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, तो वे सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेंगे. पत्रकारों ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर अनंत सिंह ने कहा, वे जहां जाना चाहेंगे, जाएंगे.”
अदालत द्वारा अनंत सिंह को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की इजाजत दी गई थी. इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अनंत सिंह वोट डालने विधानसभा पहुंचे थे. राज्यसभा चुनाव में पांचवीं सीट को लेकर गहमागहमी बनी हुई है.
आंकड़ों के अनुसार एनडीए के लिए चार सीट पर जीत तय है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर अन्य विधायकों की जरूरत है. इसी तरह महागठबंधन के एक प्रत्याशी के लिए उसे अन्य दलों के विधायकों की जरूरत है. एआईएमआईएम ने महागठबंधन को समर्थन देने की घोषणा की है.







