कर्ज का बोझ, वेतन का इंतजार! बिहार को नया CM तो मिल जाएगा, पर मुंह बाए सामने खड़ी हैं ये चुनौतियां

बिहार में इन दिनों सरकारी खजाने को लेकर गंभीर स्थिति बनती दिख रही है.राज्य के कई हिस्सों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और ठेकेदारों का भुगतान भी अटका हुआ है. बिहार को आज नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा. वो सम्राट चौधरी होंगे, विजय […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026, 04:03 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
कर्ज का बोझ, वेतन का इंतजार! बिहार को नया CM तो मिल जाएगा, पर मुंह बाए सामने खड़ी हैं ये चुनौतियां
Photo: UB India News Archive

बिहार में इन दिनों सरकारी खजाने को लेकर गंभीर स्थिति बनती दिख रही है.राज्य के कई हिस्सों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और ठेकेदारों का भुगतान भी अटका हुआ है.

बिहार को आज नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा. वो सम्राट चौधरी होंगे, विजय सिन्हा या श्रेयसी सिंह, ये तो वक्त ही बताएगा,पर नए मुख्यमंत्री के लिए अभी से चुनौतियां सामने खड़ी हैं. शपथ के बाद कुर्सी संभालते ही नए सीएम के लिए वेतन, कर्ज का बोझ सबसे पहले है, जिनसे उन्हें पार पाना होगा. बिहार में इन दिनों सरकारी खजाने को लेकर गंभीर स्थिति बनती दिख रही है.राज्य के कई हिस्सों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और ठेकेदारों का भुगतान भी अटका हुआ है.अप्रैल के लगभग दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी करीब पांच लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों को मार्च महीने का वेतन या भुगतान नहीं मिल सका है.अनुमान है कि केवल वेतन और पेंशन के मद में ही सरकार को हर महीने करीब 9 से 10 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी होती है. यह स्थिति सामान्य देरी नहीं, बल्कि गहरे वित्तीय दबाव की ओर इशारा करती है.

सैलरी को लेकर फंसेगा पेच

यह समस्या किसी एक जिले या विभाग तक सीमित नहीं है. सहरसा, मधुबनी, बांका, गोपालगंज, सीतामढ़ी और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों को वेतन का इंतजार करना पड़ रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय प्रशासन से जुड़े कर्मचारियों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है.बिहार में केवल शिक्षा विभाग में ही लगभग 4 लाख शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि स्वास्थ्य और अन्य विभागों को मिलाकर कुल सरकारी कर्मियों की संख्या लगभग 5 से 5.5 लाख के बीच बताई जाती है. वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों की रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं, बैंक की किस्त और बच्चों की पढ़ाई तक पर असर पड़ रहा है, जिससे उनके बीच असंतोष बढ़ता दिख रहा है.

सिर्फ कर्मचारियों का वेतन ही नहीं, बल्कि ठेकेदारों का भुगतान भी लंबे समय से लंबित है.सड़क, भवन, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े ठेकेदारों को समय पर पैसा नहीं मिलने के कारण कई परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई है.अनुमान है कि विभिन्न विभागों में ठेकेदारों का करीब 12 से 15 हजार करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है. ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग की कई योजनाओं में ठेकेदारों ने काम की गति कम कर दी है, क्योंकि उन्हें पुराने बिल का भुगतान नहीं मिला है.कुछ जिलों में तो निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकने की स्थिति भी बन गई है, जिससे विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है.

कई कारण एक साथ काम कर रहे

इस पूरे हालात के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं.सबसे बड़ा कारण है राज्य की सीमित आमदनी.बिहार का कुल वार्षिक बजट वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 2.78 लाख करोड़ रुपये का है, लेकिन इसमें से राज्य की अपनी आय यानी टैक्स और अन्य स्रोतों से मिलने वाली राशि केवल 60 से 65 हजार करोड़ रुपये के आसपास है. बाकी राशि केंद्र सरकार से मिलने वाले हिस्से और अनुदान पर निर्भर रहती है.इसका मतलब यह है कि राज्य की कुल आय का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा बाहरी स्रोतों पर निर्भर है. जब केंद्र से पैसा समय पर नहीं आता या अपेक्षा से कम आता है, तो खजाने पर दबाव तुरंत बढ़ जाता है.

दूसरा बड़ा कारण हाल के समय में बढ़ा सरकारी खर्च है.सरकार की सामाजिक योजनाओं पर खर्च लगातार बढ़ रहा है.उदाहरण के तौर पर महिलाओं को आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति, पेंशन और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं पर हर साल हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं. केवल सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाओं पर ही राज्य सरकार का वार्षिक खर्च 35 से 40 हजार करोड़ रुपये के आसपास पहुंच चुका है. अगर एक साथ बड़ी राशि जारी करनी पड़े, तो खजाने का संतुलन बिगड़ जाता है.अगर आय के स्रोत मजबूत नहीं हों, तो ऐसी योजनाएं वित्तीय दबाव को और बढ़ा सकती हैं.

राज्य पर कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ रहा

इसके अलावा राज्य पर कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ रहा है. बिहार सरकार पर कुल सार्वजनिक कर्ज अब 3.5 से 4 लाख करोड़ रुपये के बीच पहुंच चुका है.हर साल सरकार को केवल ब्याज और किस्त चुकाने में ही लगभग 30 से 35 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं. इसका मतलब यह है कि बजट का बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज को चुकाने में चला जाता है और विकास कार्यों तथा कर्मचारियों के भुगतान के लिए पैसा कम बचता है.कई बार पुराने कर्ज चुकाने के लिए नया कर्ज लेना पड़ता है, जिससे स्थिति और जटिल हो जाती है.

इन सभी कारणों का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है.वेतन में देरी, ठेकेदारों का भुगतान अटकना और योजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ना इस बात के संकेत हैं कि वित्तीय स्थिति सामान्य नहीं है.अगर समय रहते सरकार ने अपनी आय बढ़ाने, खर्च को संतुलित करने और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले महीनों में यह दबाव और बढ़ सकता है. बिहार के सामने यह एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है.अगले मुख्यमंत्री को राजस्व बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और खर्च की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने जैसे फैसले लेने होंगे, ताकि खजाने पर दबाव कम हो और राज्य की विकास गति प्रभावित न हो.

 

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…
जिलावार

आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…

बिहार एनडीए में आरक्षण की समीक्षा को लेकर उठे विवाद और धमासान के बीच इसमें लालू यादव परिवार की एंट्री हो गई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर से एक्स पर पोस्ट कर इस मामले में बड़ी बात कही है। ध्यान रहे कि इस मामले को लेकर जीतन राम मांझी और चिराग पासवान में सियासी शीत युद्ध जारी है।

UB India News Desk30 अग॰
बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…
समाचार

बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…

पटना में रविवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। वहीं, गोली लगने से SI राजू कुमार सिंह घायल हो गए। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार के सिर में भी चोट लगी है। SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, पुलिस और अपराधी के बीच कुल 62 राउंड फायरिंग हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

UB India News Desk30 अग॰
पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..
पटना

पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..

पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने आज अधिकार मार्च निकाला। इसमें 50 के करीब कार्यकर्ता नजर आए। ये मार्च फ्लॉप दिखाई दिया। गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी। 30 थानेदारों […]

UB India News29 अग॰
नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं
दुर्घटना

नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं

CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक बैराज का हवाई सर्वे किया। इसके बाद वे गंडक बैराज पहुंचे। CM यहां सिर्फ 8 मिनट रुके। इस दौरना उन्होंने अधिकारियों से स्थिति को समझा। आगे की प्लानिंग की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। खतरा अभी टला नहीं है। सभी लोग अपने […]

UB India News27 अग॰
पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………
पटना

पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………

बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चौंकाने वाला बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने बीपीएससी छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए बहुत सारी बातों को कहा। उसमें उन्होंने ये भी कहा कि ये लोग किस घमंड में हैं। कब जाने वाले हैं। ये उनको पता है। तेजस्वी ने कहा कि […]

UB India News25 अग॰
सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………
पटना

सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना, बेगूसराय और भागलपुर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। भागलपुर एयरपोर्ट पर अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से बात की। फरक्का बराज के गेट को खोलने का आग्रह किया। सभी गेट खोल दिए गए। इससे […]

UB India News25 अग॰
किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….
पटना

किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….

बिहार के सरकारी स्कूलों में संचालित पाठ्यक्रम में चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल के संघर्ष और जीवनी को शामिल किया जाएगा। स्कूली छात्र अब चंपारण आंदोलन, चंपारण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यात्रा, नील की खेती के खिलाफ आंदोलन में पंडित राजकुमार शुक्ल के कामों के बारे में पढ़ेंगे। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री […]

UB India News25 अग॰