नीतीश कुमार की व‍िदाई में अभी ‘खेला’ बाकी हैं !

नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य चुने जा चुके हैं, लेकिन फिर भी मुख्यमंत्री के पद पर बने हुए हैं। वे बिहार और मुख्यमंत्री पद के मोहपाश से मुक्त क्यों नहीं हो पा रहे हैं? क्या बिहार में ‘सत्ता का खेल’ अभी बाकी है? नीतीश के रुख को देखकर तो यही लग रहा है कि उनकी […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 26 मार्च 2026, 08:24 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
नीतीश कुमार की व‍िदाई में अभी ‘खेला’ बाकी हैं !
Photo: UB India News Archive

नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य चुने जा चुके हैं, लेकिन फिर भी मुख्यमंत्री के पद पर बने हुए हैं। वे बिहार और मुख्यमंत्री पद के मोहपाश से मुक्त क्यों नहीं हो पा रहे हैं? क्या बिहार में ‘सत्ता का खेल’ अभी बाकी है? नीतीश के रुख को देखकर तो यही लग रहा है कि उनकी बिहार से विदाई इतनी सामान्य नहीं है, जितनी दिखाई दे रही है।

नीतीश कुमार राजनीति के एक अनुभवी सौदेबाज हैं। उनकी पार्टी जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि नीतीश कुमार ने बीजेपी को साफ संकेत दे दिया है कि वे सब सहज ही स्वीकार नहीं कर लेंगे। वे एक कड़े और अनुभवी सौदेबाज हैं।

CM पद छोड़ने की क्यों नहीं कोई जल्दी?

राज्यसभा के लिए चुने जाने के बावजूद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई है। इससे बिहार की राजनीति में सस्पेंस गहरा गया है। लगता है कि बीजेपी अब उनके अगले कदम का इंतजार कर रही है। हालांकि जेडीयू के अंदरखाने में सत्ता संतुलन को बदलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

क्या विदाई से पहले हो रहा शक्ति प्रदर्शन?

राज्यसभा चुनाव हुए एक सप्ताह बीत गया लेकिन नीतीश कुमार की सक्रियता देखकर ऐसा लग रहा है कि वे बिहार से नहीं जा रहे हैं। उनकी ‘समृद्धि यात्रा’ की पांचवां चरण जारी है। वे जिलों में अलग-अलग परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं। भले ही उनकी इस यात्रा को उनका लंबा विदाई अभियान मान लिया जाए, लेकिन वे राजनीतिक तौर पर भी निरंतर सक्रिय बने हुए हैं। उनका रुख यही संदेश दे रहा है कि उनकी बिहार में जमीनी पकड़ अब भी मजबूत है और वे फिलहाल खेल से बाहर नहीं हुए हैं।

सारी संभावनाएं खुलीं

नीतीश को राज्यसभा सांसद बनने के बाद तकनीकी रूप से बिहार विधान परिषद के एमएलसी का पद छोड़ देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया। राज्यसभा चुनाव 17 मार्च को हुए थे। इसके बाद उन्हें 14 दिन के अंदर इस्तीफा देना होगा। क्या नीतीश इस्तीफा न देकर यह दिखाना चाहते हैं कि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, और सारी संभावनाएं खुली हुई हैं।

नीतीश के मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर यह पद बीजेपी को मिल सकता है। हालांकि यह मामला इतना भी सीधा नहीं है। पिछले साल विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बावजूद एनडीए के घटक दल बीजेपी और जेडीयू के बीच मंत्रालयों के बंटवारे में काफी समय लगा था। बीजेपी ने विधानसभा स्पीकर का पद, गृह विभाग और उप मुख्यमंत्री के दो पद अपने पास रखकर यह स्पष्ट कर दिया था कि वह अब बिहार एनडीए में जूनियर पार्टनर नहीं है।

जेडीयू के कुछ नेताओं का मत है कि नीतीश कुमार पूरा सत्ता संतुलन बदलने की तैयारी में हैं। इसका मतलब है कि जो ताकत बीजेपी ने हासिल की थी, वे उसे वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं। यानी वे जेडीयू को फिर से प्रमुख भूमिका में लाना चाहते हैं।

डिप्टी सीएम के पदों को लेकर भी अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं। पहले चर्चा थी कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि जेडीयू डिप्टी सीएम के दोनों पद अपने पास रखना चाहती है। इससे बीजेपी के लिए मुख्यमंत्री पद लेना मुश्किल हो सकता है। यदि बीजेपी पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाती है, तो उसे अपने पारंपरिक सवर्ण वोट बैंक को संतुलित करने के लिए उप मुख्यमंत्री की जरूरत पड़ेगी। बताया जाता है कि डिप्टी सीएम पद को लेकर विवाद बन सकता है।

नीतीश की पार्टी जेडीयू के अंदर भी खींचतान चल रही है। पार्टी के अंदर दो खेमे सक्रिय हैं। इनमें से एक खेमा पुराने समाजवादी नेताओं का है और दूसरा बीजेपी ने नजदीकी रखने वाले नेताओं का है। जेडीयू में पूर्व में संजय झा और ललन सिंह जैसे नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, लेकिन अब विजय कुमार चौधरी और उन जैसे नेताओं का भी प्रभाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

बताया जाता है कि बिहार में फिलहाल पर्दे के पीछे खेल चल रहा है। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में जेडीयू के 84 विधायक हैं। यह संख्या बल 2020 के मुकाबले काफी ज्यादा है। ऐसे में नीतीश कुमार बिहार की सरकार में सिर्फ सम्मानजनक हिस्सेदारी नहीं चाहते, वे ऐसी स्थायी व्यवस्था चाहते हैं जिससे भविष्य में जेडीयू कमजोर न पड़े।

यदि बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थितियों को देखें तो यह साफ है कि नीतीश कुमार अभी भी यहां की राजनीति के केंद्र में हैं। उन्होंने इस्तीफा न देकर अपने सारे विकल्प खुले रखे हैं। बीजेपी और जेडीयू के बीच सत्ता संतुलन को लेकर बड़ा खेल चल रहा है। संभव है कि नीतीश कुमार एक बार फिर बिहार की राजनीति में जल्द ही कोई सरप्राइज दे दें।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…
जिलावार

आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…

बिहार एनडीए में आरक्षण की समीक्षा को लेकर उठे विवाद और धमासान के बीच इसमें लालू यादव परिवार की एंट्री हो गई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर से एक्स पर पोस्ट कर इस मामले में बड़ी बात कही है। ध्यान रहे कि इस मामले को लेकर जीतन राम मांझी और चिराग पासवान में सियासी शीत युद्ध जारी है।

UB India News Desk30 अग॰
बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…
समाचार

बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…

पटना में रविवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। वहीं, गोली लगने से SI राजू कुमार सिंह घायल हो गए। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार के सिर में भी चोट लगी है। SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, पुलिस और अपराधी के बीच कुल 62 राउंड फायरिंग हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

UB India News Desk30 अग॰
पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..
पटना

पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..

पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने आज अधिकार मार्च निकाला। इसमें 50 के करीब कार्यकर्ता नजर आए। ये मार्च फ्लॉप दिखाई दिया। गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी। 30 थानेदारों […]

UB India News29 अग॰
नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं
दुर्घटना

नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं

CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक बैराज का हवाई सर्वे किया। इसके बाद वे गंडक बैराज पहुंचे। CM यहां सिर्फ 8 मिनट रुके। इस दौरना उन्होंने अधिकारियों से स्थिति को समझा। आगे की प्लानिंग की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। खतरा अभी टला नहीं है। सभी लोग अपने […]

UB India News27 अग॰
पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………
पटना

पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………

बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चौंकाने वाला बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने बीपीएससी छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए बहुत सारी बातों को कहा। उसमें उन्होंने ये भी कहा कि ये लोग किस घमंड में हैं। कब जाने वाले हैं। ये उनको पता है। तेजस्वी ने कहा कि […]

UB India News25 अग॰
सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………
पटना

सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना, बेगूसराय और भागलपुर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। भागलपुर एयरपोर्ट पर अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से बात की। फरक्का बराज के गेट को खोलने का आग्रह किया। सभी गेट खोल दिए गए। इससे […]

UB India News25 अग॰
किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….
पटना

किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….

बिहार के सरकारी स्कूलों में संचालित पाठ्यक्रम में चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल के संघर्ष और जीवनी को शामिल किया जाएगा। स्कूली छात्र अब चंपारण आंदोलन, चंपारण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यात्रा, नील की खेती के खिलाफ आंदोलन में पंडित राजकुमार शुक्ल के कामों के बारे में पढ़ेंगे। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री […]

UB India News25 अग॰