भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की बांकीपुर उपचुनाव में एंट्री हो गई है। भरत के परिजनों ने वोटिंग के ठीक तीन दिन पहले जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भाभी ने कहा, 15 दिनों में भरत को न्याय दिलाने का भरोसा जताते हुए प्रशांत किशोर ने उनके लिए प्रचार करने को कहा।
परिजनों का ये भी आरोप है कि प्रशांत किशोर ने उन्हें एक बड़े वकील से मिलवाने के बहाने अपने कार्यालय बुलाया, लेकिन वहां उनकी तस्वीर खिंचवाकर सोशल मीडिया पर यह प्रचारित कर दिया कि भरत तिवारी का परिवार उनसे मिलने आया है।
इधर बीजेपी सांसद से भरत की मां और भाभी की बातचीत का वीडियो वाायरल है, जिसमें मां आशा देवी और भाभी सुमन देवी दावा कर रही हैं कि जन सुराज के प्रशांत किशोर ने उन्हें बांकीपुर उपचुनाव में अपने पक्ष में प्रचार करने के लिए कहा था।
बीजेपी इसे ओछी राजनीति बता रही है, वहीं जन सुराज ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।
‘फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला’
भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी ने बताया कि घटना के चार-पांच दिन बाद ननद रूबी तिवारी समेत अन्य परिवार को अपने आवास पर बुलाए थे। कहा था कि पंद्रह दिन के अन्दर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो हमलोग आंदोलन करेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया। फोन नंबर देने के बाद भी हमलोगों ने कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने रिसीव नहीं दिया। घर पर आकर कई बड़े-बड़े आश्वासन दिया था।
सम्राट सरकार पर पूरा भरोसा
सुमन ने आगे कहा कि 24 जुलाई को हमलोगों ने सांसद मनोज तिवारी से भी मुलाकात की थी, घटना की पूरी तरह जानकारी दी। मेरे देवर की हत्या कर दी गई है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। जिसके लिए भरत लड़ाई लड़ रहे थे आज उनकी हालत बद से बदतर बनी हुई है।
उसी दिन परिवार के लोगों की मुलाकात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हुई। उन्हें शुरू से लेकर अंत तक की जानकारी दी गई। उन्हें आधी-अधूरी बात बताई गई थी। उसके बाद CM सर ने आश्वासन दिया है कि 48 घंटे के अंदर कार्रवाई की जाएगी। मुझे विश्वास है कि सम्राट सरकार हमारे परिवार को न्याय दिलाकर रहेंगे।
‘हर चीज में राजनीति ठीक नहीं’
उधर, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी इस मुद्दे पर प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि शोकाकुल परिवार को न्याय और सांत्वना देने की जरूरत है, न कि उन्हें चुनावी राजनीति में शामिल करने की। जिस परिवार ने अपना बेटा खोया है, उससे चुनाव प्रचार की बात करना संवेदनहीनता है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि प्रशांत किशोर ओछी राजनीति करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी की मां से बांकीपुर उपचुनाव में प्रचार करने को कहा गया था, लेकिन परिवार ने मना कर दिया।
CM से मुलाकात के बाद 2 अफसर हटे
शुक्रवार को भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने पटना में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने भावुक परिजनों को ढांढस बंधाया और साफ कहा कि सरकार उनके साथ है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
परिजनों से मुलाकात के तुरंत बाद सरकार ने दो बड़ी कार्रवाई की। पहली कार्रवाई के तहत, जगदीशपुर के एसडीओ सुजीत कुमार को उनके पद से हटाकर सचिवालय हाजिर कर दिया गया है। भरत के परिजनों ने सुजीत कुमार पर प्रताड़ित करने के रोप लगाए थे। फिलहाल उन्हें कोई नया पद नहीं दिया गया है और वे सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देंगे।
दूसरी कार्रवाई आरोपी एसडीपीओ राजेश कुमार पर हुई है। एनकाउंटर के बाद राजेश कुमार को मद्य निषेध विभाग में तैनात किया गया था, जिसे लेकर परिजनों में भारी आक्रोश था। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद, सरकार ने उन्हें वहां से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया है। राजेश कुमार अब अगले पदस्थापन की प्रतीक्षा में मुख्यालय में रहेंगे।
मनोज तिवारी पर भड़के पप्पू
रविवार को पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव बिलौटी गांव पहुंचे और भरत तिवारी के परिजनों से मिले। मनोज तिवारी पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में एक छात्र पर गोली चली थी, उस आंदोलन को मनोज तिवारी ने कमजोर करने का काम किया था। अगर मनोज तिवारी को भरत के परिवार से सहानुभूति है तो उन्हें न्याय दिला दें।
पूरा देश भरत तिवारी के परिवार के साथ खड़ा था, जो है वो न्याय के लिए लड़ना चाहता है। आज कमजोर पड़ रहा है। मनोज तिवारी गृहमंत्री से सिफारिश करें, उनके एक फोन से सभी बाप-बाप करने लगेगा। इन लोगों का कोई मतलब नहीं होता है। उनके आने से मामला कमजोर पड़ गया है।
पूर्णिया सांसद को प्रशांत किशोर को घेरा
वहीं, पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भरत के परिवार को प्रशांत किशोर ने बेचने का काम किया है। उससे बड़ा धूर्त आदमी कोई नहीं है। चुनाव प्रचार के लिए ऑफर भी दिया है। बिहार में इतना बड़ा आंदोलन हुआ, एक बार भी देखने तक नहीं पहुंचा। 30 लड़कियां जेल में है। AK-47 से जख्मी युवक अस्पताल में भर्ती हैं। उसी के विधानसभा क्षेत्र में मेदांता हॉस्पिटल है, लेकिन किसी से मिलने तक नहीं पहुंचा।







