बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हो रहे चुनाव के बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राजनीति और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपना आक्रोश प्रकट करते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा और विधान परिषद जैसे चुनावों में जनप्रतिनिधियों की खरीद फरोख्त हो रही है. मीडिया से […]
By UB India News • Patna, Bihar सोमवार, 16 मार्च 2026, 10:43 AM • 3 मिनट read
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हो रहे चुनाव के बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राजनीति और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपना आक्रोश प्रकट करते हुए बड़ा बयान दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा और विधान परिषद जैसे चुनावों में जनप्रतिनिधियों की खरीद फरोख्त हो रही है. मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि कुछ नेता करोड़ों रुपये में बिक रहे हैं. उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि कोई नेता दो करोड़ में बिक रहा है तो कोई पांच कपरोड़ में. मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि आज राजनीति में मूल्यों की जगह पैसे का प्रभाव बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता ने विश्वास के साथ चुना था, लेकिन अब वही लोग पैसे के लिए अपने सिद्धांत और चरित्र से समझौता कर रहे हैं.
लोकतंत्र पर उठाए सवाल
पप्पू यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधियों को भरोसे के साथ चुनती है. लेकिन अगर वही प्रतिनिधि पैसे के लिए अपना रुख बदल दें तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है. उनका कहना था कि जब राजनीति में पैसा ही सबसे बड़ा पैमाना बन जाए तो जनता के हित पीछे छूट जाते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता ने अपने प्रतिनिधियों को इसलिए चुना था कि वे अपना ईमान और चरित्र बेच दें.
चुनाव आयोग की भूमिका पर भी टिप्पणी
पप्पू यादव ने इस दौरान चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की जिम्मेदारी बेहद अहम होती है. उनके मुताबिक यदि ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे.
राजनीतिक हलकों में बयान की चर्चा
बता दें कि पप्पू यादव अपने बेबाक और तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं. बिहार की राजनीति में वे अक्सर ऐसे मुद्दे उठाते रहते हैं जिन पर खुलकर बहस होती है. राज्यसभा चुनाव के दौरान दिया गया उनका यह बयान भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. हालांकि अभी तक इस आरोप को लेकर अन्य राजनीतिक दलों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी बहस
फिलहाल बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है. सभी दल अपने अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए जोर लगाए हुए हैं. ऐसे समय में पप्पू यादव के आरोपों ने चुनावी माहौल को और ज्यादा गर्म कर दिया है. अब देखना होगा कि इस बयान पर राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया आती है और आगे यह मुद्दा किस तरह की सियासी बहस को जन्म देता है.