बताया जा रहा है कि तेजप्रताप अपनी बनाई पार्टी JJD के बैनर तले एमएलसी बनने की इच्छा जता रहे हैं. यही शर्त अब परिवार और पार्टी के भीतर असहमति की वजह बन गई है. खासतौर पर तेजस्वी यादव इस प्रस्ताव से सहज नहीं बताए जा रहे. उनका मानना है कि परिवार के सदस्य को राजद की आधिकारिक लाइन से अलग राजनीतिक संदेश नहीं देना चाहिए.
विधान परिषद चुनाव की गणित भी काफी दिलचस्प है. 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए करीब 25 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है. महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं, जिनमें राजद, कांग्रेस, वाम दल और अन्य सहयोगी शामिल हैं. ऐसे में गठबंधन को इस बार केवल एक सीट मिलने की संभावना है. यही वजह है कि उम्मीदवार चयन को लेकर अंदरखाने खींचतान बढ़ गई है.
इधर, लालू प्रसाद यादव जल्द ही स्वास्थ्य जांच के लिए सिंगापुर जाने वाले हैं. वहां वे अपनी बेटी रोहिणी आचार्य से भी मुलाकात करेंगे. माना जा रहा है कि परिवार रोहिणी को भी सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिका देने पर विचार कर रहा है. पिछले कुछ समय से रोहिणी पार्टी की रणनीतियों और चुनावी हार को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करती रही हैं. उन्होंने लालू यादव का घर छोड़ दिया था. वह अपने पति और बच्चों के साथ सिंगापुर में रहती हैं. अब लालू यादव एमएलसी चुनाव के लिए बेटी रोहिणी को मना सकते हैं.







