आरजेडी में राजनीतिक फैसलों का केंद्र कहां?

बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए राजद ने जब डॉ. सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया, तब इसे एक सामान्य राजनीतिक और रणनीतिक फैसला माना गया. लेकिन कुछ ही घंटों में यह निर्णय पार्टी और लालू परिवार के भीतर चर्चा का विषय बन गया. परिवार के भीतर से असहमति की आवाज सामने आईं, सोशल मीडिया […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 9 जून 2026, 06:50 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
आरजेडी में राजनीतिक फैसलों का केंद्र कहां?
Photo: UB India News Archive
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए राजद ने जब डॉ. सुनील कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया, तब इसे एक सामान्य राजनीतिक और रणनीतिक फैसला माना गया. लेकिन कुछ ही घंटों में यह निर्णय पार्टी और लालू परिवार के भीतर चर्चा का विषय बन गया. परिवार के भीतर से असहमति की आवाज सामने आईं, सोशल मीडिया पर नाराजगी दिखी, लेकिन इसके बावजूद उम्मीदवार नहीं बदला गया. यहीं से एक बड़ा राजनीतिक सवाल खड़ा हुआ कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम का असली संदेश क्या है?
दरअसल, चर्चा सिर्फ इस बात की नहीं है कि सुनील सिंह को टिकट क्यों मिला. राजनीतिक हलकों में इससे भी बड़ी चर्चा इस बात की है कि इस फैसले ने राजद के भीतर बदलते शक्ति संतुलन की ओर इशारा किया है. यही वजह है कि इस चुनाव से ज्यादा चर्चा उस संदेश की हो रही है, जो इस फैसले के जरिए गया है. क्या यह संकेत है कि अब पार्टी में राजनीतिक फैसलों का केंद्र पूरी तरह तेजस्वी यादव बन चुके हैं?

सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर इतना शोर क्यों?

बता दें कि सुनील कुमार सिंह राजद के पुराने और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं. वे लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े रहे हैं और लालू परिवार के करीबी माने जाते हैं. राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई के रूप में भी उनकी पहचान रही है. राजनीतिक संकट के कई मौकों पर वे पार्टी के लिए मुखरता से खड़े दिखे हैं. ऐसे नेता को टिकट मिलना सामान्य बात हो सकती थी, लेकिन मामला तब चर्चा में आ गया जब लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जाहिर की. उनके सोशल मीडिया पोस्ट को सीधे तौर पर इसी फैसले से जोड़कर देखा गया. इसके बाद पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा शुरू हो गई.

विरोध दिखा, लेकिन फैसला नहीं बदला

राजद की राजनीति में लंबे समय तक यह धारणा रही है कि परिवार की राय और लालू प्रसाद यादव की इच्छा का विशेष महत्व होता है. ऐसे में जब परिवार के भीतर से असहमति की झलक सामने आई तो राजनीति के जानकारों को भी लगा कि शायद फैसले पर पुनर्विचार की गुंजाइश हो. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. उम्मीदवार वही रहे और नामंकन भी हो गया. खास बात यह कि पार्टी नेतृत्व की ओर से भी किसी तरह की नरमी नहीं दिखाई गई.
RJD internal conflict Zoom
RJD का नया पावर सेंटर: सुनील सिंह के टिकट पर रोहिणी की बगावत के क्या हैं मायने?

क्या बदल चुका है राजद का शक्ति केंद्र?

तेज प्रताप और रोहिणी को क्या संदेश गया?

वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार शर्मा कहते हैं कि बीते वर्षों में संगठन के भीतर भी तेजस्वी यादव की भूमिका लगातार मजबूत हुई है. अब तो वह कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और खुद लालू यादव ने ही उन्हें अपनी विरासत सौंपी है. ऐसे में सुनील सिंह की उम्मीदवारी को इसी बदलाव की एक और कड़ी कहा जा सकता है. इस फैसले का एक संदेश परिवार के भीतर भी देखा जा रहा है. रोहिणी आचार्य की सार्वजनिक नाराजगी और बदली राजनीतिक और पारिवारिक परिस्थितियों में तेज प्रताप यादव की सीमित भूमिका के बीच लिया गया यह निर्णय बताता है कि राजनीतिक फैसले अब पारिवारिक पसंद-नापसंद के आधार पर नहीं चलेंगे. अशोक कुमार शर्मा का मानना है कि इस घटनाक्रम ने परिवार के अन्य सदस्यों को भी यह संदेश दिया है कि संगठनात्मक निर्णयों में अंतिम अधिकार किसके पास है.
RJDZoom
सुनील सिंह को टिकट और राजद में बदलते सत्ता समीकरण, क्या तेजस्वी ने दे दिया बड़ा राजनीतिक संदेश?

राजपूत राजनीति का भी जुड़ा है समीकरण

वहीं, अशोक कुमार शर्मा इस फैसले के पीछे एक चुनावी पहलू भी देखते हैं. दरअसल, भाजपा ने पवन सिंह जैसे चर्चित सवर्ण (राजपूत) चेहरे को विधान परिषद भेजने का फैसला किया है. ऐसे में राजद के सामने भी इस समाज को संदेश देने की चुनौती थी. सुनील सिंह राजपूत समुदाय से आते हैं और लंबे समय से पार्टी में सक्रिय हैं. इसलिए उनकी उम्मीदवारी को राजपूत समाज तक पहुंच बनाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है. इससे राजद ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी केवल अपने पारंपरिक सामाजिक आधार तक सीमित नहीं रहना चाहती.

सबसे बड़ा संदेश क्या है?

अशोक कुमार शर्मा कहते हैं कि सुनील सिंह की उम्मीदवारी से कई संदेश निकले हैं. पुराने और भरोसेमंद नेताओं को सम्मान देने का संदेश, राजपूत समाज को साधने का संदेश और संगठनात्मक अनुशासन का संदेश. लेकिन इन सबके बीच जो संदेश सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह राजद के भीतर नेतृत्व को लेकर है. यही कारण है कि इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक गलियारों में इसे उस खास संकेत के तौर पर पढ़ा जा रहा है, जिसमें यह धारणा और मजबूत हुई है कि राजद में अब राजनीतिक फैसलों की धुरी तेजस्वी यादव हैं.
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…
जिलावार

आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…

बिहार एनडीए में आरक्षण की समीक्षा को लेकर उठे विवाद और धमासान के बीच इसमें लालू यादव परिवार की एंट्री हो गई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर से एक्स पर पोस्ट कर इस मामले में बड़ी बात कही है। ध्यान रहे कि इस मामले को लेकर जीतन राम मांझी और चिराग पासवान में सियासी शीत युद्ध जारी है।

UB India News Desk30 अग॰
बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…
समाचार

बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…

पटना में रविवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। वहीं, गोली लगने से SI राजू कुमार सिंह घायल हो गए। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार के सिर में भी चोट लगी है। SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, पुलिस और अपराधी के बीच कुल 62 राउंड फायरिंग हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

UB India News Desk30 अग॰
पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..
पटना

पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..

पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने आज अधिकार मार्च निकाला। इसमें 50 के करीब कार्यकर्ता नजर आए। ये मार्च फ्लॉप दिखाई दिया। गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी। 30 थानेदारों […]

UB India News29 अग॰
नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं
दुर्घटना

नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं

CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक बैराज का हवाई सर्वे किया। इसके बाद वे गंडक बैराज पहुंचे। CM यहां सिर्फ 8 मिनट रुके। इस दौरना उन्होंने अधिकारियों से स्थिति को समझा। आगे की प्लानिंग की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। खतरा अभी टला नहीं है। सभी लोग अपने […]

UB India News27 अग॰
पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………
पटना

पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………

बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चौंकाने वाला बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने बीपीएससी छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए बहुत सारी बातों को कहा। उसमें उन्होंने ये भी कहा कि ये लोग किस घमंड में हैं। कब जाने वाले हैं। ये उनको पता है। तेजस्वी ने कहा कि […]

UB India News25 अग॰
सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………
पटना

सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना, बेगूसराय और भागलपुर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। भागलपुर एयरपोर्ट पर अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से बात की। फरक्का बराज के गेट को खोलने का आग्रह किया। सभी गेट खोल दिए गए। इससे […]

UB India News25 अग॰
किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….
पटना

किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….

बिहार के सरकारी स्कूलों में संचालित पाठ्यक्रम में चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल के संघर्ष और जीवनी को शामिल किया जाएगा। स्कूली छात्र अब चंपारण आंदोलन, चंपारण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यात्रा, नील की खेती के खिलाफ आंदोलन में पंडित राजकुमार शुक्ल के कामों के बारे में पढ़ेंगे। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री […]

UB India News25 अग॰