सबौर स्थित बिहार कृषि विवि (बीएयू) में आयोजित राष्ट्रीय आम समागम में आने का तीन माह से इंतजार कर रहा था। काफी अफसोस है कि खराब मौसम की वजह से यह संभव नहीं हो सका। आम प्रकृति की अनुपम देन है, बल्कि इसका ग्रामीण विकास, बागवानी अर्थव्यवस्था, पोषण सुरक्षा और एक्सपोर्ट में भी बड़ा योगदान है। इसका अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, जिसका उल्लेख ग्रंथों में भी है। आमों की इतनी वेरायटी का नाम जीवन में पहली बार बिहार में ही आकर देखा और सुना। मेरा अनुभव है कि बिहार का आम देश का सबसे बेहतर आम है।
यह बातें रविवार को बीएयू में आयोजित राष्ट्रीय आम समागम सह कार्यशाला के समापन पर मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कही। वे कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से लोकभवन से जुड़े थे। खराब मौसम की वजह से वे भागलपुर आने के लिए हवाई अड्डा से उड़े, लेकिन रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। उनके साथ कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा भी थे।
राज्यपाल ने विवि में आयोजित कार्यक्रम को उत्कृष्ट बताया। साथ ही कहा कि अगली बार यह आयोजन आम के मौसम के बीच में कर लिया जाएगा, वे सड़क मार्ग से ही आएंगे जरूर। कृषि मंत्री सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक आम के पीछे किसानों की मेहनत और प्रकृति का आशीर्वाद निहित है। भागलपुर का जर्दालू आम विश्वभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है, जिसमें बीएयू के वैज्ञानिकों का महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि कृषि विभाग उसके सभी प्रगतिशील एवं नवाचार आधारित कार्यों में निरंतर सहयोग करता रहेगा। समापन समारोह के मौके पर अतिथियों का स्वागत अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह ने किया।
उन्होंने कहा कि आम के विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर यह एक अभूतपूर्व आयोजन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में बिहार देश का नंबर-1 आम उत्पादक राज्य बनेगा।
कार्यक्रम रद्द होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की हुई व्यवस्था
समापन कार्यक्रम में मंच पर कुलपति के अलावा आईसीएएआर के सहायक निदेशक डॉ. विश्वबंधु पटेल, भागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल, नगर विधायक रोहित पांडेय, पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान, सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल मौजूद रहे। उनका स्वागत बारी-बारी से कुलपति ने किया। इस अवसर पर जर्दालू आम का पन्ना, लाह की बनी कलम सहित कई सामग्री और अन्य रचनाओं का विमोचन किया गया। सारे कार्यक्रम के दौरान लोकभवन से कुलाधिपति और कृषि मंत्री जुड़े रहे। कुलाधिपति का कार्यक्रम रद्द होने के बाद बीएयू के मीडिया सेंटर की टीम ने तत्काल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सारी व्यवस्थाएं की। इस मौके पर निदेशक प्रशासन डॉ. राजेश कुमार, डीएसडब्ल्यू डॉ. श्वेता शांभवी, कृषि डीन डॉ. एके साह, अनुसंधान निदेशक डॉ. एके सिंह, निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र डॉ. फिजा अहमद, तकीनकी जानकारी देने के लिए केवीके की वैज्ञानिक डॉ. ममता कुमारी, डॉ. अनिता कुमरी, डॉ. रूबी रानी सहित अन्य विभागों के डीन, अध्यक्ष आदि मौजूद थे।







