बिहार की सत्ता में नेतृत्व परिवर्तन की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती दिख रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद एनडीए के भीतर नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर गहन मंथन जारी है. इसी कड़ी में पटना और नई दिल्ली के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए […]
By UB India News • Patna, Bihar रविवार, 12 अप्रैल 2026, 07:03 AM • 7 मिनट read
बिहार की सत्ता में नेतृत्व परिवर्तन की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती दिख रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद एनडीए के भीतर नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर गहन मंथन जारी है. इसी कड़ी में पटना और नई दिल्ली के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए भाजपा शीर्ष नेतृत्व सक्रिय हो गया है और बिहार में हर संभावित विकल्प पर रणनीतिक तरीके से विचार किया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बिहार के मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा की है.
नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बन जाने के बाद बिहार में एनडीए सरकार के भीतर नेतृत्व परिवर्तन अब तय है. ऐसे में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों में उथल-पुथल के संकेत मिल रहे हैं. इसी को देखते हुए बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व हर कदम बेहद सोच समझकर बढ़ाना चाहता है. इसलिए बिहार से जुड़े हर छोटे बड़े राजनीतिक संकेतों की लगातार समीक्षा की जा रही है. इसी कड़ी में दिल्ली में शनिवार की रात बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि यह बैठक करीब 1 घंटे तक चली. पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में बिहार की बदलती राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई है. बिहार में पिछले कुछ दिनों से जारी सियासी हलचल के बीच इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है .
बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर फोकस
सूत्र बताते हैं कि बैठक में बिहार में सरकार की स्थिरता, गठबंधन समीकरण. संगठन की मजबूती और आगामी चुनावी तैयारी जैसे मुद्दों पर बात हुई. बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बिहार के प्रभारी विनोद तावड़े पिछले 2 दिनों से बिहार बीजेपी के प्रमुख नेताओं के लगातार संपर्क में हैं. दोनों नेता दिल्ली और पटना के बीच समन्वय की कड़ी बने हुए हैं. जानकारी के अनुसार, ये नेता फोन कॉल और अलग-अलग बैठकों और छोटे समूहों के साथ चर्चा के जरिए वे संगठन की नब्ज टटोल रहे हैं .
रायशुमारी के जरिए तैयार हो रही रणनीति
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, बिहार के नेताओं से अलग-अलग स्तर पर रायशुमारी की जा रही है. विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लिया जा रहा है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में बीजेपी को क्या रणनीति अपनानी चाहिए. संगठनात्मक बदलाव से लेकर सरकार में भूमिका तक, हर विकल्प पर चुपचाप मंथन चल रहा है.
डिप्टी सीएम से लेकर केंद्रीय मंत्री तक से मुलाकात
बता दें कि बिहार के प्रभारी विनोद तावड़े ने शुक्रवार को राज्य के दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा से मुलाकात की थी. इन बैठकों में सरकार के कामकाज, गठबंधन की स्थिति और जमीनी राजनीतिक माहौल पर चर्चा हुई. उसके बाद विनोद तावड़े ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से भी विस्तार से बात की. दरअसल, नित्यानंद राय बिहार की राजनीति में एक असरदार चेहरे माने जाते हैं, और उनकी राय को रणनीतिक फैसलों में अहम माना जाता है.
राज्य नेतृत्व से भी ली गई राय, फैसला जल्द होगा
बिहार में राजनीतिक हलचल के इसी क्रम में बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई प्रमुख नेताओं से भी राय ली गई. संगठन की मजबूती, जमीनी स्तर की तैयारियों और सामाजिक समीकरणों पर इन नेताओं से विस्तृत चर्चा हुई. ये इनपुट सीधे दिल्ली तक पहुंचाए गए हैं. माना जा रहा है कि बिहार से मिले इन्हीं फीडबैक पर आधारित रिपोर्ट शनिवार की रात अमित शाह के साथ हुई बैठक की मुख्य आधार बनी.
अमित शाह के साथ बैठकर तय हुई अगली रूपरेखा
कल रात हुई बैठक में नितिन नवीन ने बिहार के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम की पूरी तस्वीर अमित शाह के सामने रखी. हर पहलू पर विस्तार से चर्चा हुई. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया. हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी फैसले का ऐलान नहीं हुआ है. लेकिन, यह साफ है कि बिहार में बीजेपी आने वाले दिनों के लिए कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठाने से पहले पूरी तैयारी और व्यापक सहमति बनाना चाहती है.
बिहार की सियासत में बढ़ी हलचल
दिल्ली में बैठकों के इस सिलसिले से बिहार की सियासत में हलचल और तेज हो गई है. राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि बिहार में नया सीएम चुनने के साथ ही बीजेपी संगठनात्मक बदलाव, नए समीकरण या किसी बड़े राजनीतिक दांव की तैयारी कर रही है. हालांकि, पार्टी के नेता फिलहाल सिर्फ इतना कह रहे हैं कि बिहार के हित और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखकर ही आगे की रणनीति तय होगी. ऐसे में आने वाले दिनों में तस्वीर और साफ हो सकती है
- सम्राट और नीतीश की मुलाकात में क्या बात हुई
सीएम हाउस से निकलने के बाद मंत्री विजय चौधरी ने सम्राट की नीतीश से मुलाकात पर कहा कि- सम्राट जी पहले भी आते थे सीएम हाउस. नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. स्वाभाविक है आपस में बातचीत होगी. अभी मंत्रिमंडल को लेकर कोई चर्चा नहीं. चंद दिनों का इंतजार है. सीएम नीतीश के इस्तीफा पर बोले-सब कुछ जल्द पता चल जाएगा. सीएम फेस को लेकर कहा कि -बीजेपी को तय करना है. उनकी अनुशंसा पर एनडीए के विधायक दल में नेता चुना जाएगा. मुख्यमंत्री वही चुना जाएगा जो एनडीए की विधायक दल में नेता चुना जाएगा.
- पिछले दो दिनों से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और बिहार के प्रभारी विनोद तावड़े बिहार बीजेपी के प्रमुख नेताओं के संपर्क में हैं. सबसे रायशुमारी की जा रही है. विनोद तावड़े ने शुक्रवार को दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा से मुलाकात की थी. उसके बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात की. बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई प्रमुख नेताओं से राय ली गई है. इसके बाद कल रात अमित शाह के साथ बैठक हुई, जिसमें हर पहलू पर चर्चा हुई.
कौन-कौन है सीएम की रेस में
बिहार मुख्यमंत्री की रेस सिर्फ सम्राट चौधरी पर खत्म नहीं होती. केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा और पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी भी इस दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं. पार्टी के अंदरूनी समीकरणों और जातीय संतुलन को देखते हुए किसी भी नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है. बीजेपी की रणनीति पर नजर डालें तो पार्टी अक्सर आखिरी वक्त में चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जानी जाती है. ऐसे में यह भी संभव है कि जो नाम अभी चर्चा में नहीं है, वही अंत में मुख्यमंत्री बन जाए. यही वजह है कि दिल्ली से आने वाली ‘सीक्रेट पर्ची’ पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जो बिहार की राजनीति की दिशा तय करेगी.