बिहार सरकार ने सोशल मीडिया और पेपर लीक को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) 2024 में संशोधन को मंजूरी दी गई है. नए नियम लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा या किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक […]
By UB India News • Patna, Bihar मंगलवार, 21 जुलाई 2026, 07:40 AM • 3 मिनट read
बिहार सरकार ने सोशल मीडिया और पेपर लीक को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) 2024 में संशोधन को मंजूरी दी गई है. नए नियम लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा या किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना महंगा पड़ सकता है. ऐसे मामलों में गुंडा एक्ट यानी सीसीए के तहत कार्रवाई होगी.
सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. कई लोग फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और दूसरे प्लेटफॉर्म पर गाली-गलौज करते हैं. कई बार किसी व्यक्ति की छवि खराब करने के लिए भी आपत्तिजनक पोस्ट लिखी जाती है. अब ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
क्या होगा नया नियम?
- सोशल मीडिया पर गाली-गलौज करने पर कार्रवाई होगी.
- अभद्र भाषा या आपत्तिजनक पोस्ट लिखना अपराध माना जाएगा.
- दोषियों पर गुंडा एक्ट (CCA) लगाया जा सकेगा.
- ऐसे मामलों में 6 महीने से 1 साल तक की जेल हो सकती है.
पेपर लीक किया तो गए…
सरकार ने पेपर लीक करने वालों पर भी सख्ती करने का फैसला लिया है. अब परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने वाले भी बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के दायरे में आएंगे. यानी ऐसे आरोपियों पर भी गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकेगी. सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की कई घटनाएं सामने आई हैं. इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है. इसी वजह से सरकार ने कानून को और सख्त बनाने का फैसला लिया है.
पेपर लीक पर क्या होगा?
- पेपर लीक करने वालों पर सीसीए के तहत कार्रवाई होगी.
- संगठित तरीके से पेपर लीक करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी.
- सरकार का कहना है कि इससे पेपर लीक पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
सरकार का कहना है कि अपराध का तरीका तेजी से बदल रहा है. अब साइबर अपराध, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और ऑनलाइन ठगी जैसे मामले बढ़ रहे हैं. इन्हें देखते हुए कानून में बदलाव जरूरी था. नए नियमों से पुलिस और जांच एजेंसियों को कार्रवाई करने में आसानी होगी.
कैबिनेट के अहम फैसले
कैबिनेट बैठक में शिक्षा से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए गए. बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई. इसके अलावा बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक-2026 को भी हरी झंडी मिली. मुजफ्फरपुर में शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है.
कैबिनेट के बड़े फैसले
- सोशल मीडिया पर गाली-गलौज करने वालों पर सख्त कार्रवाई.
- अभद्र पोस्ट करने वालों पर गुंडा एक्ट लगाया जाएगा.
- 6 महीने से 1 साल तक की सजा का प्रावधान.
- पेपर लीक करने वाले भी सीसीए के दायरे में आएंगे.
- साइबर और डिजिटल अपराधों पर सरकार सख्त.
- बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय कानून में संशोधन.
- बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक-2026 को मंजूरी.
- मुजफ्फरपुर में नए वास्तुकला एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी.
बिहार सरकार का कहना है कि इन फैसलों का मकसद कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना है. साथ ही सोशल मीडिया पर बढ़ रही अभद्रता और पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर सख्ती से रोक लगाना भी सरकार की प्राथमिकता है.