उपेंद्र कुशवाहा अपने बेटे को मंत्री बनाए रखने के लिए क्या कर सकते हैं?

RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के पास 144 दिन हैं। अगर वह 6 नवंबर 2026 तक MLA या MLC नहीं बनवा पाते हैं तो उनके बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री पद छोड़ना होगा। पार्टी बचाने के लिए कुशवाहा ने दीपक को बिना किसी सदन का सदस्य बनाए मंत्री बनवा दिया, लेकिन अब उनकी कुर्सी खतरे में है। […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 15 जून 2026, 08:07 AM 8 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
उपेंद्र कुशवाहा अपने बेटे को मंत्री बनाए रखने के लिए क्या कर सकते हैं?
Photo: UB India News Archive

RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के पास 144 दिन हैं। अगर वह 6 नवंबर 2026 तक MLA या MLC नहीं बनवा पाते हैं तो उनके बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री पद छोड़ना होगा। पार्टी बचाने के लिए कुशवाहा ने दीपक को बिना किसी सदन का सदस्य बनाए मंत्री बनवा दिया, लेकिन अब उनकी कुर्सी खतरे में है। ऐसे में सवाल है कि क्या बेटे को मंत्री बनाए रखने के लिए मां स्नेहलता अपने विधायक पद की कुर्बानी देंगी? या कुशवाहा चुनाव में दम दिखाएंगे।

11 जून को बिहार विधान परिषद चुनाव में सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें एक नाम नहीं था, जिसपर सबकी नजर थी। वह हैं दीपक प्रकाश। दीपक बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं। कुशवाहा की पार्टी RLM के पास चार विधायक हैं। उन्हें भरोसा था कि बीजेपी दीपक को विधान परिषद भेज देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब उनके सामने दो चुनौतियां एक साथ हैं। बेटे को सदन भेजना और अपनी पार्टी को टूट से बचाए रखना। कार्यकर्ताओं के बीच कह चुके हैं कि एक पद के लिए पार्टी समाप्त हो यह मंजूर नहीं। हालांकि कुशवाहा पहले (14 मार्च 2021 को) अपनी पार्टी रालोसपा का विलय नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में कर चुके हैं। 20 फरवरी 2023 को उन्होंने जेडीयू छोड़कर नई पार्टी RLM बनाई थी। उपेंद्र ने ‎कहा है कि ‎दीपक मंत्री रहेंगे या नहीं, यह भाजपा‎ के शीर्ष नेतृत्व के लिए सोचने का‎ विषय है।

मंत्री दीपक प्रकाश को नहीं मालूम, कैसे जाएंगे सदन

हमने मंत्री दीपक प्रकाश से बात की। उनसे पूछा कि आप विधानसभा या विधान परिषद किस सदन के सदस्य बनाए जाएंगे ताकि 6 माह पूरे होने के बाद भी मंत्री बने रह सकें?

इसपर दीपक ने कहा कि मुझे कोई जानकारी नहीं कि कैसे सदन भेजा जाएगा। एनडीए गठबंधन के नेतृत्वकर्ता ही आपको इस बारे में बता पाएंगे।

अब तक उपेंद्र कुशवाहा ने ये 3 ऑप्शन ठुकराए

  1. RLM के पास चार विधायक हैं। इसमें से एक उनकी पत्नी स्नेहलता हैं। चार में से तीन विधायकों के बारे में कहा जाता रहा कि वे बीजेपी के संपर्क में हैं। बीच-बीच में असंतोष दिखता भी रहा है। कहा गया कि कुशवाहा अपनी पार्टी का विलय बीजेपी में कर लें। उन्होंने अब तक बेटे को MLC बनाने के लिए अपनी पार्टी की कुर्बानी देना कबूल नहीं किया है।
  2. पत्नी से इस्तीफा दिलाकर बेटे को उनकी सीट से चुनाव लड़ा सकते थे। हालांकि यह आसान रास्ता नहीं। इस पर भी चलने को कुशवाहा अब तक तैयार नहीं हुए।
  3. वादाखिलाफी का आरोप लगाकर एनडीए से अलग हो सकते थे। बीजेपी व जेडीयू के खिलाफ मोर्चा खोल सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया।

अब उपेंद्र कुशवाहा के पास हैं ये चार रास्ते

1- नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद बांकीपुर सीट पर विधानसभा का उप-चुनाव होना है। इस सीट से दीपक प्रकाश चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन उन्हें पता है कि नितिन नवीन अपने किसी खास को उम्मीदवार बनवाएंगे। बहुत संभव है किसी कायस्थ को उम्मीदवार बनाया जाए। इसलिए इस सीट के लिए उपेन्द्र कुशवाहा जोर-आजमाइश नहीं कर रहे हैं।

2- बीजेपी के विधायक राजू सिंह को गैर इरादतन हत्या व आर्म्स एक्ट मामले में दोषी ठहराया गया है। अगर उन्हें 2 साल से अधिक की सजा होती है तो उनकी विधायकी खत्म हो जाएगी। ऐसे में उनकी सीट साहेबगंज पर उप-चुनाव होंगे। दीपक यहां से चुनाव लड़ सकते हैं। बीजेपी तैयार हो भी जाए तो यहां से जीत आसान नहीं होगी।

3- बिहार विधान परिषद में 5 साल पहले बीजेपी ने राज्यपाल कोटे से जनक राम, प्रो. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, देवेश कुमार घनश्याम ठाकुर, प्रमोद कुमार और निवेदिता सिंह को भेजा था। किसी का इस्तीफा कराकर दीपक प्रकाश को संजीवनी दी जा सकती है।

हालांकि, दीपक बीजेपी में शामिल नहीं होंगे या उनकी पार्टी का विलय बीजेपी में नहीं होगा तो बीजेपी उनके प्रति सहानुभूति दिखाएंगी, इसकी संभावना कम है। विधान परिषद में राज्यपाल कोटे की सीटें 16 मार्च 2027 को खाली हो रही हैं।

4. विधान परिषद की स्नातक निर्वाचन और शिक्षक निर्वाचन की 4-4 सीटें नवंबर में खाली हो रही हैं। इससे पहले यहां चुनाव कराएं जाएंगे।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना से जेडीयू के नीरज कुमार, कोसी से बीजेपी के डॉ. एन. के. यादव, तिरहुत से निर्दलीय वंशीधर बृजवासी और दरभंगा से निर्दलीय सर्वेश कुमार एमएलसी हैं।

शिक्षक निर्वाचन की बात करें तो पटना से बीजेपी के नवल किशोर यादव, दरभंंगा से कांग्रेस के मदन मोहन झा, तिरहुत से सीपीआईएम के संजय सिंह और सारण से निर्दलीय आफाक अहमद एमएलसी हैं।

आफाक को जनसुराज ने समर्थन दिया था। दीपक इनमें से किसी एक सीट पर चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि उनके लिए चुनाव लड़कर जीतना आसान काम नहीं होगा।

उपेंद्र कुशवाहा आगे क्या करेंगे, ये हैं दो विकल्प

1- मोदी कैबिनेट में शामिल हो जाएं

सूत्रों के मुताबिक, 20 जून के आसपास केंद्र में मोदी कैबिनेट में फेरबदल हो सकती है। भाजपा की ओर से उपेंद्र कुशवाहा को ऑफर दिया गया है कि मोदी कैबिनेट में शामिल हो जाइए।

बात उपेंद्र कुशवाहा के मोदी कैबिनेट में मंत्री बनने की हो और दूसरी तरफ बेटे का करियर हो तो कुशवाहा बेटे का करियर चुनेंगे। कुशवाहा पहले 2014 की मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं। सियासी गलियारे की चर्चा की मानें तो कुशवाहा ने पार्टी के विलय के ऑफर को ठुकराया है।

2. पत्नी की जगह बेटे को विधायक बनाएं

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने कुशवाहा को साफ कह दिया है कि दीपक को मंत्री बनाए रखना है या नहीं, यह उपेंद्र कुशवाहा खुद तय करें।

अगर बेटे का पॉलिटिकल करियर बचाये रखना है तो कुशवाहा को अपनी पत्नी स्नेहलता कुशवाहा को विधायक पद से इस्तीफा दिलाना होगा। फिर सीट खाली होने पर बेटे को वहां से चुनाव लड़ाए और जिताएं।

अगर इस महीने या अगले महीने भी स्नेहलता कुशवाहा सासाराम विधानसभा सीट से इस्तीफा देती हैं तो संभव है कि बांकीपुर के साथ यहां भी उप-चुनाव हो।

बांकीपुर विधानसभा सीट 30 मार्च को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफा देने से खाली हुई है। वहां 6 महीने के अंदर यानी 30 सितंबर तक चुनाव करना अनिवार्य है।

अगर कुशवाहा की पत्नी इस्तीफा देंगी तो दोनों उप-चुनाव साथ होंगे। अगर दीपक लड़कर जीते तो उनका मंत्री पद बरकरार रहेगा।

वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क कहते हैं कि उपेन्द्र कुशवाहा अपनी पत्नी स्नेहलता से इस्तीफा दिलवाकर उप-चुनाव में बेटे दीपक को जीत दिला सकते हैं। आरएलएम में दीपक के लिए मां स्नेहलता को छोड़कर कोई दूसरा विधायक अपनी कुर्बानी को तैयार नहीं है।

हम पार्टी से 2 सीख ले सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा

पहली: एक समय जीतन राम मांझी और उनके बेटे डॉ. संतोष सुमन पर काफी दबाव था कि वे हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) का विलय जेडीयू में कर लें। मांझी तैयार नहीं हुए।

उनके बेटे सुमन ने मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया, लेकिन हम का विलय जेडीयू में नहीं किया। आगे जीतन राम मांझी गयाजी से लोकसभा का चुनाव जीते और केन्द्र में मंत्री बनाए गए। बेटे संतोष सुमन को दो विभागों का प्रभार मिला। 2025 में हम ने विधानसभा चुनाव में 5 सीटों पर जीत हासिल की।

दूसरी: अपनी पार्टी को टूट से बचाने के लिए परिवारवाद को बढ़ावा दें। हम पार्टी में जीतन राम मांझी सांसद हैं, उनकी समधन ज्योति मांझी और बहू दीपा मांझी विधायक हैं।

पुत्र संतोष कुमार सुमन एमएलसी व बिहार सरकार में मंत्री हैं। दामाद प्रफुल्ल कुमार मांझी भी पार्टी से जुड़े हुए हैं। इस वजह से हम पार्टी में टूट का खतरा नहीं के बराबर रहता है।

RJD और JDU से भी सीख ले सकते हैं कुशवाहा

आरजेडी में पार्टी की कमान लालू प्रसाद ने हमेशा अपने पास रखी। वे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पार्टी का उत्तराधिकारी घोषित करने का समय आया तो अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया।

चारा घोटाला में जेल जाने लगे थे तो किसी पर भी भरोसा नहीं किया बल्कि अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनवाया। बेटी मीसा भारती को पाटलिपुत्र से तीन बार लोकसभा का टिकट दिया, दो बार राज्यसभा भी भेजा। अभी मीसा भारती पाटलिपुत्र से सांसद हैं। बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी का बनाया।

नीतीश कुमार ने जब तय किया कि राज्यसभा जाएंगे तो अपने बेटे निशांत कुमार को मंत्री और एमएलसी बनाकर पार्टी में टकराव रोकने की कोशिश की। जेडीयू में नीतीश कुमार के करीबी नेता निशांत में नीतीश कुमार की छाया देख रहे हैं।

समय का इंतजार कर रहे उपेंद्र कुशवाहा

 दीपक 6 महीने तक मंत्री तो बने रह ही सकते हैं। किसी सदन का सदस्य नहीं बन पाएंगे तो सम्राट चौधरी की तरह उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। अभी बीजेपी इतनी ताकतवर है कि उपेंद्र कुशवाहा उससे लड़ नहीं सकते।

 

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…
जिलावार

आरक्षण की समीक्षा पर घमासान में लालू परिवार की एंट्री…

बिहार एनडीए में आरक्षण की समीक्षा को लेकर उठे विवाद और धमासान के बीच इसमें लालू यादव परिवार की एंट्री हो गई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर से एक्स पर पोस्ट कर इस मामले में बड़ी बात कही है। ध्यान रहे कि इस मामले को लेकर जीतन राम मांझी और चिराग पासवान में सियासी शीत युद्ध जारी है।

UB India News Desk30 अग॰
बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…
समाचार

बिहटा एनकाउंटर में SI समेत तीन पुलिसकर्मी घायल,62 राउंड फायरिंग…

पटना में रविवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। वहीं, गोली लगने से SI राजू कुमार सिंह घायल हो गए। बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार के सिर में भी चोट लगी है। SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, पुलिस और अपराधी के बीच कुल 62 राउंड फायरिंग हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।

UB India News Desk30 अग॰
पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..
पटना

पटना में भीम आर्मी और आजाद समता पार्टी का अधिकार मार्च फ्लॉप…………..

पटना में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने आज अधिकार मार्च निकाला। इसमें 50 के करीब कार्यकर्ता नजर आए। ये मार्च फ्लॉप दिखाई दिया। गांधी मैदान से शुरू हुए मार्च को पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। यहां 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी। 30 थानेदारों […]

UB India News29 अग॰
नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं
दुर्घटना

नेपाल के पानी ने बनाए बाढ़ जैसे हालात , क्या टल गई बड़ी तबाही !CM सम्राट बोले- खतरा अभी टला नहीं

CM सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंडक बैराज का हवाई सर्वे किया। इसके बाद वे गंडक बैराज पहुंचे। CM यहां सिर्फ 8 मिनट रुके। इस दौरना उन्होंने अधिकारियों से स्थिति को समझा। आगे की प्लानिंग की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। खतरा अभी टला नहीं है। सभी लोग अपने […]

UB India News27 अग॰
पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………
पटना

पता है कि बिहार में सरकार के साथ क्या होने वाला है………

बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चौंकाने वाला बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने बीपीएससी छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए बहुत सारी बातों को कहा। उसमें उन्होंने ये भी कहा कि ये लोग किस घमंड में हैं। कब जाने वाले हैं। ये उनको पता है। तेजस्वी ने कहा कि […]

UB India News25 अग॰
सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………
पटना

सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया,फरक्का बराज के सभी गेट खोले………

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना, बेगूसराय और भागलपुर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। भागलपुर एयरपोर्ट पर अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से बात की। फरक्का बराज के गेट को खोलने का आग्रह किया। सभी गेट खोल दिए गए। इससे […]

UB India News25 अग॰
किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….
पटना

किताबों में शामिल होगी पं. राजकुमार शुक्ल की जीवनी…….

बिहार के सरकारी स्कूलों में संचालित पाठ्यक्रम में चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल के संघर्ष और जीवनी को शामिल किया जाएगा। स्कूली छात्र अब चंपारण आंदोलन, चंपारण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यात्रा, नील की खेती के खिलाफ आंदोलन में पंडित राजकुमार शुक्ल के कामों के बारे में पढ़ेंगे। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री […]

UB India News25 अग॰